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Sunday, 17 May 2020

सारी वार्ड में भर्ती हुए मरीजो के मृत्यू के बारे में डेथ ऑडिट उपरांत निम्नानुसार बिंदु सामने आए है-

सारी वार्ड में भर्ती हुए मरीजो के मृत्यू के बारे में डेथ ऑडिट उपरांत निम्नानुसार बिंदु सामने आए है-


1. सिंधी कॉलोनी निवासी 90 वर्षीय मरीज दिनांक 14 मई को दोपहर 3 बजे जिला अस्पताल में बुखार, खासी, सास लेने में तकलीफ तथा मानसिक असन्तुलन की शिकायतों के साथ गम्भीर स्थिति में भर्ती हुआ था। उन्हें सारी वार्ड के ICU में दाखिल किया गया उस समय अस्पताल उसका SpO2 (रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा)काफी कम था (78% ) एवं छाती के एक्स रे उपरांत न्यूमोनिया के लक्षण पाए गए थे। ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल अनुसार उन्हें ऑक्सीजन लगाया गया, अन्य ट्रीटमेंट दी गयी परंतु उनके स्थिति में सुधार नही हुआ इस कारण उन्हें intubate कर वेंटिलेटर पर भी लिया गया, परंतु मरीज की अधिक उम्र, मरीज रक्तचाप तथा शुगर से ग्रसित होने के कारण उनकी रोग प्रतिकारक क्षमता कम होने के कारण उनकी इलाज के दौरान दिनांक 16 मई को सुबह 12.10 मिनट पर मौत हुई ।

2.माता चौक निवासी 72 वर्षीय महिला जो कि पूर्व से ही हाई ब्लड प्रेशर, डायबटीज,  किडनी एवं लिवर के रोगों से ग्रसित थी, वह दिनांक 13 मई को दोपहर 12.47 बजे, सास लेने की तकलीफ, कमजोरी, बुखार एवं खासी की शिकायत के बाद जिला अस्पताल के सारी ICU में दाखिल की गई। उसे यह शिकायत दिनांक 9 मई से होना बताया गया। भर्ती के वक़्त मरीज के खून में ऑक्सीजन की मात्रा SpO2 केवल 82% था और उसकी जांच उपरांत, X ray मे न्यूमोनिया,  रक्त में शुगर की मात्रा तथा BP काफी अधिक पाया गया था। मरीज की प्रोटोकॉल के अनुसार ट्रीटमेंट किये जाने उपरांत भी, वृद्धावस्था तथा अन्य बीमारियों के कारण उनकी स्थिति में सुधार नही हुआ तथा इलाज के दौरान उनकी 16 मई को प्रातः 6.30 बजे मृत्यु हुई।

3. छेगावमाखन निवासी 50 वर्षीय महिला दिनांक 13 मई को रात 11 बजे जिला अस्पताल में बुखार, खासी तथा सास लेने की तकलीफ के शिकायत के साथ काफी कमजोर स्थिति में आने पर उसे सारी ICU वार्ड में भर्ती किया गया। मरीज को यह शिकायत पिछले 1 हफ्ते से होना बताया गया। भर्ती के समय उसके रक्त में ऑक्सिजन का प्रतिशत SpO2 केवल 50% पाया गया। जाच उपरांत उसके रक्त में श्वेत रुधिर कणिकाएं की संख्या केवल 3000 पाई गई जबकि सामान्यतः ये 4000-1100 की रेंज में रहती हैं। इस कारण से उसकी रोग प्रतिकारक शक्ति काफी कम होना प्रतीत हुआ। इसके अलावा प्रोटोकॉल अनुसार बाकी जाच में उसे न्यूमोनिया होना कन्फर्म हुआ। प्रोटोकॉल अनुसार उन्हें ट्रीटमेंट मिलने उपरांत भी उनकी स्थिति में सुधार नही आने से उन्हें BIPAP मशीन पर लिया गया। उस उपरांत भी स्थिती में सुधार नही होना पाया गया और मरीज की मृत्यू दिनांक 16 मई को प्रातः 2.55 को हुई।
4,  टैगोर कॉलोनी खंडवा निवासी 32 वर्षीय मरीज दिनांक 9 मई को दोपहर 4.40 बजे जिला अस्पताल में निमोनिया के लक्षण के साथ भर्ती हुआ, जिसको SARI वार्ड में प्रोटोकॉल अनुसार इलाज किया गया। परन्तु दिनांक 15 मई को उसकी स्थिति अचानक बिगड़ने के पश्चात उसे सारी ICU में दाखिल किया गया तथा प्रयासों उपरांत मरीज की स्थिति में सुधार न होने के कारण वेंटिलेटर पर लिया गया। इस पश्चात दिनांक शनिवार व रविवार की मध्यरात्रि में लगभग 12.30 बजे मरीज की इलाज के दौरान मृत्यु हुई।

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