‘‘किसान भाईयों के लिए उपयोगी सलाह‘‘
खाद, बीज व कीटनाशक खरीदने पर दुकानदार से बिल अवश्य लें
खण्डवा 3 जून, 2020 - उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्री आर. एस. गुप्ता ने बताया कि कि जिले में उर्वरक, बीज व कीटनाशक के भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था प्राथमिक सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के विक्रय केन्द्रों पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि जो किसान भाई नजदीकी प्राथमिक सहकारी समिति के समिति प्रबंधक से सम्पर्क कर खाद बीज व्यवस्था करें। जो किसान समिति के सदस्य नहीं है, वे बीज निगम या आपने क्षेत्र की बीज उत्पाद समिति अथवा निजी बीज विक्रेताओ से नगदी पर मानक स्तर का प्रमाणित बीज प्राप्त कर सकते है।
बीज की अंकुरण क्षमता को घर पर ही जांच लें, फिर बौनी करें
उप संचालक कृषि श्री गुप्ता ने किसानों को सलाह दी है कि वे सोयाबीन बीज की अकुंरण क्षमता की जांच बोने सेे पूर्व अपने घर पर ही कर लंे। उन्होंने बताया कि इसके लिए 100 दाने सोयाबीन के गीली टाट में रख कर अथवा ट्रे में मिटटी भरकर अकुंरण का परीक्षण कर ले अंकुरण परीक्षण के समय गिलहरी चूहों आदि से बीजों को क्षति न हो इसका ध्यान रखें। उचित नमी एवं तापमान रहने पर 3 से 4 दिन में 100 में से यदि 65-70 बीज अंकुरित होते है तो ऐसा सोयाबीन बीज किसान बौनी के लिए उपयोग कर सकते है। अन्यथा जिस विक्रेता से बीज खरीदा है उसको बोने के पूर्व वापस कर दें। पेक थैली को खोले नहीं बीज, उर्वरक या कीटनाशक दवाई केवल लायसेंसधारी विक्रेता से ही खरीदंे तथा पक्का बिल जरूर लेवंे। यदि कोई दुकानदार बिल देने अथवा एम.आर.पी. से अधिक कीमत वसूलता है तो उसकी सूचना जिला निरीक्षण दल प्रभारी श्री एस. एस. मोरे सहायक संचालक कृषि को उसके मोबाइल नम्बर 9754882615 पर देवंे।
लायसेंसधारक विक्रेता से ही उर्वरक व बीज खरीदें
उप संचालक कृषि श्री गुप्ता ने किसानों को सलाह दी है कि अन्य फसलों के बीज अथवा उर्वरक भी केवल लायसेंसधारी व्यक्ति से ही खरीदे। बीज का बिल टेग खाली थैली सम्भालकर रखे। किसान भाई इस बात का विशेष ध्यान रखे कि पर्याप्त वर्षा होने तथा खेत में पर्याप्त नमी होने पर ही बौनी करें ताकि इस वर्ष सोयाबीन बीज की कमी के कारण दोबारा बोनी की स्थिति निर्मित न हों।
किसान भाई बहु फसलीय पद्धति को अपनायें
उप संचालक कृषि श्री गुप्ता ने किसानों से अपील की है कि किसान भाई बहु फसलीय पद्धति को अपनाये जैसे- सोयाबीन के साथ साथ मूंग , उड़द , मूंगफली , अरहर , कपास , तिल , ज्वार , मक्का कि फसल भी बोये ताकि एक फसल खराब होने पर दूसरी फसल से उत्पादन मिल सके। कृषि विभाग द्वारा सभी कृषि आदान विक्रेताओं को निर्देश दिये गये है कि अपनी दुकान पर विभाग के निरीक्षक का मोबाइल नम्बर, स्टाक वार्ड, विक्रय मूल्य की सुची, लायसेंस प्रदर्शित करंे एवं अपनी फर्म का रिकार्ड प्रतिदिन अपडेट करें, अन्यथा जिला स्तर से गठित निरीक्षण दल को अनियमितता पाये जाने पर कड़ी कार्यवाही की जावेगी। जिले के विभिन्न विकासखण्डो में कार्यरत विभाग के निरीक्षकों के द्वारा उर्वरक, बीज, कीटनाशक के नमूने लेने की कार्यवाही की जा रही है। नमूने लेने में निरीक्षकांे को सहयोग प्रदान करे एवं अपने अभिलेखांे पर निरीक्षक के हस्ताक्षर प्राप्त करें।
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