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Sunday, 11 September 2016

स्कूल षिक्षा मंत्री श्री षाह ने 3 हाई स्कूल भवनों का किया भूमिपूजन

स्कूल षिक्षा मंत्री श्री षाह ने 3 हाई स्कूल भवनों का किया भूमिपूजन
गोलखेड़ा, भराड़ी रैयत एवं सड़ियापानी में 1-1 करोड़ रू. से बनेंगे हाई स्कूल


खण्डवा 11 सितम्बर 2016 - स्कूल षिक्षा मंत्री कॅंुवर श्री विजय शाह ने रविवार को हरसूद विधानसभा क्षेत्र के 3 ग्रामों गोलखेड़ा, भराड़ी रैयत एवं सड़ियापानी सरकार ग्रामों में हाल ही में स्वीकृत नवीन हाई स्कूल भवनों के निर्माण कार्य का भूमिपूजन कर शुभारंभ किया। ये तीनों भवन 1-1 करोड़ रूपये लागत से बनवाये जा रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पूर्व के वर्षो में साईकिल खरीदने के लिए विद्यार्थियों के खाते में राषि जमा की गई थी, लेकिन कई विद्यार्थियों के पालकों ने उस राषि को अन्य कार्यो पर खर्च कर दिया और बच्चे साल भर साईकिल के अभाव में परेषान होते रहे। इस कारण इस वर्ष से सरकार ने बच्चों को एवन जैसी जानी मानी कम्पनी की साइकिलंे उपलब्ध कराने का निर्णय लिया हैं।
     स्कूल षिक्षा मंत्री श्री शाह ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में सभी हाई स्कूलों व हायर सेकेंडरी स्कूलों में पर्याप्त फर्नीचर उपलब्ध करा दिया जाएगा। अगले वित्तीय वर्ष में सभी प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में पर्याप्त फर्नीचर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह निर्णय भी लिया है कि सरकारी स्कूल की हर कक्षा में आगे वाली सीटों पर बदल बदल कर बच्चें बैठेंगे, ताकि सभी बच्चों को कक्षा में आगे बैठने का अवसर मिले और पीछे बैठने वाले बच्चे हीनभावना से ग्रस्त न हो। उन्होंने भराड़ी रैयत स्कूल की कक्षा 8 वीं की विद्यार्थी कुमारी सलोनी से इस संबंध में पूछताछ की कि इस निर्देष का इसके स्कूल में पालन हो रहा है कि नहीं। सलोनी ने बताया कि आगे वाली सीट पर हर दिन कक्षा के अलग अलग बच्चे बैठते हैं। मंत्री श्री शाह ने निर्माण एजेंसी पीआईयू के कार्यपालन यंत्री श्री शैलेष जैन को निर्देष दिए कि नवीन हाई स्कूलों के भवन बेहतर गुणवत्ता के साथ तीव्र गति से बनाये जायें ताकि अगले षिक्षा सत्र में बच्चे इन भवनों में पढ़ सके। उन्हांेने कहा कि देष की आजादी को 70 वर्ष हो चुके हैं। पहले 58 वर्षो में जितने स्कूल बने होंगे उससे कई गुना अधिक स्कूल भवन गत 12 वर्षो में प्रदेष सरकार ने बनवाये है, जिससे बच्चों को उच्च षिक्षा के लिए अन्य गांव में नही जाना पड़ता। अत्यंत छोटे गांवों में जहां स्कूल नहीं है उन गांव के बच्चों को स्कूल जाने के लिए सरकार साईकिल दे रही हैं, ताकि बच्चों को परेषानी न हो। 

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