जनसुनवाई में कलेक्टर श्रीमती नायक ने सुनी नागरिकों की समस्यायें
खण्डवा 14 जून, 2016 - नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम हर मंगलवार को विभिन्न कार्यालयों में आयोजित किया जाता है। इसीक्रम में कलेक्टर श्रीमती स्वाति मीणा नायक ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रातः 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होने वाली जनसुनवाई की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए कुछ बदलाव किये है। नई व्यवस्था के तहत आवेदक जब जनसुनवाई के हॉल में प्रवेष करेगा उससे पूर्व ही उसके आवेदन पर बाहर बैठे मार्गदर्षक अधिकारी से यह बता देंगे कि उसे किस अधिकारी से कितने नम्बर कांउन्टर पर सम्पर्क करना है। साथ ही आवेदन की पावती उस आवेदक को बाहर ही दे दी जायेगी। जनसुनवाई हॉल की बैठक व्यवस्था कुछ इस तरह की गई है कि जिन विभागों के आवेदन अधिक संख्या में आते है उन अधिकारियों को मुख्य लाईन में बिठाया जायेगा ताकि आवेदक को उन्हें ढूंढने में परेषानी न हो। आवेदक जब संबंधित अधिकारी के पास जायेगा तो उसकी सुनवाई के बाद जिला अधिकारी उसके आवेदन की पावती पर अपनी टीप व किये गये निराकरण तथा समय सीमा के बारे में लिखित में सूचना अंकित करेगा। इसके बावजूद आवेदक यदि जिला अधिकारी द्वारा की गई कार्यवाही से संतुष्ट नही होता है तो वह वहां बैठे कलेक्टर / अपर कलेक्टर से सम्पर्क कर सकेगा। आज कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर श्रीमती नायक ने नागरिकों की समस्याएॅं सुनी तथा उनके निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देष दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री अनुराग सक्सेना, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती शुचिस्मिता सक्सेना सहित विभिन्न जिला अधिकारी भी मौजूद थे। जनसुनवाई में ग्राम सिरसौद निवासी मणकचंद ने इंदिरा आवास कुटीर निर्माण के लिए आवेदन दिया, जिस पर कलेक्टर श्रीमती नायक ने संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को इन आवेदकों की पात्रता का परीक्षण कर पात्रता अनुसार आवास हेतु मदद उपलब्ध कराने के निर्देष दिए।
जनसुनवाई में खड़कपुरा खण्डवा निवासी मधुलिका व ग्राम भण्डारिया निवासी कल्लू बी ने मुआवजा राषि न मिलने की षिकायत संबंधी आवेदन दिया, जिस पर कलेक्टर श्रीमती नायक ने संबंधित तहसीलदार को मुआवजा दिलाने के निर्देष दिए। इसके साथ ही जनसुनवाई में रूस्तमपुर निवासी शांताबाई व जोगीबेडा निवासी राजपाल ने बी.पी.एल. राषनकार्ड बनवाने के लिए कलेक्टर श्रीमती नायक को आवेदन दिया, जिस पर उन्होंने संबंधित तहसीलदार को पात्रता का परीक्षण कर बी.पी.एल. कार्ड बनाने के निर्देष दिए।
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