उम्मीदें रंग लाईं, तरक्की मुस्कुराई
प्रदेष में राशन उपभोक्ताओं के लिये अन्तर्राज्यीय पोर्टेबिलिटी व्यवस्था लागू
खण्डवा 8 जनवरी, 2020 - खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि जनवरी 2020 से प्रदेश में राशन उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये ‘‘अन्तर्राज्यीय पोर्टेबिलिटी‘‘ व्यवस्था लागू की जा रही है। इस व्यवस्था में प्रदेश के उपभोक्ता देश के 11 राज्यों आन्ध्रप्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा में भी अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, इन 11 राज्यों के उपभोक्ता मध्यप्रदेश में राशन ले सकेंगे। श्री तोमर ने बताया कि इस योजना में उपभोक्ता राशन पूर्व निर्धारित मात्रा में पूर्व निर्धारित दर गेहूँ 2 रुपये, चावल 3 रुपये और मोटा अनाज एक रुपये प्रति किलोग्राम पर प्राप्त कर सकेंगे।
‘‘वन स्टेट-वन राशन‘‘ योजना
मंत्री श्री तोमर ने बताया कि राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली से अधिकाधिक उपभोक्ताओं को लाभन्वित करने के लिये अक्टूबर 2019 से प्रदेश में ‘‘वन स्टेट-वन राशन‘‘ योजना लागू की है। इस योजना से आज प्रदेश के 117 लाख से अधिक परिवार के साढ़े पाँच करोड़ उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं।
आधार आधारित राशन वितरण व्यवस्था
मंत्री श्री तोमर ने बताया कि माह अक्टूबर, 2019 से प्रदेश में आधार आधारित राशन वितरण व्यवस्था लागू की गई है। इसमें पात्र परिवारों का सत्यापन बायोमेट्रिक के आधार पर किया जाकर राशन वितरण किया जा रहा है। इस व्यवस्था में वृद्धजन, निःशक्तजन को दुकान तक राशन लेने आने में होने वाली कठिनाई को ध्यान में रखकर उनके द्वारा अधिकृत व्यक्ति (नामित)के बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर राशन वितरण की व्यवस्था की गई है। पात्र हितग्राहियों को ई-केवायसी की सुविधा पीओएस मशीन के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इसी तरह, प्रदेश में लगभग 22 हजार ऑनलाईन उचित मूल्य दुकानों पर पात्र हितग्राहियों को किसी अन्य राशन दुकान से भी राशन प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे प्रतिमाह लगभग 2 लाख परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर राशन का वितरण 18 लाख बढ़ाकर 76.93 लाख परिवारों को माह अक्टूबर, 2019 में लाभान्वित किया गया।
शक्कर वितरण
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री ने बताया कि अन्त्योदय अन्न योजना में चिन्हित 16 लाख 39 हजार 993 पात्र परिवारों को मार्च 2019 से 20 रुपये प्रति किलो की दर से एक किलो शक्कर प्रतिमाह वितरण प्रारम्भ किया गया। इस पर राज्य सरकार द्वारा 3 हजार 224 रुपये प्रति टन के मान से अनुदान दिया जा रहा है।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में उचित मूल्य दुकान
उपभोक्ताओं को दूरी की परेशानी से बचाने के लिये प्रत्येक ग्राम पंचायत में उचित मूल्य दुकान खोली गई। नवीन दुकान आवंटन में एक तिहाई दुकानें महिला संस्थाओं को देने का प्रावधान किया गया। नवीन दुकानों की स्थापना के लिये ऑनलाईन आवंटन की व्यवस्था की गई। विगत एक वर्ष में 564 नवीन दुकानों का आवंटन किया गया। उचित मूल्य दुकान संचालन के लिये विक्रेता के लिए मार्गदर्शिका का प्रकाशन किया गया। यह मार्गदर्शिका एक नवम्बर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी 24713 उचित मूल्य दुकानदारों को उपलब्ध कराई गई।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में प्रदेश में विगत एक वर्ष में 18 लाख 78 हजार पात्र परिवारों को कुकिंग गैस कनेक्शन प्रदाय किये गये। अभी तक कुल 71 लाख 39 हजार पात्र परिवारों को गैस कनेक्शन जारी किए गये हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत सरकार ने योजना में नवीन गैस कनेक्शन देने पर रोक लगा दी है।।
राज्य उपभोक्ता हेल्पलाइन
उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य उपभोक्ता हेल्पलाईन का परियोजना प्रभारी, काउंसलर्स द्वारा संचालन किया जा रहा है। उपभोक्ताओं को टोल- फ्री हेल्पलाईन नं.-1800-233-0046 के माध्यम से कार्यालयीन समय सुबह 10.30 से शाम 5.30 बजे के बीच सूचना, सलाह एवं मार्गदर्शन दिया जा रहा है। साथ ही, शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है। गत 1 जनवरी 2019 से 20 नवम्बर 2019 तक प्रदेश में शिकायतों के निराकरण का प्रतिशत 99.78 रहा।
गोदाम-सह-उचित मूल्य दुकान के भवन निर्माण
मंत्री श्री तोमर ने कहा कि समर्थन मूल्य पर उपार्जित खाद्यान्न के भण्डारण स्थल से ही राशन वितरण की व्यवस्था करने पर कार्य किया जा रहा है उन्होंने बताया कि विकासखण्ड स्तर पर 139 चिन्हित स्थानों एवं 76 उपार्जन केन्द्रों पर 500-500 मे.टन क्षमता के गोदाम एवं उचित मूल्य दुकानों के भवन का निर्माण प्रस्तावित है।
निजी गोदाम संचालकों को प्रोत्साहन
श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि निजी गोदाम संचालकों की समर्थन मूल्य पर उपार्जित स्कंद की खरीदी एवं भण्डारण में सहभागिता सुनिश्चित की गई। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर निर्मित हुए। निजी गोदाम संचालकों को दिये जाने वाले किराये में 8 से 18 रुपये तक प्रतिटन प्रतिमाह वृद्धि की गई है, जो पिछले 5 वर्षों में सर्वाधिक है।
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