खंडवा (04 मार्च 2014) - प्रदेश में ओलावृष्टि से 50 प्रतिशत और उससे अधिक की फसल हानि से प्रभावित किसानों केा उनकी कन्या के विवाह के लिए कन्यादान या निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शिथिलता के के निर्देश मध्यप्रदेश शासन ने जारी किए है।
इस संबंध में कलेक्टर नीरज दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि ओलावृष्टि से प्रभावित परिवार जिनकी 50 प्रतिशत या उससे अधिक फसल हानि हुई है ऐसे प्रभावित किसानों केा उनकी कन्या के विवाह हेतु मुख्यमंत्री कन्यादान योजना या निकाह योजना के अंतर्गत पात्रता के मापदंड 6.1 और 6.2 को शिथिल करते हुए निर्देश जारी किए है। कलेक्टर श्री दुबे ने बताया की उक्त निर्देश के अनुसार प्रभावित परिवार को निम्नानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी-
§ कन्या की गृहस्थी की स्थापना के लिए 16000 रुपए की नगद सहायता।
§ विवाह कार्यक्रम के आयोजन के लिए 3000रुपए।
§ कन्या दाम्पत्य जीवन में खुशहाली के लिए 5 वर्ष तक के लिए 6000 रुपए की सावधि जमा ।
श्री दुबे ने बताया की उक्त सहायता राशि में से 6000 रुपए एवं 3000 रुपए की सहायता राशि कन्या एवं कन्या के पिता या माता या अभिभावक के बैंक खाते के माध्यम से भुगतान की जावेगी।
उन्होंने बताया की उपरोक्त सहायता प्राप्त करने के लिए प्रभावित किसान क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते है। संबंधित अनुविभागीय अधिकारी पत्र द्वारा आवेदनों को सत्यापन उपरांत 50 प्रतिशत या उससे अधिक की फसल हानि की पुष्टि होने पर प्रकरण स्वीकृति हेतु संबंधित पदाभिहित अधिकारी के कार्यालय में भेजा जाएगा। पदाभिहित अधिकारी ऐसे आवेदनों में कन्या पात्रता के मापदंड एवं कन्या विवाह होने की पुष्टि उपरांत विवाह के अधिकत्तम 5 दिन पूर्व अग्रिम रुप से राशि कन्या या उसके पिता या माता या अभिभावक द्वारा दिए गए बैंक खाते में स्वीकृत कर हस्तांतरित की जाएगी तथा विवाह के उपरांत एक सप्ताह के भीतर कन्या के पिता एवं कन्या द्वारा उपयोग की गई राशि , विवाह की पुष्टि हेतु प्रमाण पत्र (विवाह के फोटो सहित) एक पंचनामा के साथ पदाभिहित अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उक्त के अतिरिक्त मुख्यमंत्री कन्यादान योजना या निकाह योजना के पात्रता के अन्य मापदंड यथावत रहेंगे।
कलेक्टर श्री दुबे ने बताया की जिन कन्या या अभिभावकों को एकल विवाह हेतु विवाह सहायता राशि उपलब्ध कराई गई यदि उनके द्वारा दी गई समय सीमा के भीतर राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं विवाह सम्बधी प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराए जाने पर आवेदक को जिस बैंक खाते के माध्यम से राशि उपलब्ध कराई जाएगी,। उस बैंक खाते में अन्य जमा राशि से उपलब्ध कराई गई सहायता वापिस प्राप्त की जाएगी। खाते में राशि न होने की स्थिति में विविध प्रक्रिया से दी गई राशि वसूल की जाएगी। उन्होंने बताया की जिन कन्या या अभिभावक को विवाह सहायता उपलब्ध कराई जाएगी उन्हें इस आशय से संबंधित एक शपथ पत्र आवेदन पत्र के साथ संलग्न की जाएगी। आगे जानकारी देते हुए श्री दुबे ने बताया की सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शिथिल किए गए यह निर्देश 30 जून 2014 के पूर्व जिन कन्याओं का विवाह होना है उनके लिए लागू होंगे।
