खुषियों की दास्ताँ
एनआरसी में भर्ती कुपोषित बच्चों की माताओं ने सीखा खिलौने बनाना
माताओं के मनोरंजन के साथ साथ बच्चों के ज्ञानवर्धन का माध्यम बने खिलौने
खण्डवा 4 फरवरी, 2020 - जिला चिकित्सालय खण्डवा स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती माताओं को पेपर व अनुपयोगी वस्तुओं से खिलौने बनाना सिखाया गया। सिविल सर्जन डॉ. ओ.पी. जुगतावत ने बताया कि जिस तरह कुपोषित बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य के लिये पोष्टिक आहार एवं सूक्ष्म पोषक तत्वो आवष्यक होते है, उसी तरह मानसिक विकास के लिए खेल व मनोरंजन भी उपचार में सहायक सिद्ध होते है। चंूकि पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती बच्चेें अक्सर गरीब परिवार एवं पिछडे परिवारों से होते है और अधिकतर माता-पिता इन बच्चों को खेलने हेतु खिलौने उपलब्ध नही करा पाते है जिसके चलते बच्चें बिना खिलौनो के ही बडे हो जाते है। डॉ. जुगतावत ने बताया कि कुपोषित बच्चों की माताओं के लिए पोषण पुनर्वास केन्द्र में समय काटना कठिन होता है। ऐसे में उनके समय का बेहतर उपयोग करने के उद्देष्य से उन्हें बच्चों के लिए मनोरंजक खेल सामग्री तैयार करने का प्रषिक्षण दिया गया। महिलाओं ने खुषी खुषी प्रषिक्षण लिया और पेपर व अनुपयोगी वस्तुओं से खिलौने, मुखौटे, गुडिया, झुनझुने एवं तितली बनाना सीख लिया। डॉ. जुगतावत ने बताया कि पोषण पुनर्वास केन्द्र में बच्चों को रंगों व आवाजों की पहचान करवाना भी सिखाया जा रहा है, ताकि कुपोषित बच्चें धीरे-धीरे अपने सामान्य जीवन की ओर लौट आयें।


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