Thursday, 13 February 2020

एक ही रंग में रंगे जिले के सभी पषु औषधालय

खुषियों की दास्ताँ

एक ही रंग में रंगे जिले के सभी पषु औषधालय
पषु औषधालयों में हुए विकास कार्यो से मिलने लगी है अब बेहतर सुविधाएं

खण्डवा 13 फरवरी, 2020 - जिला स्तरीय रोगी पषु कल्याण समिति की बैठक गत दिनों कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस बैठक में जिले के पषु औषधालयों में विकास कार्यो के लिए राषि स्वीकृत की गई। इस राषि से जिले के सभी पषु औषधालयों में विकास कार्य अब दिखने भी लगे है। उप संचालक पषु चिकित्सा डॉ. के.जी. द्विवेदी ने बताया कि कई वर्षो से रोगी कल्याण समिति की बैठक न होने से पषु अस्पतालों में विकास कार्य रूके हुए थे, लेकिन गत दिनों कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित होने से जिले के पषु चिकित्सालयों में लाखों रूपये के विकास कार्य होने से जिले के पषुपालक अब बहुत खुष हैं। उन्होंने बताया कि रोगी कल्याण समिति द्वारा स्वीकृत राषि से जिले के  पषु चिकित्सालयों में 10 हजार एवं पषु औषधालयों में 7 हजार रू. प्रति पषु अस्पताल के मान से कुल 5.70 लाख रू. व्यय करके पुताई व सफाई का कार्य कराया गया है। जिले के सभी पषु चिकित्सालय एक ही रंग से पुतवाये गए है, जो अत्यंत आकर्षक लगते है। उन्होंने बताया कि पषु चिकित्सालयों मंे अभी तक शेड न होने के कारण वर्षा ऋतु के मौसम में उपचार के लिए परेषानियां आती थी, लेकिन अब शेड निर्माण के बाद बरसात में भी पषुओं का उपचार आसानी से हो सकेगा। पषु शेड निर्माण पर 3 लाख रू. व्यय किए गए है। 
उप संचालक पषु चिकित्सा डॉ. द्विवेदी ने बताया कि सभी 7 विकासखण्डों एवं पोलिक्लिनिक तथा कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र खण्डवा में 5 लाख रू. लागत के कुल 9 कम्प्यूटर प्रिंटर सहित खरीदे गए है। खरीदी का समस्त कार्य जेम पोर्टल के माध्यम से किया गया है। इसके साथ ही सभी पषु चिकित्सालयों में जहां फर्नीचर की कमी थी, वहां पर्याप्त संख्या में कुर्सियां उपलब्ध कराई गई है। पषु औषधालयों में जैव अपषिष्ठ प्रबंधन के लिए प्लास्टिक के 4-4 कन्टेनर प्रदाय किए गए है तथा मध्यप्रदेष प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से पषु औषधालयों का जैविक कचरा के निपटान की व्यवस्था की जा रही है। इस कार्य पर 2.80 लाख रू. व्यय होने की संभावना है। उप संचालक पषु चिकित्सा डॉ. द्विवेदी ने बताया कि जिले के 7 पषु चिकित्सा संस्थानों में पानी की टंकी एवं वॉटर पम्प जेम पोर्टल के माध्यम से खरीद लिए गए है, जिससे वहां आने वाले पषुआंे को पर्याप्त पानी उपलब्ध होने लगा है। उप संचालक पषु चिकित्सा डॉ. द्विवेदी ने बताया कि पागल कुत्तो द्वारा पषुओं को काट लेने पर उन्हें लगाए जाने वाले टीके जिले में उपलब्ध नही थे। कुल 1.15 लाख रू. की लागत से रेविस के टीके क्रय कर लिए गए है, जो कि सभी विकासखण्ड चिकित्सालयों में पषुओं को निःषुल्क लगाये जाने हेतु उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि बांझ पषुओं के उपचार के लिए पषु कल्याण समिति द्वारा गत दिनों 6.50 लाख रू. स्वीकृत किए गए, जिससे प्रत्येक पषु औषधालय पर पषु चिकित्सा बांझपन निवारण के लिए 2-2 षिविर आयोजित किए जायेंगे। आगामी 1 से 31 मार्च तक मिल्क रूट वाले ग्रामों में कुल 130 षिविरों का आयोजन किया जायेगा, इससे पषुओं को बांझपन दूर होगा।

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