AAPKI JIMMEDARI

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Thursday, 16 January 2014

जिले के निःशक्त प्रतिभागियों ने दिल्ली में दिखाया अपना करतब संपूर्ण देश में लोकनृत्य में दूसरा स्थान किया हासिल अपने नृत्य के जौहर से दर्शकों किया कायल सामाजिक न्याय विभाग भारत सरकार द्वारा आयोजित समर्थ-2014 में जिले का नाम किया रौशन केन्द्रीय मंत्री कुमारी सेलजा ने किया पुरस्कृृत

जिले के निःशक्त प्रतिभागियों ने दिल्ली में दिखाया अपना करतब

संपूर्ण देश में लोकनृत्य में दूसरा स्थान किया हासिल

अपने नृत्य के जौहर से दर्शकों किया कायल

सामाजिक न्याय विभाग भारत सरकार द्वारा आयोजित समर्थ-2014 में जिले का नाम किया रौशन

केन्द्रीय मंत्री कुमारी सेलजा ने किया पुरस्कृृत 




 

खंडवा (16 जनवरी, 2014) - कहते है कि प्रतिभा कभी उम्र और हालात की मोहताज नहीं होती। वह कहीं भी, किसी भी स्थिति में अपनी पहचान बना ही लेती हैं। ऐसी ही प्रतिभा के धनी खंडवा जिले के छोटे से गाँव भोजाखेड़ी में मौजूद थी। जिसे कि सामाजिक न्याय विभाग द्वारा जिला स्तर के बाद प्रदेश स्तर पर अपनी योग्यता का प्रदर्शन करने का मौका मिला। जिसके बाद प्रदेश का प्रतिनिधित्व राष्ट्र स्तर पर आयोजित समर्थ-2014 में करने का अवसर जिसमें अपने उम्दा प्रदर्शन के दम पर जिले के भोजाखेड़ी की निःशक्त युवा प्रतिभाएँ विक्रम चौहान, भारत चौहान, नंदराम जामरे, श्याम बामने तथा राधेश्याम पंवार ने मनोज भास्कर के निर्देशन में संपूर्ण राष्ट्र में लोक नृृत्य में दूसरा स्थान हासिल किया।
    जिसकी अधिक जानकारी देते हुए प्रभारी उपसंचालक सामाजिक न्याय राकेश गुप्ता ने बताया कि आज दिल्ली में भारत सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा आयोजित समर्थ 2014 कार्यक्रम में भोजाखेड़ी की युवा प्रतिभाएँ विक्रम चौहान, भारत चौहान, नंदराम जामरे, श्याम बामने तथा राधेश्याम पंवार, मनोज भास्कर के निर्देशन में अपने लोक नृृत्य का प्रदर्शन किया। जिसमें जिले की इस टीम ने दूसरा स्थान हासिल किया। वही प्रथम स्थान पर बोरेगांव मुम्बई की टीम रही। कार्यक्रम में भारत सरकार में सामाजिक न्याय मंत्री कुमारी सेलजा ने टीम को पुरस्कृृत किया। कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी भी उपस्थित थी। 
यह है इनमें खास, हाथ से दिखाते हैं न्त्य के जौहर :- छैगाँवमाखन विकासखण्ड के ग्राम भोजाखेड़ी के रहने वाले आर्थिक रूप से असमर्थ परिवारों में जन्में विक्रम चौहान, भारत चौहान, नंदराम जामरे, श्याम बामने और राधेश्याम पंवार फिल्मी धूनों और लोक संगीत पर अपने हाथों की टप-टप के साथ जब नृत्य करते हैं, तो देखने वाले भी आश्चर्यचकित हो जाते हैं। उनकी इस नृत्य प्रतिभा को सामाजिक न्याय विभाग की पहल के माध्यम से सामने लाने के बाद इसे पहले राज्य स्तर पर सराहना मिलने के बाद अब इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन दम पर यह सफलता हासिल की है।
मदद नहीं अधिकार चाहिये :- बुलंद हौसलों के धनी और अपनी नृत्य प्रतिभा के बल पर प्रदेश के साथ अब देश में अपना नाम रोशन करने वाली यह सशक्त प्रतिभाएँ we want to wright not charity  का संदेश देते हुए कहती है कि हमें अधिकार चाहिये, मदद नहीं।
क्रमांकः 86/2014/86/वर्मा

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