नेशनल लोक अदालत सम्पन्न
खण्डवा 12 दिसम्बर, 2020 - म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार 12 दिसम्बर, 2020 को जिला न्यायालय खण्डवा सहित तहसील न्यायालय हरसूद, पुनासा एवं मांधाता (ओकंारेश्वर) में माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एल.डी.बौरासी के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में भारत सरकार एवं म.प्र. राज्य सरकार के अनुसार जारी कोविड-19 की गाईडलाईन को ध्यान में रखते हुये नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला न्यायालय खण्डवा में प्रातः 10ः30 बजे ए.डी.आर. सेन्टर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खंडवा में श्री एल.डी.बौरासी के कर कमलों से दीप प्रज्जवलन कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। उक्त अवसर पर विशेष न्यायाधीश श्री सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, कुटुम्ब न्यायालय प्रधान न्यायाधीश श्री रविन्द्र सिंह कुशवाह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री बी.एल.प्रजापति, एडीजे श्रीमती किरण सिंह, श्री तपेश कुमार दुबे, श्री के.पी. मरकाम, श्री हरिओम अतलसिया, जिला अभिभाषक संघ के सचिव श्री रविन्द्र पाथरीकर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री लक्ष्मण वर्मा, जिला रजिस्ट्रार श्री कपिल वर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट
विधिक सेवा संस्था के सचिव श्री बी.एल.प्रजापति एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री चन्द्रेश मण्डलोई ने बताया कि कोविड-19 महामारी के रहते संक्रमण से रोकथाम के उपायों के अंतर्गत न्यायालय परिसर में आने वाले पक्षकारों को लायनेस क्लब की ओर से फेस मास्क वितरण किया गया तथा जनसाहस गैर सामाजिक संस्था के सौजन्य से न्यायालयीन प्रकरणों में समझौता करने वाले पक्षकारों को कोरोना रोकथाम कीट भेट स्वरूप प्रदान की गयी। साथ ही पक्षकारों को वन विभाग की ओर से उपलब्ध कराये गये फलदार पौधों को स्मृति स्वरूप ’’न्याय वृक्ष’’ के रूप में प्रदान किये गये। इसके साथ ही न्यायालय परिसर में माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश एल.डी.बौरासी द्वारा पौधा रोपण भी किया गया।
प्रधान न्यायाधीश रविन्द्र सिंह कुशवाह, के कुटुम्ब न्यायालय में 23 विवाहित जोड़ों में पुराने वैवाहिक विवादों में सुलह-समझौता होकर हॅसी-खुशी के माहौल में दम्पत्तियों ने विवादों को हमेशा के लिए समाप्त कर लिया, जिसमें 02 प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता जिसमें दम्पत्ति निवासी कोहदड़ एवं एक अन्य प्रकरण में ग्राम इटावमाल तथा धारा 125 (3) दण्ड प्रक्रिया संहिता के प्रकरण में पुराने विवादों में सुलह-समझौता होकर बेहद खुशनुमा माहौल में दम्पत्तियों ने विवादों को हमेशा के लिए समाप्त किया गया समझौता उपरांत माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एल.डी.बौरासी द्वारा दम्पत्तियों को पौधे वितरित कर न्यायालय परिसर से ही पुष्पमाला पहनाकर रवाना किया गया और लोक अदालत खण्डपीठ द्वारा उनके सुखमय जीवन की कामना की गयी।
नेशनल लोक अदालत की खंडपीठ क्रं. 6 सुश्री सौम्या साहू, के न्यायालय में 10 साल से अधिक समय से चल रहे चेक बाउंस के 02 प्रकरणों में परिवादी एवं अभियुक्त के बीच समझौता कराया जाकर प्रकरणों का निराकरण हुआ। इसी प्रकार विभिन्न न्यायालयों में एनएचडीसी के विरूद्ध चल रहे प्रकरणों में एनएचडीसी के वरिष्ठ प्रबंधक श्री उल्हास पाटनकर, विधि अधिकारी श्री विरेन्द्र सिंह एवं अधिवक्ता श्रीमती सुनिता रेवारी, के विशेष प्रयास से 29 प्रकरणों का समझौता आधार पर उल्लेखनीय निराकरण हुआ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं सचिव, जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष श्री अरूण दुबे एवं अन्य अधिकारीगण ने जिला न्यायालय परिसर में बैंक, नगर निगम एवं विद्युत मण्डल की स्टॅालों पर जाकर पक्षकारों को मार्गदर्शन प्रदान किया तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को पात्र पक्षकारों को राहत पहुॅचाने हेतु छूट दिलाये जाने का निर्देश के साथ-साथ फिजीकल डिस्टेसिंग का दृढ़ता से पालन करने के निर्देश दियंे। जिला मुख्यालय खण्डवा सहित तहसील न्यायालयों हरसूद एवं पुनासा तथा मांधाता (ओंकारेश्वर) में भी शनिवार को नेशनल लोक अदालत का सफलतम आयोजन हुआ।
नेशनल लोक अदलात में प्रकरणों के निराकरण की संख्यात्मक जानकारी
कुटुम्ब न्यायालय में कुल 23 वैवाहिक मामलों में समझौता के आधार पर निराकरण हुआ, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री चन्द्रेश मण्डलोई ने जानकारी दी की शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में कुल 10 न्यायिक खण्डपीठों द्वारा न्यायालयों में लंबित 206 प्रकरणों का राजीनामा के माध्यम से निराकरण हुआ तथा 384 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण हुआ। एन.एच.डी.सी. के 29 कुल प्रकरणों में राजीनामा हुआ। निराकरण प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में बैंकों के 172 प्रकरणों में रूकी हयुी वसूली के रूप 24,77,000/- राशि की वसूली हुयी। इसी प्रकार से मोटर दुर्घटना दावा के 17 क्लेम प्रकरणों का निराकरण होकर 78,41,954 रूपये का अवार्ड पारित हुये। विद्युत विभाग के न्यायालय में लंबित 408 प्रकरणों में 21 प्रकरण निराकृत तथा राशि 1,53,000/- एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में 938 प्रकरणों में 195 प्रकरण निराकृत इस प्रकार कुल 216 प्रकरणों में राजीनामा होकर कुल राशि 19,32,2000/- रूपये के सेटलमेंट हुआ। इसी प्रकार जलकर के 11 मामले निराकुत होकर 46140/- रू0 की राशि की वसूली हुयी। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत में कुल 590 प्रकरणों का निराकरण होकर समझौता राशि 3,10,41,194/- रही है। नेशनल लोक अदालत में कुल 1380 पक्षकार लाभन्वित हुयें।


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