जिले के विकास को गति देने के लिए 7 समन्वय समितियां गठित
खण्डवा 6 जुलाई, 2016 - प्रदेष सरकार की विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास से बेहतर तरीके से करके जिले के विकास को गति देने के लिए कलेक्टर श्रीमती स्वाति मीणा नायक ने जिला अधिकारियों की 7 अंतर्विभागीय समन्वय समितियां गठित की है। इन समितियों की पहली बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बुधवार को सम्पन्न हुई। कलेक्टर श्रीमती नायक ने बताया कि इन समितियों की बैठक प्रत्येक माह नियमित रूप से की जायेगी। ये समितियां खेती से आय को दुगना करने, षिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने, सड़कों के रखरखाव एवं प्रचलित निर्माण कार्यो की मानिटरिंग, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के क्रियान्वयन, मातृ मृत्यु दर व षिषु मृत्यु दर कम करने तथा कुपोषण निगरानी के लिए गठित समिति तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के संवर्द्धन के उद्देष्य से गठित की गई है।
कलेक्टर श्रीमती नायक ने बताया कि खेती से किसानों की आय दुगुनी करने के लिए गठित समिति में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी के साथ उपसंचालक कृषि, उपसंचालक उद्यानिकी, उपसंचालक पषु चिकित्सा, सहायक संचालक मत्स्य उद्योग, उपायुक्त सहकारिता, जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, लीड बैंक प्रबंधक, जिला प्रबंधक नाबार्ड, कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि महाविद्यालय के एक-एक प्रतिनिधि को शामिल किया गया है। इसी तरह षिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए गठित समिति में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी के साथ जिला षिक्षा अधिकारी, डी.पी.सी., राष्ट्रीय माध्यमिक षिक्षा मिषन के जिला समन्वयक, प्राचार्य डाईट, प्राचार्य षिक्षा महाविद्यालय एवं परियोजना अधिकारी जिला शहरीय विकास अभिकरण को शामिल किया गया है।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गठित समिति में उपपंजीयक सहकारिता, जिला प्रबंधक नाबार्ड, उपसंचालक पषु चिकित्सा, महाप्रबंधक सहकारी बैंक व लीड बैंक मेनेजर को शामिल किया गया है। जबकि सड़को के रखरखाव एवं प्रचलित कार्यो की मानिटरिंग के लिए गठित समिति में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा एवं लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री, महाप्रबंधक ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, महाप्रबंधक सड़क विकास निगम, परियोजना अधिकारी शहरीय विकास अभिकरण एवं आयुक्त नगर निगम को शामिल किया गया है। मातृ मृत्यु दर व षिषु मृत्यु दर घटाने एवं कुपोषण निगरानी के लिए गठित समिति में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सिविल सर्जन, जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला प्रबंधक राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिषन, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास के अलावा जिला चिकित्सालय से एक स्त्री रोग विषेषज्ञ एवं एक षिषु रोग विषेषज्ञ को शामिल किया गया है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के क्रियान्वयन हेतु गठित समन्वय समिति में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी , अपर कलेक्टर, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन, उपसंचालक कृषि, प्रबंधक नाबार्ड, परियोजना प्रषासक आदिवासी विकास को शामिल किया गया है। रोजगार एवं स्वरोजगार संवर्द्धन के लिए गठित समिति में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी, लीड बैंक प्रबंधक, नाबार्ड प्रबंधक, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र, परियोजना अधिकारी शहरीय विकास प्राधिकरण, वन संरक्षक, आयुक्त नगर निगम, सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, आई.टी.आई. व पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य को शामिल किया गया है।
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