प्रदेश में संचालित लायसेंसी मदिरा दुकानों के संचालन की नई व्यवस्था लागू
वाणिज्यिक कर विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश
खण्डवा 11 जून, 2020 - राज्य शासन के वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा प्रदेश में अपरिहार्य परिस्थितियों में विभागीय अनुज्ञप्त देशी व विदेशी मदिरा दुकानों के वैकल्पिक संचालन के लिए नई व्यवस्था लागू की है। आबकारी राजस्व सुरक्षित रखने के लिए मदिरा दुकानों का संचालन तात्कालिक विकल्प के रूप में आंशिक अवधि के लिए यह व्यवस्था प्रभावशील होगी। मदिरा दुकानों के लायसेंसों के निरस्त होने तथा उनकी वर्ष 2020-21 की शेष अवधि के लिए पुनर्निष्पादन के बीच लगने वाली समयावधि में राजस्व हित में इस व्यवस्था द्वारा मदिरा दुकानों का संचालन किया जा सकेगा। जिला आबकारी अधिकारी श्री बी.एस. सोलंकी ने बताया कि खण्डवा जिले की 55 देशी मदिरा तथा 19 विदेशी मदिरा की दुकानों के लायसेंस निरस्त होने के कारण इस वित्तीय वर्ष की शेष अवधि हेतु पुर्ननिष्पादन होने तक के लिए मेनूअल निविदा आमंत्रित करने की व्यवस्था की गई है। इस संबंध में विज्ञप्ति तैयार कर जिला आबकारी कार्यालय व कलेक्ट्रेट के सूचना पटल पर चस्पा की गई है। इच्छुक व्यक्ति अधिक जानकारी के लिए जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में कार्यालयीन दिवसों में सम्पर्क कर सकते है।
मदिरा दुकानों का ऐसे होगा चयन
जिला समिति द्वारा मदिरा दुकान संचालन के लिए समूहों का निर्धारण किया जायेगा। इसके लिए वर्ष 2019-20 में निर्धारित एकल समूहों को यथासंभव उसी स्वरूप में रखा जाएगा। इसके पूर्व की अवधि में अथवा 2020-21 में जिस स्थान पर मदिरा दुकान संचालित थी, यथासंभव वहीं संचालित होंगी। इसके लिए संबंधित कलेक्टर द्वारा उन दुकानों का आवश्यकतानुसार अधिग्रहण किया जा सकेगा। आंशिक अवधि के लिए मदिरा दुकानों के संचालन के लिए जारी अनुज्ञप्ति कभी भी निरस्त करने के आदेश देने के लिए कलेक्टर को अधिकृत किया गया है। जिले में किसी भी व्यक्ति को 5 समूह से अधिक एकल समूह, समूह आवंटित नहीं हो सकेंगे। एक व्यक्ति द्वारा पाँच से अधिक समूहों में उच्चतम आफर देने पर चयन की स्थिति में उच्चतम वार्षिक मूल्य वाले 5 समूहों को आवंटन के लिए विचार किया जाएगा।
सुरक्षा राशि एवं अर्नेस्टमनी का निर्धारण
एकल समूह के निविदा आफर देने के पहले एक दिवस के आरक्षित मूल्य के समतुल्य राशि ऑनलाइन जमा कर कोषालयीन चालन अर्नेस्टमनी पर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यह राशि सुरक्षा निधि का भाग होगी। सफल आवेदक को अनुज्ञप्ति जारी होने के पहले सुरक्षा निधि में आरक्षित मूल्य के दो गुना राशि ऑनलाइन चालान बैंक गारंटी के रूप में जमा करना होगा। इस तरह सुरक्षा निधि आरक्षित मूल्य के तीन गुना के बराबर होगी। ठेका अवधि के अंत में सुरक्षा राशि समायोजन अथवा वापसी योग्य होगी। इन शर्तों का उल्लंघन करने पर सुरक्षा निधि राजसात कर ली जायेगी।
आरक्षित मूल्य, दैनिक प्रत्याभूति राशि, ड्यूटी का निर्धारण
किसी भी मदिरा दुकान के लिए प्रचलित वर्ष के लिए प्राप्त वार्षिक मूल्य में 365 का भाग देने पर प्राप्त एक दिन के मूल्य को आरक्षित मूल्य मान्य होगा। इसके विरुद्ध प्राप्त तथा स्वीकृत निविदा दर, ऑफर को मदिरा दुकान के संचालन के लिए दैनिक प्रत्याभूत ड्यूटी की राशि माना जाएगा।
No comments:
Post a Comment