मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना के आदेश जारी
लाभान्वित किसानों को दिये जायेंगे ‘‘किसान सम्मान-पत्र‘‘ व ‘‘ऋण मुक्ति पत्र‘‘
खण्डवा 8 जनवरी, 2019 - राज्य सरकार ने फसल ऋणमाफी योजना स्वीकृत होने के बाद सोमवार को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं। योजनांतर्गत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सिस्टम से राज्य के कोष से राशि पात्र किसान के फसल ऋण खाते में जमा कराई जाएगी। योजनांतर्गत सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा राष्ट्रीयकृत बैंक से फसल ऋण लेने वाले किसानों को अधिकतम 2 लाख रुपये की सीमा तक पात्रतानुसार लाभ दिया जाएगा।
फसल ऋण माफी की पात्रता का आधार
वे सभी किसान, जो 31 मार्च, 2018 की स्थिति में नियमित ऋण खाते में ऋण प्रदाता संस्था द्वारा प्रदाय फसल ऋण की बकाया राशि के रूप में दर्ज हैं तथा जिन किसानों पर 31 मार्च, 2018 में रेग्युलर आउटस्टेंडिंग लोन था और 12 दिसम्बर, 2018 तक जिन्होंने पूर्णतः अथवा आंशिक रूप से लोन चुका दिया है, उन्हें भी योजना का लाभ दिया जाएगा। मध्यप्रदेश में निवासरत किसान, जिनकी कृषि भूमि मध्यप्रदेश में स्थित हो तथा प्रदेश में स्थित ऋण प्रदाता संस्था की बैंक शाखा से अल्पकालीन फसल ऋण लिया हो अथवा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा प्रदत्त अल्पकालीन फसल ऋण लिया हो तथा ऐसे किसान जिनके फसल ऋण रिजर्व बैंक या नाबार्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राकृतिक आपदा होने के कारण पुनर्रस्थापना कर दिये गये हों, वे किसान इस योजना में पात्र होंगे।
अपात्रता की श्रेणी
जिन किसानों ने कम्पनियों या अन्य कॉर्पोरेट संस्थाओं द्वारा प्रत्याभूत ऋण, जो भले ही ऋण प्रदाता संस्थाओं द्वारा ही वितरित किया गया हों, किसानों के समूह द्वारा लिया गया फसल ऋण, फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी अथवा फार्मर प्रोड्यूसर संस्था द्वारा लिया गया फसल ऋण तथा सोना गिरवी रख कर ऋण प्राप्त किया हों, वे कृषक इस योजना से लाभान्वित नहीं होंगे। इसके अलावा इस योजना के तहत सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगरपालिकाव नगर पंचायत व नगर निगम के अध्यक्ष व महापौर, कृषि उपज मण्डी के अध्यक्ष, सहकारी बैकों के अध्यक्ष, केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा गठित निगम, मण्डल अथवा बोर्ड के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष, समस्त आयकर दाता, भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार के समस्त शासकीय अधिकारी, कर्मचारी तथा इनके निगम, मण्डल, अर्धशासकीय संस्थाओं में कार्यरत अधिकारी, चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर अन्य वर्ग के कर्मचारी, भूतपूर्व सैनिकों को छोड़कर रुपये 15,000 प्रतिमाह या उससे अधिक पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनर्स इस योजना योजना का लाभ नही ले सकेगे।
आवेदन की प्रक्रिया
पात्र किसानों को इस योजना के तहत चिन्हित कर उनकी सूची इस माह में ग्राम पंचायत के सूचना पटल पर चस्पा कर दी जायेगी। सूची प्रकाशन के बाद आधारकार्ड सीडेड किसानों सें हरे रंग के आवेदन पत्र तथा गैर-आधारकार्ड सीडेड किसानों से सफेद रंग के आवेदन पत्र ग्राम पंचायत में सूची चस्पा होने के बाद ग्राम पंचायत कार्यालय में ऑफ-लाईन प्राप्त किए जाएंगे। किसानों द्वारा भरे गये हरे, सफेद तथा गुलाबी तीनों किस्म के आवेदन पत्रों की जानकारी दिनांक 26 जनवरी, 2019 को ग्रामसभा की बैठक में दी जाएगी। ऐसे किसान जो 26 जनवरी तक आवेदन पत्र नहीं भर पाये हैं, उन्हें दिनांक 05 फरवरी, 2019 तक ग्राम पंचायत में जमा कराये जाने का समय दिया जाएगा। इस कार्य के लिए ग्राम पंचायत के सचिव या ग्राम रोजगार सहायक के साथ ही जिले के कलेक्टर द्वारा शासकीय कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जायेगी। किसान द्वारा जिस ग्राम पंचायत की सीमा में कृषि भूमि हैं, उस ग्राम पंचायत में ऑफ-लाईन आवेदन पत्र जमा कराया जाएगा। नगरीय क्षेत्र में स्थित कृषि भूमि होने पर संबंधित नगरीय निकाय में आवेदन पत्र जमा कराया जाएगा। प्रत्येक ऑफ लाईन आवेदन पत्र जमा करने की रसीद ग्राम पंचायत या संबंधित नगरीय निकाय द्वारा आवेदक को दी जाएगी। इस योजना में लाभान्वित किसानों को ‘‘किसान सम्मान पत्र‘‘ से सम्मानित किया जाएगा। ऋण मुक्ति प्रमाण-पत्रों एवं किसान सम्मान पत्रों का वितरण सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से किया जाएगा।
No comments:
Post a Comment