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Monday, 5 September 2016

शौचालयों के प्रति ग्रामीणों के ‘‘सोच‘‘ को बदले सरपंच -कलेक्टर श्रीमती नायक

शौचालयों के प्रति ग्रामीणों के ‘‘सोच‘‘ को बदले सरपंच
-कलेक्टर श्रीमती नायक
स्वच्छ भारत मिषन के तहत सरपंचों की उन्मुखीकरण कार्यषाला संपन्न

खण्डवा 3 सितम्बर 2016 - कलेक्टर श्रीमती स्वाति मीना नायक ने शनिवार को स्थानीय गौरीकुंज सभागृह में जिले की विभिन्न पंचायतों के सरपंचों की एक दिवसीय उन्नमुखीकरण कार्यषाला में संबोधित करते हुए सरपंचों से अपील की कि वे अपने गांव के ग्रामीणों की शौचालयों के प्रति सोच को बदले इसके लिये सरपंच अपने गांव के एक-एक घर में व्यक्तिगत संपर्क कर परिवार के मुखिया को प्रेरित करें। उन्होनें कहा कि शौचालय ना होने से जहां एक ओर गंदगी के कारण गांव में बीमारियां फैलती है वहीं दूसरी ओर महिलाओं के साथ अमर्यादित व्यवहार की विभिन्न घटनाऐं देखने को मिलती है। कलेक्टर श्रीमती नायक ने कार्यषाला में सरपंचों से विस्तार से चर्चा की तथा शौचालय निर्माण में आ रही बाधाओं से निपटने के उपाय बताये। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हसीनाबाई भाटे ने की। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर सुश्री अदिती गर्ग एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती सुचिस्मिता सक्सेना भी मौजूद थी। 
कलेक्टर श्रीमती नायक ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीणजन व गांव के सरपंच अपने लिये नहीं तो गांव के अन्य ग्रामीणों स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शौचालय का निर्माण करायें। उन्होनें बताया कि पिछले दिनों जिले के एक ग्राम में डायरिया की बीमारी फैलने की षिकायत प्राप्त हुई तो जांच में पता लगा कि उसके पीछे गांव के पेयजल स्त्रोत में शौचालय की गंदगी मिलने के कारण यह बीमारी फैली थी। कलेक्टर श्रीमती नायक ने कहा कि शौचालय निर्माण को सरकारी कार्यक्रम ना माने बल्कि शौचालय हर ग्रामीण की मूलभूत आवष्यकता है। उन्होनें कहा कि सरपंच भी लोक सेवक है वे अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। उन्होनें कहा कि दीपावली को पर्व पर ’’स्वच्छता पर्व ’’ रूप में मनाते है। अतः प्रयास करें कि दीपावली पर घर की साफ-सफाई के साथ ही सभी ग्रामीणजन अपने घर में शौचालय निर्मित कराये ताकि घर-घर के साथ-साथ गांव भी स्वच्छ रहे। कलेक्टर श्रीमती नायक ने कहा कि भविष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में उन्हीं सरपंचों की बात प्राथमिकता सुनी जायेगी, जिन्होंने अपने गांव में स्वच्छ भारत मिषन के तहत अच्छा कार्य किया है। कलेक्टर श्रीमती नायक ने सरपंचों से कहा कि मंगल दिवस पर सरपंच अपने गांव की आंगनवाड़ी केन्द्र में जाकर किषोरी बालिकाओं को उनके घरों में शौचालय बनवाने के लिये प्रेरित करें।  सरपंच के सवालो का उत्तर देते हुये कलेक्टर श्रीमती नायक ने कहा कि किसी भी हितग्राही का यदि किसी बैंक से कर्जा चल रहा है तो स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत उसे मिली प्रोत्साहन राशि से कर्ज की राशि नही काटी जायेगी इसके निर्देश समस्त बैंको को दिये जायेगे। कलेक्टर श्रीमती नायक ने सरपंचो को स्वच्छ भारत मिशन योजनांतर्गत संवेदनशीलता से कार्य करने की समझाईस दी।
कार्यशाला ने जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हसीना बाई बाबूलाल भाटे ने निमाडी भाषा में सभी सरपंचो को शौचालय के महत्व से अवगत कराया एवं कहा कि सरपंच यदि ग्रामीणो को शौचालय का उपयोग करने के लिये प्रेरित करेगें से ग्रामीण सहजता व सरलता से खुले में शौच जाना बंद कर देगे क्योंकि ग्रामीणो में चुने हुये प्रतिनिधियो के प्रति एक आस्था होती है। कार्यक्रम में सबसे पहले मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती शुचिस्मिता सक्सेना द्वारा सभी प्रतिभागियो को कार्यशाला की विषयवस्तु, स्वच्छ भारत के मिशन के उद्देश्यो व खुले में शौंच रोकने हेतु सरपंचो की महत्ता से सबको अवगत कराया। कार्यशाला में खुले में शौच से मुक्त हुई जिले की 12 ग्राम पचंायतो हीरापुर, जलकुआं, खोरदा, आशापुर, धावडी, खेडी, खातेगंाव, बोरगांवखुर्द, चमाटी, तोरनिया, धनोरा एवं रोसड के सरपंचो को सम्मानित किया गया। इस दौरान हीरापुर के सरपंच श्री अर्जुन पटेल एवं बोरगांवखुर्द के सरपंच श्री धर्मेन्द्र पांजरे द्वारा ग्राम पंचायतो को ओडीएफ करने संबंधी उनके अनुभव सबको बताये गये। कार्यशाला में स्वच्छता की अवधारणा, स्वच्छता के विकास में जन सहयोग एवं सहभागिता हेतु जन संवाद, शौचालय कैसे बनाएं, शौचालय की आवश्यक्ता आत्म सम्मान एवं आर्थिक विकास, सामाजिक व सांस्कृतिक विकास, तथा पर्यावरण सुधार संबंधित विषयों पर सरपंचों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री के.आर.कानूडे, जिला समनव्यक स्वच्छ भारत मिशन श्रीमती शीतल सिंह,  द्वारा प्रशिक्षण दिया गया कार्यशाला का संचालन श्री आलोक जोशी द्वारा किया गया।  

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