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Thursday, 5 March 2020

खेतों में नरवाई जलाने वाले किसानों पर लगेगा अर्थदण्ड

खेतों में नरवाई जलाने वाले किसानों पर लगेगा अर्थदण्ड

खण्डवा 5 मार्च, 2020 - पर्यावरण सुरक्षा हेतु नेशनल ग्रीन टिब्यूनल के निर्देश के पालन में प्रदेश में फसलों विशेषकर धान एवं गेहूं की फसल कटाई उपरांत फसल अवशेषों को खेतों में जलाए जाने को प्रतिबंधित किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुनासा डॉ. ममता खेड़े ने आदेष जारी किए है कि खेतों में नरवाई जलाने वाले किसानों पर जिनके पास दो एकड़ से कम जमीन है उन पर 2500 रूपए जुर्माना लगाया जायेगा। इसी तरह दो एकड़ से पांच एकड़ तक जमीन वाले कृषकों द्वारा नरवाई जलाये जाने पर 5000 रूपए अर्थदण्ड वसूला जायेगा। जबकि पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले कृषकों से 15 हजार रूपए का जुर्माना वसूला जायेगा। 
एसडीएम पुनासा डॉ. खेड़े ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों द्वारा गेहूं की फसल कटाई के बाद कृषकों द्वारा गेहूं की नरवाई के हटाने के लिए खेतों में आग लगाई जाती है, जिससे खेत की नरवाई तो जल जाती है, किन्तु आग लगने से खेत की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है तथा आग लगने से आसपास के किसानों के खेतों में खड़ी फसलों में आग लग सकती है, जिससे काफी नुकसान हो रहा है। विगत दिनों किसानों के खेतों में आग लगने की एवं फसल क्षति की घटनाये सामने आई है। उन्होंने निर्देष दिए है कि हल्का पटवारी अपने प्रत्येक हल्के के ग्रामों का भ्रमण कर किसानों को नरवाई न जलाये जाने हेतु समझाइष देवं एवं चौपाल आयोजित करें तथा पंचनामा तैयार करें। पंचायत सचिवों को निर्देषित किया गया है कि वे अपनी पंचायतों में नरवाई जलाने वाले कृषकों एवं ग्रामीणों को नरवाई न जलाने तथा उसके दूष्परिणामों से किसान एवं ग्रामीणों को अवगत कराये। प्रत्येक ग्राम के कोटवार को निर्देष दिए कि वे अपने गांव में प्रतिदिन डोंडी पीटकर यह एलान करें कि कोई भी कृषक खेतों में नरवाई न जलाये। उन्होंने बताया कि नरवाई जलाये जाने से खेतों में नुकसान होता है, अन्य खेतों में आग लग सकती है। 

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