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Wednesday, 15 January 2014

मनरेगा उपयोजना ‘‘मेरा खेत-मेरी माटी’’ के अंतर्गत कार्यषाला सम्पन्न मनरेगा एवं विभिन्न विभागों के अभिसरण से मिलेगा हितग्राहियों को लाभ:- श्री तोमर

मनरेगा उपयोजना ‘‘मेरा खेत-मेरी माटी’’ के अंतर्गत कार्यषाला सम्पन्न

मनरेगा एवं विभिन्न विभागों के अभिसरण से मिलेगा हितग्राहियों को लाभ:- श्री तोमर





 

खंडवा (15 जनवरी, 2014) - महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत संचालित नवीन उपयोजना ‘‘मेरा खेत-मेरी माटी’’ के क्रियान्वयन एवं अन्य विभागों से इस उपयोजना के अभिसरण पर आधारित कार्यषाला का आयोजन आज बुधवार को गौरीकुंज सभागृह मे किया गया। कार्यषाला के प्रारंभ में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अमित तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना की इस उपयोजना का मुख्य उद्देष्य मनरेगा के साथ कृषि एवं उद्यानिकी, मत्स्य, पषुपालन विभागों से अभिसरण कर गाँव के पात्र किसानों को व्यक्तिगत हितग्राही के रूप में लाभ पंहुचाना है। जिससे कि फसलों की उत्पादकता तथा कुल उत्पादन में वृद्धि के साथ कृषक परिवारों की वार्षिक आय मे वृद्धि की जा सके।
कार्यषाला में परियोजना अधिकारी मनरेगा श्री प्रमोद त्रिपाठी द्वारा मेरा खेत-मेरी माटी उपयोजना की प्रस्तावना, उपयोजना अंतर्गत हितग्राही पात्रता, पात्रता की शर्ते, उपयोजना अंतर्गत कृषि भूमि और गैर कृषि भूमि पर किये जाने वाले कार्यो एवं अनुमत्य कार्यो हेतु अनिवार्यताओं से संबंधित जानकारी दी गयी। उल्लेखनीय है कि ‘‘मेरा खेत-मेरी माटी’’ उपयोजना अंतर्गत बलराम तालाब, बायोगैस निर्माण, भूमि समतलीकरण, कूप निर्माण, नर्सरी निर्माण, कृषि उद्यानिकी, कृषि वानिकी, नाडेप निर्माण, वर्मी कम्पोस्ड, पशु शेड़ निर्माण अदि कार्य मनरेगा योजना एवं कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पषुपालन विभाग, व मत्स्य विभाग के अभिसरण से करवाये जाऐंगे।
इसके साथ ही कार्यषाला में उपसंचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ओ.पी.चैरे द्वारा मेढ़ बंधान, भूमि सुधार एवं भूमि समतलीकरण के कार्यो के प्रोजेक्ट किस प्रकार निर्मित किये जावें, बलराम तालाब, आरएमएस, नाडेप व वर्मीकम्पोस्ड के निर्माण व उनकी उपयोगिता से सभी को अवगत कराया गया। उपसंचालक पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशु शेड निर्माण से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गयी। किस प्रजाती के पशुओं के लिए किस प्रकार के आश्रय उचित होते हैं एवं आश्रयों की बनावट एवं उनमें प्रदाय सुविधाओं की जानकारी दी गयी। उद्यानिकी विभाग के श्री जैन द्वारा उद्यानिकी विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं हितग्राहियों को दिये जाने वाले अनुदान, की जानकारी प्रस्तुत की गयी। जिला पंचायत के सहायक परियोजना अधिकारी राजेन्द्र जोषी द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिषन एवं मनरेगा योजना के अभिसरण से हितग्राहियों को होने वाले लाभ के विषय में जानकारी प्रस्तुत की गयी, संचालक मत्स्य पालन विभाग श्री नागले द्वारा नाला बंधान एवं लघु स्टापडेम निर्माण से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की गयी।
कार्यषाला में सभी विभागों के अधिकारियों द्वारा मैदानी अमले के कर्मचारियों को निर्देष दिये गये है कि मेरा खेत-मेरी माटी उपयोजाना के पात्र हितग्राहियों की सूची ट्रांजिट वाॅक कर तैयार करें। उपयोजना अंतर्गत करवाये जाने वाले कार्यों को अनिवार्यतः 26 जनवरी की ग्राम सभाओं में अनुमोदित करवाया जाये। जिससे कि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ प्राप्त हो सके। कार्यक्रम में उपयोजना से संबंधित विभागांे के विभाग प्रमुख, समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मनरेगा अंतर्गत कार्यरत सहायक यंत्री, उपयंत्री, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के मैदानी स्तर के कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में डी.के.दशोरे ने आभार प्रकट किया।
टीप:- फोटो क्रमांक 15011412 से 15011416 मेल की गई हैं।
क्रमांक: 79/2014/79/वर्मा


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