खुशियों की दास्ताँ
भण्डार गृह बनने से प्रभुलाल को अब मिलने लगा है प्याज का अधिक मूल्य
प्याज भण्डार गृह बनवाने के लिए मिला 1.75 लाख रूपये का अनुदान
खण्डवा 18 जनवरी, 2021 - छैगांवमाखन विकासखण्ड के ग्राम तलवडि़या निवासी प्रभुलाल सोलंकी पिछले कई वर्षो से प्याज व अन्य सब्जियों की खेती कर रहे है। भण्डार गृह की सुविधा न होने से खेत की फसल जैसी की तैसी बाजार में बेचना पड़ती थी। प्रभुलाल बताते है कि बाजार मूल्य कम होता था तो भी फसल इसलिए बेचना पड़ती थी, क्योंकि उसे सुरक्षित रखने की जगह नहीं थी। एक दिन उद्यानिकी निरीक्षक ने प्रभुलाल को बताया कि सरकार की प्याज भण्डार गृह की योजना के तहत 50 मेट्रिक टन क्षमता का गोदाम यदि वह बनवाता है तो उसे 1.75 लाख रूपये का अनुदान भी मिल जायेगा और प्याज रखने के लिए सुरक्षित जगह भी उपलब्ध हो जायेगी।
प्रभुलाल ने भण्डार गृह बनवाने के लिए आवेदन कर दिया। कुछ ही दिनों में भण्डार गृह तैयार हो गया। उसने बताया कि इस वर्ष जब प्याज का उत्पादन हुआ तब प्याज का बाजार भाव बहुत कम था इसलिए उस समय प्याज नही बेची, क्योंकि अब भण्डार गृह तैयार हो गया था। कुछ दिनों बाद प्याज का बाजार भाव बढ़ गया तभी उसने अपनी प्याज बेचकर हर वर्ष की तुलना में लगभग दुगुना लाभ कमाया। प्रभुलाल ने बताया कि लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में वह 120 से 125 क्विंटल प्याज उत्पादन कर लेता है। पहले वह 700 से 800 रूपये क्विंटल दर पर एक सीजन में लगभग 1 लाख रूपये की प्याज बेच लेता था, लेकिन इस वर्ष गोदाम उपलब्ध होने से उसने कुछ दिन प्याज का उत्पादन रोक लिया और बाजार भाव जैसे ही बढ़ गया तो उसने इस वर्ष लगभग 2.50 लाख रूपये की प्याज बेची है। प्याज से दुगुने से अधिक आय होने से प्रभुलाल सोलंकी और उसका परिवार अब बहुत खुश है। प्रभुलाल बताता है कि उसने जब से यह सुना है कि ‘‘आत्म निर्भर भारत योजना के तहत एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम के तहत खण्डवा जिले में प्याज की फसल को चुना गया है‘‘ तो उसकी खुशी दुगुनी हो गई है, क्योंकि अब प्याज का और अच्छा मूल्य मिलेगा, जिससे उसका परिवार और अधिक खुशहाल होगा।
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