स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी, अधिक दौरे कर व्यवस्थाएं सुधारें
- कलेक्टर श्री गढ़पाले
खण्डवा 16 जनवरी, 2019 - महिलाओं एवं बच्चों का समय समय पर स्वास्थ्य परीक्षण व टीकाकरण किया जायें। सभी विकासखण्ड चिकित्साअ अधिकारी अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण करे तथा वहां के ग्रामीणों को स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। महिला एवं बाल विकास के सुपरवाइजर्स व परियोजना अधिकारी अपने क्षेत्र की आंगनवाड़ियों का नियमित निरीक्षण करें तथा सुनिश्चित करे कि बच्चों एवं महिलाओं को पोषण आहार समय पर निर्धारित गुणवत्ता के साथ उपलब्ध होता रहे। यह निर्देश कलेक्टर श्री विशेष गढ़पाले ने बुधवार को कलेक्टर सभा कक्ष में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक में दिए। उन्होंने दोनो विभागों के फील्ड स्टाॅफ को निर्देश दिए कि संस्थागत प्रसव शत्प्रतिशत हो यह प्रयास करें। इसके बावजूद यदि घर पर कोई डिलेवरी होती है तो उसके 24 घंटे की समय सीमा में प्रशिक्षित चिकित्सक या स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रसूता से सम्पर्क कर उसका स्वास्थ्य परीक्षण करे एवं उसे आवश्यक परामर्श दें। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. रतन खण्डेलवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री संजय भारद्वाज सहित दोनों विभागों के विकासखण्ड व सेक्टर स्तरीय अधिकारी भी मौजूद थे।
कलेक्टर श्री गढ़पाले ने बैठक में कहा कि पंधाना व किल्लौद क्षेत्र के भ्रमण के दौरान वहां के स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं ठीक नही पाई गई है। इसके लिए उन्होंने बी.एम.ओ. पंधाना व किल्लौद के विरूद्ध वेतन वृद्धि रोकने संबंधी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है। स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री गढ़पाले ने महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के सभी सुपवाईजर से कहा किं सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की उपलब्धि में प्रगति नहीं आई तो उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। उन्होेंने परिवार कल्याण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कार्य में लापरवाही बरतने वाली मोहना स्वास्थ्य सुपरवाईजर चैहान, पुनासा सेक्टर के स्वास्थ्य सुपरवाईजर और महिला एवं बाल विकास के सुपरवाईजर की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिये।
कलेक्टर श्री गढ़पाले ने सभी बीएमओ को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सेक्टर स्तर पर बैठक लेकर स्वास्थ्य कार्यक्रमों व ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की नियमित समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में ए.एन.एम, सुपरवाईजर को प्रशिक्षण भी दें, ताकि उनके कार्य में गुणवत्ता आवे। कलेक्टर श्री गढ़पाले ने बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. खंडेलवाल को निर्देश दिये किं सभी ए.एन.एम., सुपरवाईजर को प्रशिक्षण दिलायें। उन्होंने कहा कि नसबंदी शिविरों में आॅपरेशन करने वाले सर्जन समय पर आयें, ताकि आॅपरेशन कराने के इच्छुक महिलाओं को आवश्यक परेशानी न हो। उन्होंने सभी बीएमओ को उनके क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय समय पर भुगतान कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा न करने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी।
कलेक्टर श्री गढ़पाले ने बैठक में कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रम में योग्य दम्पत्ति से नियमित काउंसलिंग की जावें और उन्हें नसबंदी के लिए प्रेरित करें। गुलाई और सेंधवाल क्षेत्र के ग्राम में बच्चों की सिकलसेल एनिमिया की 7 दिवस में पूर्ण करने के लिए बी.एम.ओ. खालवा को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी बी.एम.ओ. अपने-अपने कार्य क्षेत्र के छात्रावासों में चिकित्सकों को भेजकर वहां निवासरत बच्चों की हर माह स्वास्थ्य परीक्षण करवाना सुनिश्चित करें। इस कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी।
कलेक्टर श्री गढ़पाले ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोषण पुनर्वास केन्द्र के सभी कुपोषित बच्चों का समय पर फाॅलोअप किया जाये। उन्होंने सीडीपीओ को निर्देश दिये कि बच्चों का नियमित फाॅलोअप करायें अन्यथा कार्यवाही की जावेगी। उन्होंने बैठक में मातृ-मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का समय पर पर भुगतान हो यह जवाबदारी संबंधित ब्लाॅक के लेखा प्रबंधक की होगी।
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