AAPKI JIMMEDARI

AAPKI JIMMEDARI

Saturday, 12 September 2020

गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत प्रवासी श्रमिकों व कृषकों को दिया कौशल प्रशिक्षण

 गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत प्रवासी श्रमिकों व कृषकों को दिया कौशल प्रशिक्षण 

खण्डवा 12 सितम्बर, 2020 - कृषि विज्ञान केन्द्र खण्डवा में गरीब कल्याण रोजगार योजना  अन्तर्गत प्रवासी श्रमिकों व संबंधित कृषकों हेतु कौशल विकास के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। इसके तहत केंचुआ खाद उत्पादन, मुर्गी पालन एवं मशरूम उत्पादन विषयों को कौशल विकास हेतु लिया गया है, जिनसे प्रवासी श्रमिकों व संबंधित कृषक अपनी आय सृजन कर सकें। इन प्रशिक्षणों में मुर्गीपालन के 5, मशरूम उत्पादन व  केंचुआ खाद के 3-3 प्रशिक्षण कार्यक्रम खण्डवा, छैगॉंवमाखन, पंधाना, खालवा एवं हरसूद विकासखण्डों में आयोजित किये जा चुके है, जिनमें अभी तक 599 ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की सहायता से जनपद पंचायत के सभागृह में आयोजित किया जा रहा है। इनमें महिलाओं की भागीदारी पुरूषों से दो गुना है, जबकि कुल प्रशिक्षणार्थीयों में दो तिहाई अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग से थे। जनपद पंचायत हरसूद के हॉल में गत 9 अगस्त को मुर्गी पालन विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आरम्भ वन मंत्री डां. कॅुवर विजय शाह के मुख्य आतिथ्य में हुआ। मंत्री डॉ. शाह ने प्रशिक्षण की जानकारी लेते हुए शासन के इस अहम अभियान से जुड़ने के लिए लाभार्थियों को प्रोत्साहित किया और मुर्गीपालन से आजीविका सुदृढीकरण करने हेतु हर सम्भव सहायता का आश्वासन दिया। मंत्री डॉ. शाह ने आदिवासी क्षेत्र में मुर्गीपालन को आजीविका का सतत स्त्रोत निरूपित किया। 

प्रशिक्षण में वैज्ञानिक डा. सुभाष रावत ने मुर्गीपालन का महत्व, मुर्गियों की प्रजातिया, चूजों की देखभाल, मुर्गीयों का आहार प्रबंधन, बीमारी एवं रोगों की पहचान एवं निदान के साथ-साथ बाजार के अवसर आदि विषय पर विस्तृत पर चर्चा कर की। कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. डी. के. वाणी ने कृषकों को जैविक खेती का महत्व, मुर्गीपालन से जैविक खेती में योगदान व पर्यावरण संरक्षण की बातें बतलाई। डॉ. एम. के. गुप्ता ने कम लागत तकनीक से मुर्गी आहार बनाने की विधि समझाई। इस प्रशिक्षण में ग्राम- बोरीसराय, उण्डेल, पिपलानी, बेडियाव, धनोरा, प्रतापपुरा, पलानीमाल, धारूखेड़ी आदि के कुल 40 कृषक उपस्थित रहें, जिन्होनें भविष्य में मुर्गी पालन के कार्य के गुर सीखे। प्रशिक्षण पश्चात उपस्थित लाभार्थीयों ने पोल्ट्री खोलने व आजीविका का साधन बनाने का संकल्प लिया। 


No comments:

Post a Comment