‘‘मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना‘‘
लाभान्वित होने वाले किसानों की सूची पंचायतों व बैंकों में आज से होगी प्रदर्शित
खण्डवा 14 जनवरी, 2019 - मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजनांतर्गत भारतीय रिजर्व बैंक या नाबार्ड द्वारा परिभाषित फसल की पैदावार के लिये ऋण प्रदाता संस्थाओं द्वारा प्रदत्त अल्पकालीन फसल ऋण 1 अप्रैल, 2007 को अथवा उसके बाद जो ऋण प्रदाता संस्था से लिया गया, फसल ऋण जो 31 मार्च, 2018 की स्थिति में सहकारी बैंकों के लिये कालातीत अथवा अन्य ऋण प्रदाता बैंकों के लिये नॉन परफार्मिंग एसेट घोषित किया गया हो, जिन किसानों ने 31 मार्च, 2018 की स्थिति में एन.पी.ए. अथवा कालातीत घोषित फसल ऋण 12 दिसम्बर, 2018 तक पूर्णतः अथवा आंशिक रूप से चुका दिया है, उन्हें भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। उपसंचालक कृषि श्री आर.एस. गुप्ता ने बताया कि इस योजना के तहत सहकारी बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों व राष्ट्रीयकृत वाणिज्यिक बैंकों से कृषि ऋण लेने वाले किसान लाभान्वित होंगे।
फसल ऋण माफी योजना का किसे मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत मध्यप्रदेश में निवासरत किसान, जिनकी कृषि भूमि मध्यप्रदेश में स्थित हो तथा प्रदेश में स्थित ऋण प्रदाता संस्था की बैंक शाखा से अल्पकालीन फसल ऋण लिया हो अथवा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा प्रदत्त अल्पकालीन फसल ऋण लिया हो तथा ऐसे किसान जिनके फसल ऋण रिजर्व बैंक या नाबार्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राकृतिक आपदा होने के कारण पुनर्रस्थापना कर दिये गये हों, इस योजना में पात्र होंगे। उपसंचालक कृषि श्री गुप्ता ने बताया कि इस योजना के तहत वे सभी किसान, जो 31 मार्च, 2018 की स्थिति में नियमित ऋण खाते में ऋण प्रदाता संस्था द्वारा प्रदाय फसल ऋण की बकाया राशि के रूप में दर्ज हैं तथा जिन किसानों पर 31 मार्च, 2018 में रेग्युलर आउटस्टेंडिंग लोन था और 12 दिसम्बर, 2018 तक जिन्होंने पूर्णतः अथवा आंशिक रूप से लोन चुका दिया है, उन्हें भी योजना का लाभ दिया जाएगा।
किसानों को किस क्रम से मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत लाभ प्रदान करते समय लघु एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जायेगी। किसानों में से सहकारी बैंक के ऋणी किसान को पहली प्राथमिकता से योजना का लाभ मिलेगा। इसके बाद क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के ऋणी किसान को द्वितीय प्राथमिकता मिलेगी तथा उसके बाद राष्ट्रीयकृत वाणिज्यिक बैंक के ऋणी किसान को योजना का लाभ दिया जायेगा। योजना का लाभ लेने के लिये किसानों को फसल ऋण खातों में आधार नम्बर सीडिंग एवं अभिप्रमाणित कराया जाना आवश्यक होगा।
किसानों को सफेद, हरे व गुलाबी फार्म कराने होंगे जमा, 26 जनवरी की ग्राम सभा में देंगे जानकारी
कर्जमाफी के लिए एमपी आॅनलाइन द्वारा तैयार पोर्टल का मैनेजमेंट किसान कल्याण और एग्रीकल्चर विभाग देखेगा। किसानों को कृषि विभाग या पंचायतों से निःशुल्क आवेदन उपलब्ध कराये जायेंगे। यह आवेदन तीन रंगों में होंगे, हरे, सफेद एवं गुलाबी। इस सूची में से जिन किसानों के बैंक खाते आधार नम्बर से जुड़े हुए है उन्हें हरे रंग के आवेदन- पत्र जमा कराने होंगे। जिन किसानों के बैंक खाते आधार से नहीं जुड़े है उन्हें सफेद रंग के आवेदन- पत्र जमा कराने होंगे। किसानों की लिस्ट के बारे में अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए किसान को गुलाबी रंग वाला फार्म जमा कराना होगा। किसानों द्वारा भरे गये हरे, सफेद तथा गुलाबी रंग के तीनों किस्म के आवेदन पत्रों की जानकारी दिनांक 26 जनवरी, 2019 को होने वाली ग्रामसभा की बैठक में दी जाएगी।
कर्जमाफी की अहम तारीखें
15 जनवरी तक संबंधित बैंक ब्रांच में लगाई जाए और पोर्टल में भी डाली जाएगी। आगामी 26 जनवरी को ग्रामसभा की बैठक में हरे, सफेद और गुलाबी फार्म की जानकारी दी जाएगी। आगामी 26 जनवरी तक अर्जी नहीं दे पाने वाले किसानों को 5 फरवरी 2019 तक ग्राम पंचायत में जमा करने का एक और मौका दिया जाएगा। आगामी 15 जनवरी से 5 फरवरी के बीच ऐसे ऋण खाते आधार लिंक कराए जा सकेंगे जो आधार से नहीं जुड़े। ऑफ लाइन आवेदनों को 26 जनवरी 2019 तक पोर्टल में डाल दिया जाएगा। जिन किसानों के कर्ज आधार से नहीं जुड़े उन्हें बैंक जाकर आधार से जुड़वाना होगा। जो किसान आधार कार्ड से कर्ज लिंक नहीं कराएंगे उनको कर्जमाफी नहीं मिलेगी। अगर जमीन ग्राम पंचायत के दायरे में है तो अर्जी पंचायत में और शहर में जमीन है तो नगरीय निकाय के दफ्तर में जमा होगी
आवेदन पत्र के साथ क्या क्या जमा करें
आधार कार्ड की फोटो कॉपी , सरकारी या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक है तो ऋण खाता पासबुक का पहले पन्ने की फोटोकॉपी, सहकारी बैंक या कृषि समिति से लोन लिया गया है तो ऋण खाता पासबुक की जरूरत नहीं, जमीन अगर कई पंचायतों में आती है तो जिस पंचायत में उसका घर है वहां अर्जी जमा होगी।
किसानों को कैसे पता चलेगा
जानकारी अपलोड होते ही किसानों को एसएमस से सूचित करेगी। पोर्टल में भरे गए आवेदन की फोटो कॉपी भी किसान को दी जाएगी। जिन किसानों ने आधार कार्ड या ऋण खाते का नंबर नहीं दिया है उनके अलग से वक्त मिलेगा। कर्ज की रकम किसान के खाते में डालते ही उन्हें एसएमएस से सूचित किया जाएगा। भुगतान के बाद किसानों को ऋण मुक्ति प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
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