16 जनवरी से प्रारंभ होगा विश्व का सबसे बड़ा कोविड टीकाकरण अभियान
खण्डवा 12 जनवरी, 2021 - आगामी 16 जनवरी से भारत में विश्व का सबसे बड़ा कोरोना वैक्सीनेशन अभियान प्रारंभ हो रहा है। इस दौरान प्रदेश में दो वैक्सीन ‘‘कोविशील्ड‘‘ व ‘‘कोवैक्सीन‘‘ को इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति मिली है ये दोनों भारत में ही निर्मित है। इस वैक्सीनेशन के प्रथम चरण में सभी स्वास्थ्यकर्मी, पुलिसकर्मी, रक्षा कर्मी, सफाई कर्मी शामिल होंगे तथा इसके बाद अगले चरण में 50 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों तथा 50 वर्ष से कम आयु के ऐसे व्यक्तियों को टीका लगाया जाएगा, जिन्हें ‘‘को-मॉरबिडिटी‘‘ है अर्थात जो व्यक्ति डाइबिटीज, ब्लडप्रेशर, सांस की बीमारी आदि से ग्रसित हैं।
वैक्सीनेशन की कुल 45 दिन की प्रक्रिया है। पहले डोज एवं दूसरे डोज के बीच 28 दिन का अंतर होगा तथा दूसरे डोज के 14 दिन बाद वैक्सीनेशन का असर होगा। अर्थात इस दौरान कोरोना प्रोटोकाल का पूर्ववत पालन करना है, कोई असावधानी नहीं करनी है। वैक्सीनेशन कार्य की मॉनिटरिंग के लिए ‘‘कोविन‘‘ डिजिटल प्लेटफार्म बनाया गया है। पहला डोज लगते ही टीका लगवाने वाले को एक डिजिटल प्रमाण-पत्र दिया जाएगा, जिसमें अगले डोज की तिथि अंकित होगी। दूसरा डोज लगने के बाद व्यक्ति को फाइनल सर्टिफिकेट मिलेगा। ‘‘कोविन‘‘ पर टीकाकरण की ‘‘रियल टाइम‘‘ एंट्री होगी। कुछ लोग वैक्सीन की विश्वसनीयता को लेकर अफवाह फैला सकते हैं अथवा दुष्प्रचार कर सकते हैं, हमें ऐसी अफवाहों तथा दुष्प्रचार को पूरी तरह नाकाम करना होगा।
‘‘कोविशील्ड‘‘ व ‘‘कोवैक्सीन‘‘ दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। ये दोनों ‘‘इम्यूनोजैनिक‘‘ अर्थात शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले हैं, साथ ही संक्रमण को रोकने वाले हैं। जिन्हें को- मोरबिडिटी अन्य बीमारियां हैं उनके लिए भी वैक्सीन पूर्ण रूप से सुरक्षित है। यह शरीर में रोग से लड़ने के लिए एंटी बॉडीज पैदा करता है। कोरोना संबंधी मदद के लिए ‘‘कोविन‘‘ हेल्प लाइन संचालित रहेंगी। केन्द्रीय हेल्पलाइन का नंबर 1075 तथा राज्य सरकारों की हेल्पलाइन का नंबर 104 होगा।
मध्य प्रदेश में 16 जनवरी को 302 स्वास्थ्य केंद्रों पर कोरोना टीकाकरण प्रारंभ होगा। प्रथम चरण में कोरोना वारियर्स एवं फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीके लगाए जाएंगे, जिनकी संख्या लगभग 4 लाख 16 हजार है। कोरोना टीकाकरण के लिए राज्य नियंत्रण कक्ष और कमांड सेंटर की स्थापना की गई है। साथ ही हर जिले तथा ब्लॉक स्तर पर भी कार्य की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा रहे हैं। कोरोना वैक्सीन के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में राज्य स्तर के स्टोर्स बनाए गए हैं, जहां वैक्सीन प्राप्त करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। वैक्सीन प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर सभी जिला टीका केंद्रों में उसे ले जाने की व्यवस्था भी कर ली गई है। जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नागरिक अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, तथा चयनित निजी संस्थानों में टीकाकरण का कार्य किया जाएगा। प्रदेश में कुल 1149 टीकाकरण स्थल चयनित किए गए हैं। टीकाकरण के लिए इतने ही दल बनाए गए हैं। प्रत्येक दल में 4 वैक्सीनेशन ऑफिसर रहेंगे, जिनमें 2 एएनएम, एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा एक आशा कार्यकर्ता होगी।
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