नदी पुनर्जीवन अभियान के सभी कार्य अगले एक-दो सप्ताह में पूर्ण कर लें - कलेक्टर श्रीमती सुन्द्रियाल
खण्डवा 13 जून, 2019 - आगामी कुछ दिनों में वर्षा की संभावना है। वर्षा प्रारंभ होने के बाद नदी पुनर्जीवन संबंधी कार्य प्रभावित होंगे। अतः नदी पुनर्जीवन अभियान के तहत स्वीकृत सभी कार्य अगले एक-दो सप्ताह में पूर्ण कर लें। यह निर्देश कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में नदी पुनर्जीवन कार्य की समीक्षा बैठक में उपस्थित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक यंत्री, उपयंत्रियों, पंचायत सचिवों व रोजगार सहायकों को दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डी.के. नागेन्द्र भी मौजूद थे। कलेक्टर श्रीमती सुन्द्रियाल ने बैठक में उपस्थित पंचायत सचिवों व ग्राम रोजगार सहायकों को आपसी समन्वय के साथ तेज गति से गुणवत्ता के स्तर को ध्यान में रखकर कार्य करते हुए वर्षा से पूर्व सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी पुनर्जीवन के कार्यो में ग्रामीणों को अधिक से अधिक रोजगार भी मिले और वर्षा का पानी रोकने की संरचनाएं भी तैयार हो यह सुनिश्चित किया जाये।
कलेक्टर श्रीमती सुन्द्रियाल ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी पुनर्जीवन के लिए पहाड़ों पर जो कन्टूर ट्रेंच खोदी गई है उनमें वर्षा का पानी रोकने के लिए बांस एवं अन्य प्रजातियों के पौधे लगाए जायें, ताकि उनकी मदद से मिट्टी का कटाव भी रूके और वर्षा का जल भी बहकर बेकार न जाए। उन्होंने वर्षा रोपण से पूर्व इसके लिए पंचायत सचिवों को आवश्यक प्रशिक्षण दिलाने की आवश्यकता भी बताई। उन्होंने नदी पुनर्जीवन के सभी कार्य मिशन मोड में करने के लिए कहा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नागेन्द्र ने बैठक में कलेक्टर श्रीमती सुन्द्रियाल को बताया कि जिले में नदी पुर्नजीवन कार्यक्रम के तहत पहले चरण में खण्डवा, छैगांवमाखन व पुनासा विकासखण्ड के विभिन्न ग्रामों में पूर्व में बहने वाली ‘‘कावेरी नदी‘‘ को चयनित किया गया तथा दूसरे चरण में हरसूद एवं खालवा विकासखण्ड में विलुप्त हो चुकी रूपारेल नदी का चयन किया गया है। इन दोनों नदियों के आसपास जल स्तर बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए। कावेरी व रूपारेल नदी के पुर्नजीवन के लिए स्वीकृत किए गए जल संरक्षण के कार्यो में स्टॉप डेम, चेक डेम, निस्तार तालाब, पोखर, खेत तालाब, नाला विस्तारीकरण, गली प्लगिंग, गेवियन स्टेªक्चर, कन्टूर ट्रेंच के अनेकों कार्य शामिल है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नागेन्द्र ने बैठक में बताया कि कावेरी नदी की लंबाई 54 किलो मीटर है एवं इस नदी का कैचमेंट एरिया 47091 हेक्टेयर है। उन्होंने बताया कि कावेरी नदी पर नदी पुनर्जीवन अभियान के तहत कुल 619 कार्य स्वीकृत किए गए जिनकी लागत 15 करोड़ 49 लाख 62 हजार रू. है। वर्तमान में स्वीकृत कार्य के विरूद्ध 509 कार्य भौतिक रूप से पूर्ण कर लिये गये है तथा 110 कार्य प्रगतिरत है। इन स्वीकृत कार्यो में 4.36 लाख मानव दिवस रोजगार सृजित होना है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नागेन्द्र ने बैठक में बताया कि एकीकृत पड़त भूमि प्रबंधन कार्यक्रम के तहत नदी पुनर्जीवन अभियान के तहत जिले में कावेरी नदी के साथ साथ रूपारेल नदी का भी चयन किया गया है। जो कि हरसूद व खालवा विकासखण्ड के विभिन्न ग्रामों से होकर बहती थी, लेकिन पिछले कई वर्ष से लगभग सूख चुकी है। रूपारेल नदी के पुर्नजीवन के लिए जनपद पंचायत, हरसूद द्वारा 70 एवं जनपद पंचायत, खालवा द्वारा 173 इस प्रकार कुल 243 कार्य स्वीकृत किए गए है, इन कार्यो की लागत 316.73 लाख रूपये है। नदी पुर्नजीवन अभियान के तहत स्वीकृत कार्यो के पूर्ण होने पर नदी कैचमेंट एरिया में जल स्तर में वृद्धि होगी, जिससे कि निश्चित ही जिले की कावेरी व रूपारेल नदियां पुनर्जीवित होकर कल-कल बहने लगेगी तथा इनमें सालभर पानी भरा रहेगा, जिससे क्षेत्र के गांवों में भूजल स्तर भी बढ़ेगा तथा ग्रामीणों व गांव के पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होगा।
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