AAPKI JIMMEDARI

AAPKI JIMMEDARI

Saturday, 10 July 2021

नेशनल लोक अदालत सम्पन्न

 नेशनल लोक अदालत सम्पन्न



खण्डवा 10 जुलाई, 2021 -  म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के यथानिर्देशानुसार, एवं जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, श्री एल.डी.बौरासी के मार्गदर्शन में व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खण्डवा के सचिव श्री हरिओम अतलसिया की निर्देशन व जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री चन्द्रेश मण्डलोई के समन्वय से भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार के अनुसार जारी कोविड-19 की गाईडलाईन को ध्यान में रखते हुए शनिवार को खण्डवा जिले में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला न्यायालय खण्डवा में प्रातः 10.30 बजे ए.डी.आर. सेन्टर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खण्डवा में जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्री एल.डी. बौरासी के कर कमलों से दीप प्रज्जवल कर नेशनल लोक अदालत का शुभांरभ किया गया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री रविन्द्र सिहं कुशवाह, जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष श्री रविन्द्र पाथरीकर, विशेष न्यायाधीश श्री पी.सी.आर्य, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खण्डवा के सचिव श्री हरिओम अतलसिया, चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमति किरण सिहं, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्री सुधीर कुमार चौधरी, तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री सूरज सिहं राठौर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री लक्ष्मण कुमार वर्मा, जिला रजिस्ट्रार, श्री विपेन्द्र सिहं यादव, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री राहुल सोनी, श्रीमति नमिता द्विवेदी, सुश्री सौम्या साहू, श्रीमति आयुषी गुप्ता, श्री मनीष रघुवंशी जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री चन्द्रेश मण्डलोइ, जिला अभिभाषक संघ के पूर्व अध्यक्ष श्री अरूण दुबे, बैंक, न्यायालीन कर्मचारीवृद प्रशिक्षित मीडिएटर्स, खण्डपीठ सदस्यगण पैरालीगल वालंटियर्स, विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, सामाजिक कार्यकर्ता, एवं पक्षकारों की उपस्थित रही। शुभारभ के अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एल.डी.बौरासी ने कहा कि ‘‘लोक अदालत पक्षकारों में एकता और भाईचारा बनाए रखने का एक सशक्त माध्यम है, लोक अदालत में ंराजीनामा के आधार पर प्रकरण के समाप्त करने से आपसी कटुता और बुराई समाप्त होती है दोनों पक्षों की जीत होती है कोई नही हारता है। चूंकि कोरोना माहमारी की वजह से लॉकडाउन के दौरान दिसम्बर-2020 के पश्चात् वर्ष 2021 में यह प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश श्री एल.डी.बौरासी द्वारा बताया कि कोरोना काल की इस विषम परिस्थिति काल में भी न्यायालयों  द्वारा विशेष प्रयास एवं सक्षमता से अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से किया गया है जो कि बहुत उत्कृष्ट व सराहनीय कार्य हैं। इसलिए कोविड-19 की गाईडलाईन के अनुसार न्यायालय परिसर में कोरोना संक्रमण के बचाव एवं रोकथाम के उपाय के साथ नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। न्यायालय परिसर में दिनभर में चली लोक अदालत में विद्युत विभाग, बैंक, नगर निगम, आदि के समझौता स्टॉलों पर पक्षकारों की राजीनामा के लिए चर्चा करने के लिए लोक उपस्थित रहें।

       विधिक सेवा संस्था के सचिव श्री हरिओम अतलसिया एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री चन्द्रेश मण्डलोई ने  बताया कि कोविड-19 महामारी के रहते संक्रमण से रोकथाम के उपयों के अन्तर्गत न्यायालय परिसर में आने वाले पक्षकार को सोशल डिस्टेसिंग व मॉस्क के उपयोग के बारे में बताया गया  तथा साथ ही पक्षकारों को वन विभाग की ओर से उपलध कराये गये फलदार पौधों की स्मृति स्वरूप ‘‘न्याय वृक्ष’’ के रूप में पोधें प्रदान किये गये। 

      प्रधान न्यायाधीश श्री रविन्द्र सिहं कुशवाह के कुटुम्ब न्यायालय में तलाक हेतु लंबित प्रकरणों में जिसमें कि पति पत्नि वैचारिक व अन्य मतभेद के चलते प्रथक प्रथक निवासरत् होकर उनका वैवाहिक जीवन तलाक की ओर अग्रसर हो चुका था ऐसे मामलें में सुलह समझाईश के चलते लोक अदालत के माध्यम से प्रकरण का निराकरण कर दम्पत्तियों को न्यायालय परिसर से ही जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एल.डी.बौरासी द्वारा दमपत्तियों को पौधे वितरित कर पुष्यमाला पहनाकर रवाना किया और लोक अदालत खण्डपीठ द्वारा उनके सुखमय जीवन की कामना की गयी। 

      नेशनल लोक अदालत की खण्डपीठ चैक बाउंस व विभिन्न न्यायालयों में एन.एच.डी.सी. के विरूद्ध चल रहे प्रकरणों में सचिव श्री हरिओम अतलसिया एवं एन.एच.डी.सी. के विधिक अधिकारी श्री वीरेन्द्र सिहं एवं अधिवक्ता श्रीमति सुनीता रैवारी एवं अधिवक्ताओं के विशेष प्रयास से प्रकरणों का समझौता आधार पर उल्लेखनीय निराकरण हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, के प्राधिकारियों एवं अन्य अधिकारीगण ने जिला न्यायालय परिसर में बैंक, नगर निगम एवं विद्युत मण्डल की स्टालों पर जाकर पक्षकारों को मार्गदर्शन प्रदान किया तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को पात्र पक्षकारों को राहत पहुॅचाने हेतु छूट दिलाये जाने का निर्दश के साथ-साथ फिजीकल डिसटेसिंग का का दृढता से पालन करने के निर्देश दिये। जिला मुख्यालय खण्डवा सहित तहसील न्यायालयों हरसूद व पुनासा तथा मांधाता(औंकारेश्वर) में भी शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया । 

नेशनल लोक अदालत में प्रयकरणों के निराकरण की संख्यात्मक जानकारी

    कुटुम्ब न्यायालय में कुल 32 वैवाहिक मामलों में समझौता के आधार पर निराकरण हुआ। जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री चन्द्रेश मण्डलोई ने जानकारी दी कि शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में कुल 12 न्यायिक खण्डपीठ द्वारा न्यायालयों में लंबित 311 .प्रकरण का राजीनामा के माध्यम से निराकरण हुआ तथा 742 प्रीलिटगेशन प्रकरणों का निराकरण हुआ। एन.एच.डी.सी. के 22 कुल प्रकरणों में राजीनामा हुआ। निराकरण प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में बैकों के 80 प्रकरण में रूकी हुयी वसूली के रूप में 2348971/-राशि की वसूली हुयी। इसी प्रकार से मोटर दुर्घटना दावा के 21 क्लैम प्रकरणों का निराकरण होकर 8724107/- राशि रूपऐ का अवार्ड पारित हुआ। विद्युत विभाग के न्यायालय में लंबित 58 प्रकरण का निराकरण तथा राशि रूपये 930661/- एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में 189 राशि 1752000/-  व कुल 247 उक्त नेशनल लोक अदालत के माध्यम से 1500 व्यक्ति लांभावित हुए। 

No comments:

Post a Comment