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Thursday, 13 September 2018

स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी अधिकाधिक दौरें करें

स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी अधिकाधिक दौरें करें
कलेक्टर श्री गढ़पाले ने दोनांे विभाग की संयुक्त बैठक में दिए निर्देष

खण्डवा 13 सितम्बर, 2018 - स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारी अपने मुख्यालय पर रहें तथा बिना अनुमति के मुख्यालय न छोड़े। विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी व परियोजना अधिकारी आईसीडीएस तथा दोनों विभाग की सुपरवाइजर्स नियमित रूप से भ्रमण करें। साथ ही जिला स्तरीय अधिकारी भी अपने अधीनस्थ क्षेत्र का नियमित दौरा कर विभागीय योजनाओं की माॅनिटरिंग करें। सभी अधिकारी अपने मोबाइल में लोक सेवक एप डाउनलोड करे तथा अपने दौरे उसमें दर्ज करे। इस एप् के माध्यम से क्षेत्र के अधिकारी कर्मचारियों के दौरो की माॅनिटरिंग की जायेगी तथा इसी के आधार पर उनका वेतन व यात्रा भत्ता आहरण किया जाये। यह निर्देष कलेक्टर श्री विषेष गढ़पाले ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक में दिए। बैठक में कलेक्टर श्री गढ़पाले व पुलिस अधीक्षक श्रीमती रूचिवर्धन मिश्र ने सराहनीय कार्य करने वाली आषा कार्यकर्ताओं व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। सराहनीय कार्य करने वाली आषा कार्यकर्ताओं में श्रीमती मीराबाई, श्रीमती समोती बाई, जामुना बाई, बानो बी व ममता पंवार शामिल है।
कलेक्टर श्री गढ़पाले ने कहा कि कुपोषित बच्चों को निकटतम पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भर्ती कराया जाये तथा उनकी माताओं को मजदूरी क्षतिपूर्ति का समय पर भुगतान किया जाये। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं के प्रसव की प्रस्तावित तिथि से विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी व आईसीडीएस के परियोजना अधिकारी को अवगत कराया जाये, ताकि उसका संस्थागत प्रसव हो सके। जिन महिलाओं का प्रसव अस्पताल में नहीं हुआ हो, उन महिलाओं का प्रसव के 24 घंटे की समय सीमा में कुषल स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा परीक्षण किया जाना चाहिए। ऐसा न करने पर संबंधित क्षेत्र की एएनएम, सेक्टर सुपरवाइजर व स्वास्थ्य कार्यकर्ता का वेतन काटा जायेगा।  बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. रतन खण्डेलवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री संजय भारद्वाज सहित दोनों विभागों के विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में कलेक्टर श्री गढ़पाले ने निर्देष दिए कि परिवार कल्याण कार्यक्रम अपनाने वाले हितग्राहियों को क्षतिपूर्ति का भुगतान आॅपरेषन के बाद एक सप्ताह में कर दिया जाना चाहिए। इस कार्य में लापरवाही बरतनें पर इसके लिए जिम्मेदार चिकित्सक व लेखापाल का वेतन रोका जाये। उन्होंने किल्लौद विकासखण्ड के दूरस्थ ग्राम कुकढाल में मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के तहत विषेष स्वास्थ परीक्षण षिविर लगाने तथा मलेरिया के रोगों का उपचार करने के निर्देष भी दिए। कलेक्टर श्री गढ़पाले ने नर्मदा नदी के आसपास के पुनर्वास क्षेत्र के ग्रामों में स्वास्थ्य परीक्षण षिविर आयोजित करने के लिए भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा। उन्होंने पुनरीक्षित क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डाॅ. नितिन कपूर को उनके कार्य में और अधिक प्रगति लाने के लिए निर्देष दिए। कलेक्टर श्री गढ़पाले ने खालवा क्षेत्र में ग्रामीणों में टीबी रोग के इलाज पर विषेष ध्यान दिए जाने की आवष्यकता बतायी। बैठक में उन्होंने निर्देष दिए कि कुपोषित बच्चों  का फिर से सर्वे किया जाये तथा चिन्हित बच्चों को निकटतम पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भर्ती कराया जाये। पूर्व में इन केन्द्रों में भर्ती बच्चों का फोलोअप राउंड भी किया जाये तथा पोषण पुनर्वास केन्द्र से घर जाने के बाद यदि बच्चा फिर कुपोषित पाया जाता है तो उसे पुनः केन्द्र में भर्ती कराया जायें। उन्होंने कहा कि पोषण पुनर्वास केन्द्र में कोई भी बेड खाली न रहे यह सुनिष्चित किया जाये। 
बैठक में कलेक्टर श्री गढ़पाले ने परिवार कल्याण कार्यक्रम, दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम, कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जन्म के तुरंत बाद नवजात षिषु को किया जाने वाला टीकाकरण तत्काल किया जाना चाहिए। इस कार्य मंे लापरवाही बरतने पर संबंधित कार्यकर्ता के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। बैठक में कलेक्टर श्री गढ़पाले ने नवजात षिषुओं व प्रसूताओं की मृत्यु के प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने आयुष चिकित्सकों को निर्देष दिए कि वे लोक कल्याण षिविर व राजस्व षिविरों के साथ स्वास्थ्य परीक्षण षिविर भी आयोजित करें।   

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