डिजिटल इण्डिया सप्ताह में हो रहा है विशेष ग्राम-सभाओं का आयोजन
हर जिले में एक सर्वश्रेष्ठ पंचायत एवं 2 कर्मचारी होंगे पुरस्कृत
खण्डवा 3 जुलाई,2015 - मध्यप्रदेश की सभी ग्राम-पंचायत में डिजिटल इण्डिया सप्ताह में विशेष ग्राम-सभाओं का आयोजन जारी है। इन ग्राम-सभाओं में ग्राम-पंचायतों के कामकाज को आसान बनाने और पारदर्शिता के लिये उपयोग हो रहे सॉफ्टवेयर तथा कम्प्यूटर एप्लीकेशंस के उपयोग की जानकारी गाँव वालों को दी जा रही है। आगामी 7 जुलाई तक सभी पंचायत में बारी-बारी से ग्राम-सभाओं का आयोजन होगा।
ग्राम-सभाओं में ई-पंचायत कार्यक्रम में विकसित सॉफ्टवेयर, लोकल ग्राम डायरेक्टरी (एलजीडी) और एरिया प्रोफाइलर के उपयोग के बारे में बताया जा रहा है। इसके अलावा पंचायतों के काम-काज के लिये उपयोगी एप्लीकेशंस की जानकारी भी दी जा रही है। त्रि-स्तरीय पंचायतों के आंतरिक निधि अंतरण सुविधा के लिये तैयार किये गये पंचायत दर्पण पोर्टल के प्रभावी उपयोग से पंचायतों के वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के बारे में भी गाँव वालों को जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीण अंचलों में स्थापित जन-सुविधा केन्द्रों पर उपलब्ध करवायी जा रही विभिन्न जन-उपयोगी सेवाओं के बारे में भी जागरूकता लायी जा रही है। सरकार द्वारा जन-सुविधा केन्द्रों के माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध करवायी जा रही सुविधाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया भी ग्राम-सभाओं में समझाई जा रही है। इनमें जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, वरिष्ठ नागरिक प्रमाण-पत्र, खसरा, नक्शा और भू-अभिलेख इत्यादि प्रमाण-पत्र शामिल हैं। इसी तरह पंचायतों में स्थापित अल्ट्रा स्मॉल बेंक और पोस्ट-ऑफिस के माध्यम से शासकीय योजनाओं में मिलने वाले सूक्ष्म वित्त (माइक्रो फायनेंस), अनुदान वितरण, मजदूरी और पेंशन भुगतान जैसी नागरिक सुविधाओं का लाभ हासिल करने के तरीकों के बारे में बताया जा रहा है। पंचायत, राज्य और केन्द्र शासन के बीच जानकारियों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया भी बतायी जा रही है। पंचायत द्वारा स्व-सेवाओं तथा करारोपण के लिये लागू सम्पत्ति कर, जल कर, विद्युत शुल्क की वसूली की कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था के बारे में भी जानकारियाँ दी जा रही हैं।
डिजिटल इण्डिया सप्ताह में गाँव वालों को अल्ट्रा स्मॉल बेंकों की कार्य-प्रणाली और वहाँ धन के लेन-देन की प्रक्रिया के बारे में जानकारियाँ दी जा रही हैं। समग्र पोर्टल के जरिये से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी चेतना लायी जा रही है। मोबाइल पर आधारित असेट मेपिंग के बारे में भी ग्रामीणों को जागरूक बनाया जा रहा है। जिन ग्राम-पंचायतों में इंटरनेट की कनेक्टिविटी हो गयी है, वहाँ पंचायतों के सशक्तिकरण और पंचायतों के अधिकार और शक्तियों के संबंध में बनी वीडियो फिल्मों का प्रदर्शन कर पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को प्रेरित किया जा रहा है। सप्ताह के दौरान ग्राम-पंचायतों में आयोजित गतिविधियों के आधार पर हर जिले में एक सर्वश्रेष्ठ पंचायत और महत्वपूर्ण प्रशासकीय भूमिका निभाने वाले दो सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी का चयन कर उन्हें पुरस्कृत करने का फैसला लिया गया है। ग्राम-पंचायतों के निरीक्षण के लिये पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रत्येक जिले के लिये नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये हैं। ये ग्राम-सभाओं में जाकर डिजिटल इण्डिया सप्ताह में होने वाली गतिविधियों का निरीक्षण कर सर्वश्रेष्ठ पंचायत और कर्मचारी का चयन करेंगे।
क्रमांक/29/754/2015/षर्मा
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