पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ायें और पोषण अभियान को जनान्दोलन बनाएं - कलेक्टर श्रीमती सुन्द्रियाल
खण्डवा 4 सितम्बर, 2019 - पोषण आहार का संबंध गरीबी या अमीरी से नही है। आवश्यकता पोषण के प्रति नागरिकों को जागरूक करने की है। पोषण आहारों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाये तथा पोषण अभियान को जनान्दोलन बनाएं। यह बात कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पोषण माह के दौरान आयोजित जिला स्तरीय पोषण उन्मुखीकरण कार्यशाला में संबोधित करते हुए कही। इस दौरान खण्डवा विधायक श्री देवेन्द्र वर्मा ने कहा कि निजी भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों को निकटवर्ती शासकीय भवनों में शिफ्ट किया जाये। उन्होंने इस अवसर पर खण्डवा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए विधायक निधि से बर्तन देने की घोषणा की। विधायक श्री वर्मा ने जनभागीदारी से भी आंगनवाड़ी केन्द्रों में और अधिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए कहा। कार्यशाला में अपर कलेक्टर श्री राजेश जैनस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रकाश परिहार, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती अंशुबाला मसीह सहित जिला बाल कल्याण समिति के सदस्यगण तथा अन्य विभागीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
कार्यशाला में कलेक्टर श्रीमती सुन्द्रियाल ने कहा कि पोषण के प्रति जागरूकता लाने के लिए आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावासों के रसोईयों व छात्रावास अधीक्षकों की कार्यशाला भी आयोजित की जाये तथा उन्हें कम लागत वाले पोषण आहार तैयार करने के बारे में आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाये। उन्होंने पोषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पोषण चौपाल व रैलियां आयोजित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्रीमती सुन्द्रियाल ने साप्ताहिक हाट बाजारों में पोषण आहार के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए पोषण रैलियां आयोजित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन व राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन से जुड़े स्वसहायता समूहों की महिलाओं को भी पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए कहा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती मसीह ने इस अवसर पर बताया कि उद्यानिकी विभाग की मदद से आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिकाएं लगाई गई है। इन पोषण वाटिकाओं में मुनगे, निम्बू, करोंदे, आंवला व अमरूद के पौधे व अन्य पोष्टिक सब्जियों के पौधे लगाए गए है। कलेक्टर श्रीमती सुन्द्रियाल ने बाउन्ड्रीवाल युक्त सभी छात्रावासों में भी किचन गार्डन लगाने के निर्देश सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को दिए। उन्होंने एनीमिया से बचाव के लिए छात्राओं को आयरन फोलिक एसिड की गोलियां स्कूलों में खिलाने के निर्देश भी दिए। साथ ही कलेक्टर श्रीमती सुन्द्रियाल ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में पेयजल स्त्रोतों के पेयजल की शुद्धता की जांच भी कराई जाये, क्योंकि दूषित पानी पीने से डायरिया रोग होता है, जिससे बच्चे कमजोर हो जाते है।
जिला टॉस्क फोर्स समिति की बैठक सम्पन्न
इस अवसर पर बाल विवाह रोकथाम तथा किशोर व किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए गठित जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक भी सम्पन्न हुई। बैठक में बाल विवाह रोकने के लिए संभावित उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्रीमती सुन्द्रियाल ने इस दौरान कहा कि शहर के होटल व मेरिज गार्डन्स के संचालकों की बैठक आयोजित की जाये तथा उन्हें समझाया जाये कि वे अपने मेरिज गार्डन व होटल में वर वधू की आयु की अच्छी तरह पुष्टि करने के बाद ही शादियां होने दें।
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