खुशियों की दास्तां
बाल श्रवण योजना की मदद से गणेश व कार्तिक अब बोल व सुन सकेंगे
बाल श्रवण योजना की मदद से गणेश व कार्तिक अब बोल व सुन सकेंगे
खण्डवा 10 अक्टूबर, 2019 - खण्डवा जिले के ग्राम गोलारी निवासी विकलांग सोनू गायकवाड़ के घर में बडी मनतों के बाद दो बच्चों ने जन्म लिया और दोनों बच्चें गणेश व कार्तिक जन्म से ही ना सुन सकते थे और नही बोल सकते थे। सोनू स्वयं पैरो से विकलांग है तथा उसकी पत्नी भी ना तो सुन सकती है नहीं बोल सकती है, उपर से दोनों बच्चे गणेश व कार्तिक भी मूक बधिर पैदा हो गए। इन सब परेशारियों से सोनू बहुत दुखी था। उसे अपने दोनों मूक बधिर बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी। एक दिन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के शासकीय चिकित्सक डॉ. रेनू सिसोदिया, डॉ. महेन्द्र मौर्य व शरद पटेल ग्राम गोलारी पहुंचे। जहां इन चिकित्सकों ने दोनों बच्चों गणेश व कार्तिक की जांच कर उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। जिला अस्पताल खण्डवा में नाक कान गला विशेषज्ञ डॉक्टर अनिरूद्ध कौशल ने दोनों बच्चों की जांच कर मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना में उनका पंजीयन कराया और उच्च स्तरीय जांच के लिए भोपाल के दिव्य ई.एन.टी. हॉस्पिटल में पहुंचाया, जहां उन दोनों बच्चों की सभी जांचे निःशुल्क की गई। साथ ही साथ दोनों बच्चों की सर्जरी करने पर लगभग 13 लाख रूपये का एस्टीमेट बनाया गया। जिला स्तरीय समिति ने अनुमोदन के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीएस चौहान ने दोनों बच्चों गणेश व कार्तिक के लिए 6.50 लाख - 6.50 लाख रूपये मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के तहत स्वीकृत कर दिए। मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के तहत गत दिनों दोनों बच्चों का कोकलियर इंप्लांट सर्जरी भोपाल के दिव्य ई.एन.टी. अस्पताल में निःशुल्क की गई। ऑपरेशन के बाद डॉक्टर्स ने बताया कि कुछ महीनों की थेरेपी लेने के बाद दोनों बच्चे सामान्य बच्चों की तरह ही सुन पाएंगे और बोल भी पाएंगे। अपने दोनों बच्चों का सरकारी खर्चे पर ऑपरेशन कराकर श्री सोनू गायकवाड़ अब बहुत खुश है और शासन का धन्यवाद करता है। वह कहता है कि बच्चों के ऑपरेशन पर 13 लाख रूपये तो क्या वह 13 हजार रूपये भी खर्च करने की स्थिति में नही था। सरकार समय पर मदद न करती तो बच्चे भी अपनी मॉं की तरह मूक बधिर ही रह जाते। सोनू कहता है कि कुछ ही दिनों में जब बच्चे बोलने सुनने लगेंगे तो वह उन्हें अच्छे स्कूल में भेजकर उनका भविष्य सुधारेगा, ताकि गणेश व कार्तिक भी उसकी तरह परेशान हाल में न रहे।

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