छोटे किसानों को तकनीकी मार्गदर्षन व आवष्यक प्रषिक्षण दिया जाये
आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक मंे कलेक्टर श्रीमती नायक ने दिए निर्देष
खण्डवा 13 जून, 2016 - नर्मदा तट पर स्थित गांवों में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विषेष प्रयास किये जायें। इन गांवों के किसानों को जैविक खेती के लिए आवष्यक प्रषिक्षण दिया जाये तथा प्रयास किया जाये कि नर्मदा तट के ग्रामों के किसान जैविक खाद व जैविक कीटनाषक का उपयोग करें। यह निर्देष कलेक्टर श्रीमती स्वाति मीणा नायक ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कृषि विभाग के तहत गठित आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुये दिए। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती शुचिस्मिता सक्सेना, उप संचालक कृषि श्री ओ.पी. चौरे, उप संचालक उद्यानिकी श्री एस.एम. पटेल, आत्मा के परियोजना संचालक श्री आनंद सिंह सोलंकी, नाबार्ड के प्रबंधक श्री पाटिल , उप संचालक पषु चिकित्सा , कृषि महाविद्यालय व कृषि विज्ञान के प्रतिनिधि व उन्नतषील किसान भी उपस्थित थे। कलेक्टर श्रीमती नायक ने कृषि अधिकारियों को निर्देष दिए कि ‘‘नमामि देवी नर्मदे‘‘ योजना के तहत नर्मदा तट के ग्रामों के समूहों का गठन कर वहां के किसानों को जैविक खेती के बारे में प्रषिक्षण व जानकारी दी जाये। इस कार्य में कृषि विज्ञान केन्द्र के विषेषज्ञों की मदद भी ली जाये।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती नायक ने कृषि व उद्यानिकी विभागों के अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे आत्मा कार्यक्रम के तहत छोटे व सीमांत किसानों को कृषि सुधार व विस्तार कार्यक्रम के तहत आवष्यक प्रषिक्षण देने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि आसपास के जिलों में जहां किसानों ने जैविक खेती व उन्नत कृषि यंत्रों के उपयोग की दिषा में उल्लेखनीय कार्य किया है उसे दिखाने के लिए जिले के किसानों को वहां का दौरा कराये ताकि जिले के किसान उससे सीख ले सके और उन उन्नत तकनीकों का उपयोग अपने खेतों में भी कर सके। कलेक्टर श्रीमती नायक ने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे आगामी दिनों में आयोजित होने वाले किसान मेलों में स्टॉल लगाकर उन्नत कृषि यंत्रों व खेती की नई नई तकनीकों के प्रदर्षन की व्यवस्था करें तथा आसपास के गांव के किसानों को ये स्टॉल दिखाये जाये। उन्होंने कहा कि जिले के साथ साथ विकासखण्ड स्तर पर भी किसान मेले आयोजित किये जा सकते है। बैठक में इस वित्तीय वर्ष में आत्मा परियोजना की प्रस्तावित कार्य योजना के बारे में जानकारी दी गई तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना व परम्परागत कृषि विकास योजना के बारे में भी बताया गया। परियोजना संचालक श्री सोलंकी ने बैठक में बताया कि किसानों को खेती के साथ साथ डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्टेंषन सर्विस तथा स्किल टेªनिंग फार रूरल यूथ जैसे प्रषिक्षण देने की व्यवस्था भी जिले में उपलब्ध है।
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