AAPKI JIMMEDARI

AAPKI JIMMEDARI

Tuesday, 4 February 2020

एस.एन.सी.यू. में भर्ती होकर ऊदल व संगीता के बच्चे ने पाया नवजीवन

खुषियों की दास्ताँ

एस.एन.सी.यू. में भर्ती होकर ऊदल व संगीता के बच्चे ने पाया नवजीवन 

खण्डवा 4 फरवरी, 2020 - हरसूद विकासखण्ड की ग्राम बेडियाखाल निवासी संगीता पति ऊदल का समय पूर्व प्रसव पीड़ा होने के कारण उन्हें 108 वाहन द्वारा आषा के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हरसूद में गत दिनों प्रसव के लिए भर्ती किया। संगीता ने गर्भावस्था के सांतवें माह में ही बहुत कम वजन के षिषु जन्म दिया। जन्म के समय संगीता के पुत्र का वजन मात्र 1 किलो 10 ग्राम था। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हरसूद के चिकित्सक डॉ. आषीषराज मिश्रा ने इस नवजात षिषु को जिला अस्पताल खण्डवा की नवजात षिषु गहन चिकित्सा इकाई खंडवा के लिए रैफर किया। 
  बच्चे की स्थिति बहुत नाजुक होने के कारण बच्चे के माता पिता और परिजन परेषान थे, लेकिन नवजात षिषु गहन चिकित्सा इकाई खंडवा आने के पश्चात् डॉ. कृष्णा वास्केल और डॉ. दिनेष पटेल ने सूझबूझ से बच्चे की गहन जांच के उपरांत उपचार प्रारंभ किया गया। षिषु का वज़न भी कम होने के कारण 2 बार 30-30 एम.एल. खून चढ़ाया गया। भर्ती होने के बाद षिषु को सांस लेने में परेषानी व संक्रमण के कारण स्थिति खराब होने लगी। लेकिन चिकित्सकों के मिलकर प्रयास से ऊदल के बच्चे को लगभग 50 दिन तक भर्ती रखकर इलाज के बाद बच्चा स्वस्थ होकर उन्हें 1 फरवरी को डिस्चार्ज कर दिया गया है। अब ऊदल और उसके परिजन बहुत खुष है।  ऊदल बताता है कि पहले तो मैं काफी तनाव में था कि बच्चा शायद ही बच पाये, लेकिन जिला अस्पताल की नवजात षिषु गहन चिकित्सा इकाई बच्चे के लिए वरदान साबित हुई, क्योंकि यहां पर बच्चा पूर्णतः स्वस्थ्य हो गया है और उसकी जान बच गई। 

No comments:

Post a Comment