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Tuesday, 5 July 2016

अधिकारी मुख्यालय पर बैठकें न लें, बल्कि क्षेत्र का अधिकाधिक दौरा करें

अधिकारी मुख्यालय पर बैठकें न लें, बल्कि क्षेत्र का अधिकाधिक दौरा करें 
साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती नायक ने दिये निर्देष

खण्डवा 5 जुलाई, 2016 - कलेक्टर श्रीमती स्वाति मीणा नायक ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में सभी जिला अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे विकासखण्ड व संकुल स्तर के किसी भी अधिकारी को अपने जिला कार्यालय में न बुलायें, बल्कि जिला अधिकारी स्वयं विकासखण्ड स्तर पर जायें तथा विकासखण्ड अधिकारी अपने क्षेत्र में संकुल स्तर पर जाकर बैठके लंे एवं अधिनस्थ कार्यालयों का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किया जाये कि जिला अधिकारी व खण्ड स्तरीय अधिकारी अपने अपने मुख्यालय पर बैठकें आयोजित न करें, बल्कि क्षेत्र का भ्रमण कर क्षेत्र में ही विकास खण्ड या संकुल स्तर पर बैठकें लें। कलेक्टर श्रीमती नायक ने सभी जिला अधिकारियों को अपने विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी कर्मचारियों की पदस्थापना के मान से क्लस्टर्स बनाने के निर्देष दिए। उन्होंने कहा कि जिला अधिकारी, खण्ड स्तरीय अधिकारी व सुपरवाईजरी अधिकारी कर्मचारियों के मासिक दौरे कार्यक्रम तैयार कर प्रस्तुत करें। उन्होंने संकुल व खण्ड स्तर पर होने वाली विभागीय बैठकों का कार्यक्रम तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देष दिए। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम 3 दिन दौरा करने की हिदायत दी। बैठक में वन संरक्षक श्री एस.एस. रावत, अपर कलेक्टर श्री अनुराग सक्सेना, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती शुचिस्मिता सक्सेना सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद थे। 
जल संरक्षण व जल संवर्द्धन के कार्यो को शीघ्रता से पूर्ण करायें
             कलेक्टर श्रीमती नायक ने कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी , जल संसाधन व उप संचालक कृषि को निर्देष दिए कि जल संरक्षण व जल संवर्द्धन से संबंधित कार्यो को शीघ्रता से पूर्ण करें, ताकि वर्षा का जल व्यर्थ न बहें एवं भूजल स्तर में बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री से कहा कि इस तरह के कार्य 30 जून तक पूर्ण कराने के निर्देष पूर्व में दिये गये थे, लेकिन गत दिनों पुनासा में आयोजित समीक्षा बैठक में कई कार्य अधूरे पाये गये है, अतः इसके लिए दोषी उपयंत्री व सहायक यंत्री के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्तावित की जाये। 
षिक्षकों को किसी भी कार्यालय में संलग्न न करें
            कलेक्टर श्रीमती नायक ने बैठक में सभी एसडीएम , तहसीलदार, जिला षिक्षा अधिकारी व विकास खण्ड षिक्षा अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे अपने कार्यालयों में किसी भी षिक्षक का संलग्नीकरण न करें। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट मंे भी किसी षिक्षक का संलग्नीकरण नही किया जायेगा। यदि किसी कार्यालय में षिक्षकों को संलग्नीकरण किया गया हो तो उसे आज ही समाप्त करें। उन्होंने कहा कि षिक्षकों को केवल स्कूलों में अध्यापन के कार्य में ही लगाये। कलेक्टर श्रीमती नायक ने कहा कि स्कूलों के निरीक्षण के दौरान यदि षिक्षक अनुपस्थित पाये जायेंगे तो संबंधित षिक्षक के खिलाफ तो कार्यवाही होगी ही साथ ही उस स्कूल से संबंधित संकुल प्राचार्य के विरूद्ध भी कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि संकुल प्राचार्य का दायित्व है कि वह अपने क्षेत्र के सभी स्कूलों में नियमित रूप से निरीक्षण कर षिक्षकों की उपस्थिति सुनिष्चित करें। 
सांझा बचपन कार्यक्रम के तहत आंगनवाडि़यों में जनसहयोग से खिलौने प्राप्त करें
