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Thursday, 11 April 2019

शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण करें और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारें

शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण करें और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारें 

कलेक्टर श्री गढ़पाले ने शिक्षा विभाग की समीक्षा में दिए निर्देश

खण्डवा 11 अप्रैल, 2019 - सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक, संकुल समन्वयक व जन शिक्षक अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों का अधिक से अधिक निरीक्षण करें तथा स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास करें। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर ऐसा हो कि निजी विद्यालयों से विद्यार्थी सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित हो। यह निर्देश कलेक्टर श्री विशेष गढ़पाले ने स्थानीय एम.एल.बी. कन्या उ.मा.वि. के सभाकक्ष में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में उन्होंने गत एक वर्ष में किए गए प्रयासों के बाद सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम में आए उल्लेखनीय सुधार के लिए उपस्थित प्राचार्यो को बधाई दी। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री जे.एल. रघुवंशी, जिला परियोजना समन्वयक श्री नीलेश रघुवंशी, प्राचार्य डाईट श्री संजीव भालेराव सहित शिक्षा विभाग के विभिन्न अधिकारी मौजूद थे। 
बैठक में कलेक्टर श्री गढ़पाले ने डीपीसी श्री रघुवंशी को निर्देश दिए कि सभी जन शिक्षा केन्द्रों में पदस्थ जनशिक्षकों की रेकिंग हर माह नियमित रूप से की जायें तथा अगले माह की पहली तारीख को रेकिंग जारी की जायें। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी व डीपीसी को निर्देश दिए कि अच्छे परीक्षा परिणाम लाने वाले स्कूलों के प्राचार्यो के फोटोयुक्त फ्लेक्स तैयार कर स्कूलों के बाहर तथा जिला व विकासखण्ड स्तर पर प्रदर्शित किए जायें। उन्होंने बताया कि इस बार शासकीय स्कूलों में अच्छे नम्बर प्राप्त करने वाले मैधावी विद्यार्थियों के फोटोयुक्त फ्लेक्स स्कूलों में प्रदर्शित किए गए है। डीपीसी श्री रघुवंशी ने बैठक में बताया कि गत वर्ष साक्षर भारत अभियान के तहत कुल 3 बैच में जिले की 40 हजार से अधिक महिलाएं शिक्षित की गई। राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा खण्डवा जिले में साक्षर भारत अभियान की कक्षाओं की सराहना की गई है तथा इस प्रयोग को पूरे मध्यप्रदेश में लागू करने के निर्देश दिए जा रहे है। कलेक्टर श्री गढ़पाले ने निर्देश दिए कि नेहरू युवा केन्द्र के युवा मण्डल, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अच्छे स्वसहायता समूह तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी साक्षर भारत अभियान के तहत अपने गांव में निरक्षरों को पढ़ाने का कार्य प्रारंभ करें। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम शिक्षा पंजी को अपडेट करने के सर्वे के दौरान ऐसे बच्चों को चिन्हित किया जाये जो कि स्कूल जाने योग्य है, लेकिन स्कूल नही जा रहे है, ऐसे बच्चों को स्कूल में पंजीबद्ध किया जाये। 
बैठक में कलेक्टर श्री गढ़पाले ने कहा कि शिक्षा विभाग की अगली समीक्षा बैठक में खराब परीक्षा परिणाम वाले जन शिक्षक प्रजेन्टेशन दें कि उनके क्षेत्र के स्कूलों की रैंक खराब क्यों रही। उन्होंने कहा कि अब जिले में शिक्षा विभाग की एक्स्पोजर विजिट भी आयोजित की जायेगी, जिसके तहत खराब परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों के शिक्षकों को अच्छे परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों का दौरा कराया जायेगा, ताकि वे इस एक्स्पोजर विजिट के दौरान सीख सके कि किस तरह स्कूल का परीक्षा परिणाम सुधारा जा सकता है। कलेक्टर श्री गढ़पाले ने निर्देश दिए कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश प्राप्त बच्चों का भौतिक सत्यापन कराया जाये तथा यह देखा जाये कि कही निजी स्कूलों ने फीस प्रतिपूर्ति के लिए बच्चों के फर्जी एडमिशन तो प्रदर्शित नही किए है। 

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