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Sunday, 13 June 2021

पार्किंग का काम करने वाला आयुष पाल बना कुश्ती पहलवान

 सफलता की कहानी
पार्किंग का काम करने वाला आयुष पाल बना कुश्ती पहलवान

खण्डवा 13 जून, 2021 - ग्राम जूनापानी पोस्ट रतागढ़ खण्डवा निवासी आयुष पाल अपने मामा दिलीप पाल के पास रहते है। माता -पिता के अलग होने के बाद से आयुष और उनकी माँ, मामा के पास ही रहते है। आयुष की माता सिलाई करती है और आयुष शासकीय चिकित्सालय में ठेकेदार के पास पार्किंग का काम करते है। जो राषि प्राप्त होती जिसमें आयुष अपनी प्रतिदिन डाईट पर खर्च करते है और बाकि घर खर्च हेतु देते है। आयुष कहते है कि उनके अन्दर कुछ करने का जुनून था इसलिये उन्होने 2017 में कुष्ती सिखना प्रारम्भ किया। आयुष सुबह दो से तीन घंटे गुरू गोविन्द सिंह स्टेडियम पर अभ्यास करते है वर्तमान में लॉकडाउन की वजह से अभ्यास बन्द है। आयुष कहते है कि प्रतिदिन 200 रू. डाईट पर खर्च करने चाहिये पर आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण 100 रूपये ही खर्च कर पाते है। आयुष 2017 से कुष्ती सिखना प्रारम्भ किया और 2018 में राज्य स्तर रजत पदक प्राप्त किया उसके पष्चात् पारिवारिक समस्या के कारण कुष्ती पर अधिक ध्यान नहीं दे पाये और घर के काम में लग गये। आयुष को 2 साल बाद लगा कि परेषानी जितनी भी आये पहलवानी नहीं छोड़नी चाहिए। आयुष ने वापस कुष्ती प्रारंभ की और राज्य स्तर पर मेडल प्राप्त किया और आगे भी पहलवानी करना चाहते है ताकि उन्हें खेल में उपलब्धि के आधार पर कोई षासकीय नौकरी मिल सके। उल्लेखनीय है कि आयुष ने 2018 में म.प्र. सब जुनियर प्रतियोगिता बरेली में रजत पदक प्राप्त किया तथा 2021 में सीनियर प्रतियोगिता में रजत पदक प्राप्त किया। आयुष ने स्व. श्री हुकुमचन्द यादव जी स्मृति में आयोजित जिला स्तरीय खण्डवा केसरी प्रतियोगिता में प्रथम वर्ष गोल्ड मेडल द्वितीय वर्ष सिल्वर मेडल एवं तृतीय वर्ष ब्रांज मेडल प्राप्त किया। इस उपलब्धि के लिये आयुष को खेल और युवा कल्याण विभाग जिला खण्डवा द्वारा खिलाडि़यों को प्रोत्साहन योजनांतर्गत खेलवृत्ति प्रदान की गई है। 

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