जननी सुरक्षा योजना और प्रसूति सहायता योजना का भुगतान समय सीमा में करें
खण्डवा 11 जून, 2020 - बुधवार को सिविल सर्जन कांफ्रेंस हॉल में सभी बीएमओ और बीसीएम की फीवर क्लीनिक और मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान ने सभी बीएमओ को निर्देष दिये कि फीवर क्लीनिक सीएचसी, पीएचसी पर नियमित रूप से संचालित रहे, जिसमें सर्दी, खांसी, जुखाम और बुखार के मरीजों का उपचार कर उनकी एंट्री ऑनलाईन की जावे। साथ ही उपचार के दौरान पाये जाने वाले कोरोना के संदिग्ध मरीजों की एंट्री सार्थक एप में ही करें।
डॉ. चौहान ने बैठक में सभी बीएमओ से कहां कि ग्राम स्तर आषा, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का दल बनाकर ग्राम में सर्दी, खांसी, जुखाम और बुखार व मलेरिया के मरीजों का सर्वे करवाएं। क्षेत्र में जहां पर निजी चिकित्सक के क्लीनिक है वहां पर भी फीवर क्लीनिक संचालित किये जावें और उसकी प्रतिदिन की रिपोर्ट प्राप्त करें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान ने बैठक में निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों व ग्राम स्तर पर पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक दवाईयां की उपलब्धता सुनिष्चित करें। उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना और प्रसूति सहायता योजना में हितग्राहियों का भुगतान समय सीमा में किया जाये। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. ओ.पी.जुगतावत, डीएचओ डॉ. एन.के. सेठिया, डीएमओ डॉ.मनिषा जुनेजा, डीपीएम डॉ. षिवराजसिंह चौहान उपस्थित थे।
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