          कलेक्टर श्रीमती नायक ने बैठक में जिला षिक्षा अधिकारी व जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास तथा जिला षिक्षा केन्द्र के जिला परियोजना समन्वयक को निर्देष दिए कि सांझा बचपन कार्यक्रम जिले में प्रारंभ किया जाये। इस कार्यक्रम के तहत जिन परिवारों के बच्चे बड़े हो चुके है वे अपने बच्चो के खिलौने अपने पास की आंगनवाड़ी में दान दें ताकि आंगनवाड़ी के बच्चों को खेलने को पर्याप्त खिलौने उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए कोई संस्था या व्यक्ति खिलौने दान देना चाहे तो उनसे भी खिलौने प्राप्त कर लिये जाये। 
शौचालय निर्माण के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करें
          कलेक्टर श्रीमती नायक ने बैठक में अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे स्वच्छ भारत मिषन के तहत घर घर में शौचालय निर्माण कराने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सहकारी समिति के सदस्य, शौर्यदल की महिलाओं, एन.सी.सी. व एन.एस.एस. के विद्यार्थियों, बच्चों की वानर सेना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, जल उपभोक्ता समिति के सदस्यों व आषा कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीणों को शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित करने का अभियान चलाये जाने की आवष्यकता है। उन्होंने कहा कि सक्षम परिवारों को स्वयं के खर्चे से अपने घरों में शौचालय बनाना चाहिए। गरीब परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए आर्थिक मदद दिलाई जायेगी। 
हरियाली महोत्सव के तहत सरकारी कार्यालय परिसरों में कराये जायें पौधरोपण
  कलेक्टर श्रीमती नायक ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देष दिए कि हरियाली महोत्सव के तहत अपने अपने विभाग के जिला कार्यालय परिसरों मंे तथा तहसील व अन्य अधिनस्थ कार्यालयों के परिसर में पौधरोपण करें तथा लगाये गये पौधो की सुरक्षा व सिंचाई की व्यवस्था भी करें। वन संरक्षक श्री रावत ने इस अवसर पर बताया कि शासकीय कार्यालय परिसरों में लगाने के लिए वन विभाग की नर्सरी से निःषुल्क पौधे उपलब्ध कराये जा सकते है। कलेक्टर श्रीमती नायक ने नमामि देवी नर्मदे कार्यक्रम के तहत नर्मदा के तट पर पौधरोपण के लिए भी विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देष जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दिये। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्रों में जहां स्वयं के भवन है तथा बाउन्ड्रीवाल की व्यवस्था है, वहां किचिन गार्डन लगाने की व्यवस्था की जाये। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री राजेष गुप्ता ने बैठक में बताया कि जिले में 933 आंगनवाड़ी केन्द्रों में किचिन गार्डन लगाने का कार्य 20 जुलाई तक कर लिया जायेगा। कलेक्टर श्रीमती नायक ने उपसंचालक उद्यानिकी को किचिन गार्डन के लिए बीज मिनिकिट उपलब्ध कराने के निर्देष दिए तथा कहा कि महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाईजर्स के माध्यम से लगाये गये किचिन गार्डन की प्रगति की जानकारी संकलित कर प्रस्तुत करें। 
उच्च षिक्षा ऋण के लिए कार्यषाला आयोजित करें
       कलेक्टर श्रीमती नायक ने लीड बैंक प्रबंधक को निर्देष दिए कि प्रदेष सरकार द्वारा उच्च षिक्षा के लिए विद्यार्थियों को दिए जाने वाले ऋण से संबंधित योजना के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए कार्यषाला आयोजित करें। इस कार्यषाला मंे एस.एन. कॉलेज, माखनलाल चतुर्वेदी कन्या महाविद्यालय के विद्यार्थियों को बुलाकर उन्हें उच्च षिक्षा ऋण से संबंधित जानकारी देने की व्यवस्था की जायेगी ताकि विद्यार्थी शासन की इस महत्वकांक्षी योजना का लाभ उठा सकें।

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