Friday, 6 September 2019

मक्का फसल में फाल आर्मी वार्म के प्रकोप से बचने के उपाय

मक्का फसल में फाल आर्मी वार्म के प्रकोप से बचने के उपाय

खण्डवा 6 सितम्बर, 2019 - मक्के की फसल में अधिक यूरिया उपयोग करने से कीट प्रकोप को बढ़ावा मिलता है। उपसंचालक कृषि श्री आर.एस. गुप्ता ने किसानों को सलाह दी है कि वे  मक्का में संतुलित उर्वरक व 5 किलोग्राम जिंक प्रति हेक्टर का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि कीट निगरानी के लिये 5 फेरोमन ट्रेप प्रति एकड़ लगाना चाहिए। मक्का में अंतवर्तीय फसल जैसे अरहर व मूंग लगाना चाहिए। फसल के बीच बीच में टी आकार की लकडि़यां लगाना चाहिए। श्री गुप्ता ने बताया कि शुरूआती अवस्था में नुकसान के लक्षण दिखने पर नीम तेल 1500 पीपीएम प्रति 5 एमएल या 10000 पीपीएम प्रति 2-3 एमएल प्रति लीटर पानी में मिलाकर 15 दिन के अंतराल पर छिड़काव करना चाहिए। अधिक संख्या में वयस्क तितलियों को पकड़ने के लिये फेरोमेट्रेप 15 प्रति एकड़ लगाना चाहिए। जैविक कीटनाशी बेसिलस थुरीजनेंसि 2 ग्राम प्रति लीटर या 400 ग्राम प्रति एकड़ की दर से उपयोग करना चाहिए। फसल की शुरूआती अवस्था में कीटभक्षी फफूंद जैसे मेटाराईजियम एनिसोपली, बिबेरिया, बेसिबियाना फॉरमुलेशन 5 ग्राम प्रति लीटर या 400 ग्राम प्रति एकड़ बुवाई के 15 से 20 दिन बाद उपयोग करना चाहिए। पर्णिया छिड़काव के लिए थायोडिकार्ब 70 डब्ल्यूपी प्रति 400 ग्राम प्रति एकड़ दर से छिड़काव करना चाहिए। इसके अलावा फ्युबैंडामाइड 480 एससी प्रति 60 एमएल प्रति एकड़ या इमामेक्टिन बेन्जोएट 5 प्रतिशत 5 ग्राम प्रति 0.4 ग्राम प्रति लीटर मात्रा का छिड़काव फसल पर किया जा सकता है। इसी तरह स्पायानोसेड 48 एससी प्रति 0.3 एमएल प्रति लीटर अथवा थायोमेथाक्जाम 12.6 प्रतिशत व लेम्डासायहेलोथ्रीन 9.5 प्रतिशत जेडसी प्रति 0.5 एमएल प्रति लीटर या क्लोरोइन्ट्रोनीलीप्रोल 12.5 एससी प्रति 0.3 एमएल प्रति लीटर की दर से भी फसल पर छिड़काव कर फाल आर्मी वार्म से फसल को बचाया जा सकता है।

No comments:

Post a Comment