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Thursday, 10 June 2021

उद्योग विभाग की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना‘ यश के लिए बनी वरदान

 सफलता की कहानी

उद्योग विभाग की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना‘ यश के लिए बनी वरदान

खण्डवा 10 जून, 2021 - खण्डवा जिले के ग्राम बावडि़या काजी निवासी श्री यश मोदी मैंनेजर की हैसियत से खण्डवा स्थित एक फूड प्रोसेसिंग यूनिट में कार्यरत था। इस दौरान यश भी स्वयं का रोजगार स्थापित करने की इच्छा प्रकट हुई। उसको फूड प्रोसेसिंग कार्य का अनुभव तो था किन्तु स्वयं की यूनिट के लिए अर्थाभाव होने के कारण समस्या खड़ी हो गई। यूनिट हेतु लागत व्यय, भू खण्ड, मषीनरी, कच्चामाल, कुषल एवं अकुषल कर्मचारियों की व्यवस्था बड़ी समस्या थी। उसने बताया कि इस समस्या का बारीकी से अध्ययन करने के बाद कुछ समय के लिए अवरोध उत्पन्न हो गया था। इसी बीच मध्यप्रदेष शासन की महत्वाकांक्षी योजना ‘‘ मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना‘‘ की जानकारी मिलने के पश्चात यश द्वारा जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, खण्डवा से संपर्क किया गया तथा इस योजना के संबंध में मित्रता पूर्ण व्यवहार के साथ कार्यालय द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। जानकारी के बाद यश की समस्त भ्रांतियाँ दूर हुई तथा योजना का लाभ लेने तथा स्वयं का रोजगार प्रारंभ करने के लिए यश विभिन्न उद्योगों का अध्ययन किया। अंततः यश ने काजू प्रोसेसिंग के लिए नियम एवं प्रक्रियानुसार ऑनलाईन आवेदन किया। यश ने बताया कि मेरे द्वारा ऑनलाईन आवेदन करने के उपरांत जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा चयनित बैंक को टास्क फोर्स समिति की स्वीकृति के बाद मेरा आवेदन पत्र बैंक ऑफ इंडिया मंडी शाखा को प्रेषित किया गया। बैंक द्वारा मुझे इस योजना हेतु 1 करोड़ 16 लाख का ऋण स्वीकृत किया गया। बैंक से ऋण मिलने के बाद मेरे द्वारा खण्डवा में काजू प्रोसेसिंग यूनिट की शुरूआत की गई। उक्त बिना कोलेटरल ग्यारंटी के प्राप्त हो रहा है।

यश ने बताया कि स्वयं के अधिपत्य में एक भूखण्ड था जिस पर यह यूनिट प्रारंभ की गई। इस यूनिट हेतु यूनिट की क्षमता अनुसार लगभग 50 लाख की लागत तक की विभिन्न मषीनरी आसानी से उपलब्ध हो जाती है। उसने बताया कि आवष्यक मषीनरी कर्नाटक से उपलब्ध हो जाती है जो इसी तरह कच्चा माल दक्षिण भारतीय राज्यों जैसे कर्नाटक, केरल इत्यादि से आसानी से उपलब्ध हो जाता है। कुषल और अकुषल कर्मचारी यूनिट की क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर सामान्य प्रषिक्षण देकर व्यवस्था की जा सकती है। यश ने बताया कि स्थापित यूनिट में 7 कुषल एवं 13 अकुषल कर्मचारी कार्यरत हैं। तैयार माल को स्थानीय, राज्य स्तर एवं अन्तर्राज्यीय स्तर पर मार्केटिंग के माध्यम से मांग के अनुरूप पूर्ति की जाती है। यश द्वारा स्थापित यूनिट में प्रत्यक्ष रोजगार के तहत 20 व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया गया है एवं अप्रत्यक्ष रूप लगभग 100 से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया गया है। अप्रत्यक्ष रोजगार हेतु कुली, मजदूरी, ट्रांसपोर्ट, इत्यादि शामिल हैं। इस यूनिट से यश द्वारा रोजगार युक्त कर्मचारियों के वेतन भत्तों के भुगतान के साथ ही बैंक ऋण की राषि का भी आसानी से भुगतान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के कारण मैं समान्य कर्मचारी से उद्योगपतियों की श्रेणी में अपने आपको स्थापित कर चुका हूॅ। इस छोटी यूनिट के विस्तार की भविष्य में भी संभावना है।

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