अऋणी किसानों को भी दिलायें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ
कलेक्टर श्रीमती नायक ने बैंकर्स को दिये जागरूकता षिविर आयोजित करने के निर्देष
खण्डवा 4 जुलाई, 2016 - प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ जिले के ऋणी, अऋणी तथा कालातीत कृषकों तक पहॅुंचाया जायेगा। इसके साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें पषुपालन के लिए ऋण दिये जायेंगे। किसानों व पषुपालकों को दूध का उत्पादन दुगुना करने हेतु छोटी डेयरी स्थापित करने के लिए 4-5 भैंस क्रय करने के लिए उनके ऋण प्रकरण तैयार किये जायेंगे। कलेक्टर श्रीमती स्वाति मीणा नायक ने इस संबंध मंे जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ए.के. जैन को जुलाई माह में किसान जागरूकता षिविर आयोजित करने के निर्देष दिए है।
जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ए.के. जैन ने बताया कि किसानों को सहकारी समिति का सदस्य बनाकर उन्हंे शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करवाने के लिए 10 जुलाई तक गांव-गांव में जागरूकता अभियान आयोजित करने के निर्देष दिए है। उन्होंने बताया कि किसानों को जागरूक करने के लिए जिले में आगामी 11 से 23 जुलाई तक प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के मुख्यालय पर शिविर भी आयोजित किये जायेंगे। इन कार्यक्रमों का दायित्व राजस्व विभाग, पंचायत विभाग,कृषि विभाग, एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के कर्मचारियों - पटवारी, पंचायत सचिव, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, एवं समिति प्रबंधक को सौपा गया है। सभी तहसीलदारों को शिविरों में उपस्थित रहने के निर्देष दिए गए है। इसके अलावा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अपने अनुविभाग के अंतर्गत जागरूकता अभियान एवं शिविर आयोजन की मॉनिटरिंग करेंगे ।
जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कृषकों के हित में इस खरीफ मौसम से राज्य शासन द्वारा लागू की गई है इसमें अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसलों में से खरीफ फसलों हेतु 2 प्रतिशत एवं रबी फसलों हेतु 1.5 प्रतिशत तथा कपास फसल हेतु 5 प्रतिशत बीमा प्रीमियम देने का प्रावधान किया गया। उन्होंने बताया कि इस बीमा योजना में अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसलों में वर्षा की कमी या विपरित मौसमी परिस्थितियों के कारण बुआई या रोपाई अथवा अंकुरण नष्ट होने का जोखिम शामिल किया गया है। खडी फसल बुआई से कटाई तक की अवस्था में सूखा, सूखा अंतराल बाढ, जलप्लावन, कीट व्याधि, भूस्खलन, प्राकृतिक आगजनी, बिजली गिरना,तूफान ओलावृष्टि, चक्रवात, अंाधी, बवंडर, आदि के कारण उत्पन्न जोखिम की हानि का जोखिम शामिल किया गया है। कटाई के उपरंात खेत में कटी हुई एवं बिना बंधी फेैली हुई फसल के कटाई के 14 दिवस के भीतर चक्रवात,चक्रवाती वर्षा एवं बेमौसम वर्षा के कारण क्षति । जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जैन ने बताया कि क्षेत्रीय आपदा जिसमें ओलावृष्टि, भूस्खलन एवं जलप्लावन के कारण उत्पन्न जोखिम से फसल क्षति को भी फसल बीमा योजना में शामिल किया गया है। यह फसल बीमा योजना ऋणी कृषकों हेतु अनिवार्य होगी अर्थात ऋणी कृषकांे का बीमा वित्तीय संस्थाओं, बैंक, एवं सहकारी समितियों द्वारा स्वतः किया जायेगा किन्तु अऋणी एवं कालातीत ऋणी कृषकों का फसल बीमा स्वेच्छिक आधार पर उनके द्वारा प्रस्ताव पत्र, बीमा प्रीमियम एवं आवश्यक दस्तावेज देने पर हो सकेगा । अऋणी किसानों को फसल बीमा कराने के लिये प्रेरित करने हेतु ही यह जागरूकता अभियान व शिविर आयोजित किये जा रहे है । कलेक्टर श्रीमती नायक ने जिले के अऋणी व कालातीत ऋणी किसानों से फसल बीमा योजना का लाभ लेने की अपील की गई है ।
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