‘‘मेरी भी जिम्मेदारी‘‘ कार्यक्रम से आंगनवाड़ी केन्द्रों में उपलब्ध हुए बेहतर संसाधन
लापरवाह कार्यकर्ताओं का वेतन कटा और पद से पृथक भी किया गया
खण्डवा 13 फरवरी, 2020 - खण्डवा में जिला प्रषासन द्वारा ‘‘मेरी भी जिम्मेदारी‘‘ कार्यक्रम के माध्यम से आंगनवाड़ी केन्द्रों में व्याप्त अव्यवस्थाओं तथा असुविधाओं का पता लगाने के लिए बड़ी संख्या में अधिकारी कर्मचारियों की निरीक्षण के लिए ड्यूटी लगाई गई। आकस्मिक निरीक्षण किए जाने से आंगनवाडि़यों की सही सही स्थिति सामने आई। कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल ने जिला पंचायत के सभाकक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए बताया कि एक साथ जिले की सभी 1682 आंगनवाडि़यों का निरीक्षण कराया गया। निरीक्षणकर्ता अधिकारी कर्मचारियों को अचानक ही निरीक्षण हेतु ड्यूटी आदेष भेजे गए, ताकि आंगनवाडि़यों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। निरीक्षण के बाद पाया गया कि कुछ आंगनवाड़ी केन्द्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लगातार अनुपस्थित थी। ऐसी कार्यकर्ताओं को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कार्यवाही प्रस्तावित की गई है। एक दिन के निरीक्षण के बाद बिना किसी सूचना के अनुपस्थित 3 कार्यकर्ता व 3 सहायिकाओं की सेवा समाप्ति की कार्यवाही की गई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका अक्षम पाई गई। ऐसी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को प्रषिक्षण देकर सक्षम बनाया जायेगा। यह प्रषिक्षण फरवरी माह में आयोजित किये जायेंगे।
कलेक्टर श्रीमती सुन्द्रियाल ने बताया कि औचक निरीक्षण के बाद पाया गया कि जिले में 564 आंगनवाड़ी केन्द्र भवन मरम्मत योग्य है। इन भवनों में से 308 विभागीय भवनों की मरम्मत के लिए 3 हजार रू. प्रति केन्द्र के मान से राषि जमा कराई गई है। अन्य 149 भवनों की मरम्मत के लिए भी राषि जमा कराई जा रही है। निरीक्षण के दौरान 608 आंगनवाड़ी भवनों में शौचालय नही पाए गए, जिसमें से 109 भवनों में शौचालय निर्माण हेतु 12 हजार रू. प्रति शौचालय के मान से राषि जमा कराई गई है। आंगनवाड़ी केन्द्रों में दूध वितरण न किए जाने की षिकायत पर 2 सेक्टर सुपरवाइजर्स एवं 5 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का 7-7 दिन का वेतन काटा गया है। आंगनवाड़ी केन्द्रों में पंजी संधारण में लापरवाही बरतनें वाली 111 कार्यकर्ताओं का 7 दिन का वेतन काटने की कार्यवाही की गई है।
कलेक्टर श्रीमती सुन्द्रियाल ने बताया कि कुल 22 केन्द्रों में मेन्यू अनुसार भोजन नही दिया जा रहा था तथा 20 केन्द्रों में पोषण आहार की गुणवत्ता खराब थी, इन सभी के स्वसहायता समूहों के अनुबंध समाप्ति के लिए कार्यवाही की जा रही है। कुल 19 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कुपोषित बच्चों को थर्डमील उनके घर जाकर नही दिया जा रहा था। इन सभी 19 आंगनवाड़ी कार्यकताओं की 7 दिन का वेतन काटने की कार्यवाही की गई है। आयरन फोलिक एसिड की गोलियों वितरण में लापरवाही बरतनें वाली 35 कार्यकर्ताओं का 7 दिन का वेतन काटने की कार्यवाही की जा रही है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि 26 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार के दिन मंगल दिवस नही मनाया। इन सभी 26 कार्यकर्ताओं का 7 दिन का मानदेय काटा जायेगा। साथ ही टेक होम राषन की उपलब्धता न पाए जाने पर 18 कार्यकर्ताओं का मानदेय काटने की कार्यवाही की जायेगी।
No comments:
Post a Comment