‘‘कक्षा विद्यार्थी के द्वार‘‘ कार्यक्रम लागू होगा
उच्च शिक्षा मंत्री की उपस्थिति में भोज विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के बीच हुआ अनुबंध
खण्डवा 14 अगस्त, 2019 - प्रदेश के विद्यालयों में संचालित अध्ययन केन्द्रों का संचालन अब उच्च शिक्षा विभाग द्वारा किया जायेगा। मुक्त और दूरस्थ माध्यमों से शिक्षा प्राप्ति विनियम-2017 के अनुपालन में अध्ययन केन्द्र विद्यालयों से महाविद्यालयों में स्थानांतरित कर दिये गये हैं। इस संबंध में मंगलवार को भोपाल में उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी की उपस्थिति में म.प्र. भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय एवं 186 महाविद्यालय के बीच अनुबंध हुआ। उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने इस अवसर पर कहा कि गुणवत्तापूर्ण, अफोर्डेबल और दूरस्थ शिक्षा की ओर यह नवाचार एक सार्थक पहल है। आज प्रदेश में ग्रॉस इनरोलमेंट रेशियो तमिलनाडु के मुकाबले काफी कम है, यह एक चुनौती है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गाँधी मुक्त विश्वविद्यालय की तर्ज पर अब भोज विश्वविद्यालय भी उन विद्यार्थियों और कामकाजी लोगों तक उच्च शिक्षा पहुँचाने में सफल होगा, जो किसी कारणवश अपनी पढ़ाई छोड़ चुके हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटवारी ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से कोई भी, कहीं भी और किसी भी समय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकता है। इस प्रयास से हम शिक्षा से वंचित आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा से जोड़ सकते हैं। मंत्री श्री पटवारी ने जानकारी दी कि प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने विद्यार्थियों को कम्प्यूटर, व्यक्तित्व विकास, अंग्रेजी भाषा आदि में विशेष तैयारी एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था के लिये नॉलेज कमीशन का गठन किया जा रहा है। इसके माध्यम से उद्योग एवं व्यापार जगत की माँग के अनुसार विद्यार्थी तैयार हो सकेंगे। उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटवारी ने बताया कि भोपाल में स्थापित उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान की तर्ज पर प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, छिन्दवाड़ा, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, झाबुआ, खरगोन और रीवा में उत्कृष्टता संस्थान खोले जायेंगे।
No comments:
Post a Comment