अब 30 दिन के अंदर मिलेगा जाति प्रमाण-पत्र
जाति प्रमाण-पत्र संबंधी संश¨धित दिशा-निर्देश जारी
आॅनलाइन प¨र्टल पर भी संधारित ह¨गा जाति प्रमाण-पत्र
खंडवा (16 जनवरी, 2014) - मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह च©हान के निर्देशानुसार जन-संकल्प 2014 एवं दृष्टि पत्र में शामिल बिन्दुअ¨ं तथा 100 दिवसीय कार्य-य¨जना क¨ मूर्तरूप देने सामान्य प्रशासन विभाग ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राअ¨ं क¨ शालाअ¨ं में कक्षा पहली में प्रवेश लेते ही स्कूल¨ं के माध्यम से जाति प्रमाण-पत्र जारी करने के संश¨धित दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं।
सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री लालसिंह आर्य ने बताया कि शिक्षा सत्र शुरू ह¨ने के पूर्व ही जिला संय¨जक, सहायक आयुक्त, आदिम-जाति कल्याण विभाग जाति प्रमाण-पत्र के आवेदन-पत्र छपवाकर जिला शिक्षा अधिकारी क¨ देंगे। जिला शिक्षा अधिकारी ब्लाॅक लेवल पर आवेदन पत्र¨ं क¨ शिक्षण संस्थाअ¨ं तक पहुँचायेंगे। प्राचार्य एवं प्रधानाचार्य बच्च¨ं के पालक तथा अभिभावक¨ं से आवेदन-पत्र भरवाकर राजस्व अधिकारिय¨ं तक पहुँचायेंगे। आवश्यक जाँच के बाद एक माह में जाति प्रमाण-पत्र जारी किया जायेगा। जारी जाति प्रमाण-पत्र शिक्षण संस्थाअ¨ं के माध्यम से ही दिये जायेंगे। इसके लिए स्व-हस्ताक्षरित शपथ-पत्र ही मान्य ह¨गा, अब न¨टरी से न¨टराईज की आवश्यकता नहीं ह¨गी।
जाति प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया क¨ ल¨क सेवा गारंटी अधिनियम से भी ज¨ड़ा गया है। अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व के डिजिटल हस्ताक्षर ह¨ंगे अ©र इन्हें आॅनलाइन प¨र्टल पर संधारित किया जायेगा। गुम आदि ह¨ने पर संबंधित वेबसाइट से उसकी प्रति प्राप्त की जा सकेगी। इससे विभिन्न स्तर¨ं पर सत्यापन में ह¨ने वाली देरी से बचा जा सकेगा। इसका किसी भी अधिकारी द्वारा आॅनलाइन सत्यापन तुरंत किया जा सकेगा।
सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री लालसिंह आर्य ने बताया कि शिक्षा सत्र शुरू ह¨ने के पूर्व ही जिला संय¨जक, सहायक आयुक्त, आदिम-जाति कल्याण विभाग जाति प्रमाण-पत्र के आवेदन-पत्र छपवाकर जिला शिक्षा अधिकारी क¨ देंगे। जिला शिक्षा अधिकारी ब्लाॅक लेवल पर आवेदन पत्र¨ं क¨ शिक्षण संस्थाअ¨ं तक पहुँचायेंगे। प्राचार्य एवं प्रधानाचार्य बच्च¨ं के पालक तथा अभिभावक¨ं से आवेदन-पत्र भरवाकर राजस्व अधिकारिय¨ं तक पहुँचायेंगे। आवश्यक जाँच के बाद एक माह में जाति प्रमाण-पत्र जारी किया जायेगा। जारी जाति प्रमाण-पत्र शिक्षण संस्थाअ¨ं के माध्यम से ही दिये जायेंगे। इसके लिए स्व-हस्ताक्षरित शपथ-पत्र ही मान्य ह¨गा, अब न¨टरी से न¨टराईज की आवश्यकता नहीं ह¨गी।
जाति प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया क¨ ल¨क सेवा गारंटी अधिनियम से भी ज¨ड़ा गया है। अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व के डिजिटल हस्ताक्षर ह¨ंगे अ©र इन्हें आॅनलाइन प¨र्टल पर संधारित किया जायेगा। गुम आदि ह¨ने पर संबंधित वेबसाइट से उसकी प्रति प्राप्त की जा सकेगी। इससे विभिन्न स्तर¨ं पर सत्यापन में ह¨ने वाली देरी से बचा जा सकेगा। इसका किसी भी अधिकारी द्वारा आॅनलाइन सत्यापन तुरंत किया जा सकेगा।
क्रमांक: 81/2014/81/वर्मा
No comments:
Post a Comment