क्रमांक/20/2014/378/वर्मा
इस संबंध में कलेक्टर नीरज दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि ओलावृष्टि से प्रभावित परिवार जिनकी 50 प्रतिशत या उससे अधिक फसल हानि हुई है ऐसे प्रभावित किसानों केा उनकी कन्या के विवाह हेतु मुख्यमंत्री कन्यादान योजना या निकाह योजना के अंतर्गत पात्रता के मापदंड 6.1 और 6.2 को शिथिल करते हुए निर्देश जारी किए है। कलेक्टर श्री दुबे ने बताया की उक्त निर्देश के अनुसार प्रभावित परिवार को निम्नानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी-
§ कन्या की गृहस्थी की स्थापना के लिए 16000 रुपए की नगद सहायता।
§ विवाह कार्यक्रम के आयोजन के लिए 3000रुपए।
§ कन्या दाम्पत्य जीवन में खुशहाली के लिए 5 वर्ष तक के लिए 6000 रुपए की सावधि जमा ।
श्री दुबे ने बताया की उक्त सहायता राशि में से 6000 रुपए एवं 3000 रुपए की सहायता राशि कन्या एवं कन्या के पिता या माता या अभिभावक के बैंक खाते के माध्यम से भुगतान की जावेगी।
उन्होंने बताया की उपरोक्त सहायता प्राप्त करने के लिए प्रभावित किसान क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते है। संबंधित अनुविभागीय अधिकारी पत्र द्वारा आवेदनों को सत्यापन उपरांत 50 प्रतिशत या उससे अधिक की फसल हानि की पुष्टि होने पर प्रकरण स्वीकृति हेतु संबंधित पदाभिहित अधिकारी के कार्यालय में भेजा जाएगा। पदाभिहित अधिकारी ऐसे आवेदनों में कन्या पात्रता के मापदंड एवं कन्या विवाह होने की पुष्टि उपरांत विवाह के अधिकत्तम 5 दिन पूर्व अग्रिम रुप से राशि कन्या या उसके पिता या माता या अभिभावक द्वारा दिए गए बैंक खाते में स्वीकृत कर हस्तांतरित की जाएगी तथा विवाह के उपरांत एक सप्ताह के भीतर कन्या के पिता एवं कन्या द्वारा उपयोग की गई राशि , विवाह की पुष्टि हेतु प्रमाण पत्र (विवाह के फोटो सहित) एक पंचनामा के साथ पदाभिहित अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उक्त के अतिरिक्त मुख्यमंत्री कन्यादान योजना या निकाह योजना के पात्रता के अन्य मापदंड यथावत रहेंगे।
कलेक्टर श्री दुबे ने बताया की जिन कन्या या अभिभावकों को एकल विवाह हेतु विवाह सहायता राशि उपलब्ध कराई गई यदि उनके द्वारा दी गई समय सीमा के भीतर राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं विवाह सम्बधी प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराए जाने पर आवेदक को जिस बैंक खाते के माध्यम से राशि उपलब्ध कराई जाएगी,। उस बैंक खाते में अन्य जमा राशि से उपलब्ध कराई गई सहायता वापिस प्राप्त की जाएगी। खाते में राशि न होने की स्थिति में विविध प्रक्रिया से दी गई राशि वसूल की जाएगी। उन्होंने बताया की जिन कन्या या अभिभावक को विवाह सहायता उपलब्ध कराई जाएगी उन्हें इस आशय से संबंधित एक शपथ पत्र आवेदन पत्र के साथ संलग्न की जाएगी। आगे जानकारी देते हुए श्री दुबे ने बताया की सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शिथिल किए गए यह निर्देश 30 जून 2014 के पूर्व जिन कन्याओं का विवाह होना है उनके लिए लागू होंगे।
क्रमांक/20/2014/378/वर्मा
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