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Sunday, 13 September 2020

ऑक्सीजन आपूर्ति के सम्बंध में जिला दंडाधिकारी ने जारी किया आदेश

 ऑक्सीजन आपूर्ति के सम्बंध में जिला दंडाधिकारी ने जारी किया आदेश
आदेश का उल्लंघन करने वालों पर महामारी नियंत्रण अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत होगी कार्यवाही

खण्डवा 13 सितम्बर, 2020 - कोविड-19 के संक्रमण से सम्पूर्ण प्रदेश प्रभावित है। जिला खण्डवा में भी कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिसके कारण शहर खण्डवा स्थित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय खण्डवा, शासकीय जिला चिकित्सालय खण्डवा व अन्य निजी चिकित्सालयों में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की मांग अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। वर्तमान में लॉकडाउन समाप्त होने के कारण अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के कारण अगले कुछल समय में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी संभावित है, जिससे भविष्य में मेडिकल ऑक्सीजन की मांग और अत्याधिक बढ़ सकती है। चूंकि ऑक्सीजन का उपयोग चिकित्सा सेवा के साथ साथ अन्य उद्योगों द्वारा भी किया जाता है। अनलॉक के कारण उद्योगों के पुनः प्रारंभ होने के कारण मांग में बढ़ोतरी होने पर खण्डवा जिला स्थित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय , शासकीय जिला चिकित्सालय एवं अन्य निजी चिकित्सालयों में मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी हो सकती है। 

जिला खण्डवा स्थित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय , शासकीय जिला चिकित्सालय एवं अन्य निजी चिकित्सालयों में मेडिकल ऑक्सीजन की बढ़ी हुई मांग की पूर्ति निर्बाध रूप से होती रहें, इसे ध्यान में रखते हुए महामारी नियंत्रण अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों के अंतर्गत खण्डवा जिले में संचालित सभी ऑक्सीजन प्लांट एवं ऑक्सीजन सप्लायर को कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने आदेश दिए है कि अब सभी ऑक्सीजन प्लांट व ऑक्सीजन सप्लायर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना किसी भी औद्योगिक इकाई या संस्था को ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं करेंगे। इन निर्देशों का पालन खण्डवा जिले के सभी लायसेंसी मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट एवं ऑक्सीजन सप्लायर से करवाने तथा इकनी सतत निगरानी रखने के लिए श्री मनजीत जामले औषधी निरीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह भी इस आदेश का उल्लंघन होने पर महामारी नियंत्रण अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुये भारतीय दण्ड विधान की धारा 187, 188, 269, 270, 271 एवं डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 की सुसंगत धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया जाना सुनिश्चित किया जाये।


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