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Friday, 14 June 2019

नर्मदा पेयजल योजना में हुई अनियमितताओं के लिए एफआईआर दर्ज की जाये

नर्मदा पेयजल योजना में हुई अनियमितताओं के लिए एफआईआर दर्ज की जाये
प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने फसल ऋण माफी, विद्युत व पेयजल आपूर्ति की समीक्षा की  

खण्डवा 14 जून, 2019 - प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री एवं खण्डवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित अधिकारियों की बैठक में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति तथा पेयजल आपूर्ति की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने बैठक में कहा कि नर्मदा जल आपूर्ति के लिए खण्डवा नगर में संचालित पेयजल योजना की पाइप लाइन रोज-रोज फूटने से नागरिकों को काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने नर्मदा पेयजल योजना के संबंध में विस्तृत जांच कराकर संबंधित दोषी एजेंसी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान जय किसान फसल ऋण माफी योजना की अब तक की प्रगति की जानकारी भी कृषि व सहकारिता विभाग के अधिकारियों से ली। बैठक में कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल, पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डी.के. नागेन्द्र सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी भी मौजूद थे।
प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने बैठक में निर्देश दिए कि शहर में आवश्यकता अनुसार टेंकर से पेयजल परिवहन की व्यवस्था भी की जाये। उन्होंने शहर के 50 वार्डो में से 10-10 वार्डो के लिए नगर निगम के 5 अलग अलग अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने सरकारी तालाबों के आसपास की जमीन से अतिक्रमण हटाने के निर्देश राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नागेन्द्र ने बैठक में बताया कि मनरेगा के तहत प्रतिदिन 21 हजार मजदूरों को रोजगार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गत 3 माह में जिले में लगभग 800 तालाब निर्मित किए जा चुके है। प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने खण्डवा जिले में नदी पुनर्जीवन एवं जल संरक्षण के लिए किए गए कार्यो की सराहना की तथा वर्षा के तत्काल बाद खेत की मेढ़ो पर पौधरोपण के लिए विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नागेन्द्र ने बैठक में बताया कि जिले में नदी पुर्नजीवन कार्यक्रम के तहत पहले चरण में ‘‘कावेरी नदी‘‘ को चयनित किया गया तथा दूसरे चरण में रूपारेल नदी का चयन किया गया है। इन दोनों नदियों के आसपास जल स्तर बढ़ाने के लिए स्टॉप डेम, चेक डेम, निस्तार तालाब, पोखर, खेत तालाब, नाला विस्तारीकरण, गली प्लगिंग, गेवियन स्टेªक्चर, कन्टूर ट्रेंच के अनेकों कार्य कराए गए है।
बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री हिमांशु सिंह ने बताया कि शहर में नर्मदा पेयजल लाइन के साथ साथ सुक्ता नदी से पेयजल लाइन भी कार्यरत है। शहर में 9 ओवर हेड टेंकों से कुल 16 एमएलडी पानी प्रदाय किया जा रहा है। शहर में कुल 240 पम्प चालू स्थिति में है। नल जल योजना के अलावा कुल 22 टेंकरों के माध्यम से विभिन्न वार्डो में पेयजल आपूर्ति की जा रही है। नागचून तालाब से 5 वार्डो में तथा सुक्ता पेयजल योजना से 4 वार्डो में पेयजल आपूर्ति की जा रही है। शहर के आसपास स्थित 5 कुण्डों व 50 कुओं की सफाई का कार्य जारी है ताकि वर्षा का जल संग्रहित हो सके। बैठक में कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी द्वारा बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्र में कुल 5520 हेण्डपम्प चालू स्थिति में तथा ग्रामीण क्षेत्र में 308 नल जल योजना चालू स्थिति में है। ग्रामीण क्षेत्र में हेण्डपम्प खनन के लिए 3 मशीने लगातार खनन कर रही है। 
बिना किसी बाधा के विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें
प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने बैठक में नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की भी विस्तार से समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायत प्राप्त होने के 24 घंटे की समय सीमा में ट्रांसफार्मर बदलने की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण क्षेत्र में सिंचाई के लिए 10 घण्टे विद्युत प्रदाय की व्यवस्था की गई है तथा घरेलू विद्युत आपूर्ति 24 घंटे की जा रही है। अधीक्षण यंत्री ने बताया कि बिजली कटोती नही की जा रही है।  
प्रथम चरण में 44270 किसानों का 62.30 करोड़ रू. का फसल ऋण हुआ माफ
प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने बैठक में जय किसान फसल ऋण माफी योजना की अब तक की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में उप संचालक कृषि श्री आर.एस. गुप्ता ने बताया कि इस योजना के तहत जिले के कुल 1.23 लाख किसानों का कर्जा माफ किया जाना है, जिसमें से प्रथम चरण में 44270 किसानों का 62 करोड़ 30 लाख रू. का कर्जा माफ किया जा चुका है। फसल ऋण माफी योजना के तहत वाणिज्यिक बैंकों द्वारा 4040 किसानों के खाते में 18.38 करोड़ रू. तथा सहकारी बैंक द्वारा 16697 किसानों के खाते में 43.92 करोड़ रू. का कर्जा माफ किया गया है। कुल 23533 किसानों को नोड्यूज प्रमाण पत्र जारी किए गए है। उप संचालक कृषि श्री गुप्ता ने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद का भण्डारण उपलब्ध है, जिसमें 6603 मे.टन. यूरिया, 6836 मे.टन डीएपी, 33 मे.टन. सिंगल सुपर फास्फेट तथा 737 मे.टन पोटाश खाद उपलब्ध है।

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