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Saturday, 5 January 2019

मिजल्स रूबेला टीकाकरण अभियान के तहत् कार्यशाला सम्पन्न

मिजल्स रूबेला टीकाकरण अभियान के तहत् कार्यशाला सम्पन्न

खण्डवा 5 जनवरी, 2019 - मिजल्स-रूबेला अभियान के तहत् जिले के खण्ड शिक्षा अधिकारियों और महिला बाल विकास विभाग के सभी महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों की संयुक्त कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्विलेंस आॅफिसर डाॅ. आर्थर मेकवान द्वारा मिजल्स रूबेला अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि खण्डवा जिले में मिजल्स रूबेला अभियान 15 जनवरी 2018 से 45 दिन तक चलाया जायेगा। अभियान के दौरान मिजल्स रूबेला वैक्सीन का टीका 9 माह से 15 वर्ष के 4 लाख 24 हजार 810 बच्चों को जिसमें सरकारी एवं प्रायवेट स्कूलों और आंगनवाड़ी केन्द्रों पर दर्ज बच्चों को लगाया जाना है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग का सहयोग अपेक्षित है। कार्यशाला में जिला टीकाकरण अधिकारी डाॅ. अनिल तंतवार, डीएचओ डाॅ. एन.के. सेठिया उपस्थित थे।  
सर्वलेंस आॅफिसर डाॅ. आर्थर ने खण्ड शिक्षा अधिकारी व परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास को बताया कि टीकाकरण के पूर्व शिक्षक पालकों की बैठक लेकर अभियान की जानकारी दी जाये। साथ ही आमंत्रण पत्र सभी पालको को स्कूली बच्चों के माध्यम से भिजवाये जाये। इसी प्रकार महिला बाल विकास की आंगनवाडी कार्यकताओं व आशा के माध्यम से आमंत्रण पत्र बच्चों के माता-पिता को भिजवाये ताकि किं टीकाकरण से कोई भी बच्चा छूटे नहीं। ग्राम में ग्रामीणजनों की बैठक लेकर भी जानकारी दी जावें। मिजल्स एक जानलेवा बीमारी है, जिसमें ग्रषित होने पर बच्चों को दस्त रोग, निमोनिया, कुपोषण और अंधापन जैसे कई रोगों से ग्रषित हो जाता है एवं बच्चों की मृत्यु तक भी हो जाती है और रूबेला बीमारी मुख्यतः 15 वर्ष तक के बच्चों में सर्वाधिक होती है यदि गर्भवस्था के दौरान रूबेला संक्रमित होने जन्मजात दोष के साथ पैदा हो सकता है जैसे- अंधापान, बहरापन, जन्मजात दिल की बीमारी, मानसिक रोग से बच्चा कमजोर पेदा होता है, इन बीमारियों से बचने का एक ही उपाय है बच्चों को मिजल्स-रूबेला वैक्सीन का टीका लगवाया जावें। यह टीका पूर्ण रूप से निःशुल्क है। 

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