Wednesday, 13 February 2019

‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना‘ की मदद से आय बढ़ी,तो परिवार हुआ खुशहाल

खुशियों की दास्तां

‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना‘ की मदद से आय बढ़ी,तो परिवार हुआ खुशहाल 

खण्डवा 13 फरवरी, 2019 - आनंदनगर, खण्डवा निवासी रीना पति सुनील सांवले के लिए अन्त्यावसायी समिति की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना वरदान सिद्ध हुई है। पहले घर में ही सिलाई , कढ़ाई का कार्य करने वाली रीना इस योजना में मिली 3 लाख रूपये की आर्थिक मदद से अब सफल व्यवसायी बनती जा रही है। रीना ने बताया कि उसे लगभग 90 हजार रूपये की अनुदान सुविधा भी मिल गई है, जिससे उसे अब मात्र 2.10 लाख रूपये ही चुकाना है। अन्त्यावसायी की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत मिली आर्थिक मदद से रीना ने आनंद नगर स्थित दीनदयालपुरम में मुख्य मार्ग पर दुकान प्रारंभ कर दी है। दुकान पर रीना व उसका पति सुनील सांवले मिलजुलकर बेग रिपेयर, रेगजीन वर्क, सीट कवर, पर्स निर्माण, सोफा कवर तैयार करने जैसे कार्य करते है। वह बताती है कि बैंक के लोन की मासिक किष्त व अन्य खर्चे निकालकर लगभग 20 हजार रूपये महीने आसानी से बचत हो जाती है, जिससे अपनी 3 छोटी बेटियों के साथ परिवार का पालन पोषण बहुत अच्छे तरीके से हो रहा है। 
रीना ने बताया कि शादी से पहले उसने मायके में सिलाई , कढ़ाई सीख ली थी तथा सिलाई करके वह अपनी छोटी मोटी जरूरतों को पूरा कर लेती थी। शादी के बाद उसने अनुभव किया कि पति सुनील सांवले का भी कोई स्थाई आय का साधन नहीं था। पति सुनील एक रेगजीन की दुकान पर 3 हजार रू. महीने में कार्य करता था, जिससे आर्थिक तंगी बनी रहती थी। घर में तीन बेटियों के जन्म के बाद रीना को आय बढ़ाने की आवष्यकता महसूस हुई तब उसे लगा कि क्यों न वह सिलाई करना प्रारंभ कर दे, जिससे थोड़ा बहुत कमाकर व अपने पति की मदद कर सकती है। वह पति की मदद के लिए सिलाई के व्यवसाय को बढ़ाना तो चाहती थी, लेकिन पूंजी के अभाव में ऐसा नहीं कर पा रही थी। 
 तभी किसी ने रीना को बताया कि अन्त्यवसायी समिति की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के गरीब लोगों को छोटे व्यवसाय प्रारंभ के लिए मदद दी जाती है। चूंकि वह सिलाई जानती थी और पति रेगजीन के सीट कवर व बेग तैयार करने के कार्य में कुशल था इसलिए उसने इसी व्यवसाय के लिए ऋण लेने हेतु आवेदन किया, कुछ दिन बाद उसका कुल 3 लाख रूपये के ऋण का प्रकरण इंडियन बैंक आनंद नगर शाखा से स्वीकृत हो गया है, जिससे दो सिलाई मषीन व शोरूम के लिए फर्नीचर व विक्रय हेतु रेगजीन फोम व अन्य सामग्री खरीदकर व्यवसाय प्रारंभ कर दिया। अब रीना अपने पति सुनील व तीन बेटियों के साथ सुखी जीवन व्यतीत कर रही है तथा प्रदेष सरकार की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का आभार मानती है, जिसने उसे बुरे वक्त में मदद की। 

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