कोरोना पीडि़त के साथ साथ उसके सम्पर्क में आने वाले सभी की होगी जांच
खण्डवा 22 मार्च, 2020 - भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव एवं भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के महानिदेषक प्रो. बलराम भार्गव ने निर्देश जारी किए है कि कोरोना वायरस कोविड-19 से संभावित संक्रमित व्यक्तियों की जॉच के लिए स्वास्थ्य जांच की नई रणनीति के तहत कोरोना के संभावित पीडि़त व्यक्तियों की जॉच तो कराई ही जायेगी साथ ही उनके सम्पर्क में आने वाले लोगों की भी जांच होगी। उन्होंने बताया कि ऐसे सभी व्यक्तियों जोकि विगत 14 दिनों में अंतर्राष्ट्रीय यात्रा से आये हो एवं उन्हें बुखार, कफ, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण हो की कोरोना संक्रमण संबंधी जांच कराई जायेगी। इसके साथ ही कोविड-19 के पॉजिटिव व्यक्तियों केे सतत् संपर्क में रहें व्यक्तियों व उन्हें स्वास्थ्य सेवायें प्रदान कर रहें स्वास्थ्य कर्मियों की भी कोरोना वायरस संक्रमण संबंधी जांच कराई जायेगी। इसके साथ ही ऐसे सभी भर्ती मरीज जो कि गंभीर व सांस की तीव्र बीमारी से ग्रसित हो तथा उन्हें बुखार, और कफ या सांस लेने में परेषानी हो उनकी भी जांच की जायेगी। आईसीएमआर के महानिदेशक प्रो. भार्गव ने बताया कि ऐसे सभी हाईरिस्क व्यक्तियों, जिनमें बीमारी या बीमारी के कोई लक्षण नहीं हैं लेकिन वे यदि सीधे कोविड-19 पॉजिटिव के संपर्क में आये हैं उनका 05 दिन एवं 14 दिनों के भीतर जॉच की जावेगी। साथ ही जो संक्रमित व्यक्ति के साथ एक ही घर में रह रहे हों व ऐसे स्वास्थ्य सेवा कर्मी, जिन्होंने संक्रमित व्यक्ति का विष्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी स्वयं के सुरक्षा हेतु मानक चिकित्सा किट का उपयोग किये बिना स्वास्थ्य परीक्षण किया हो ।
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