खुशियों की दास्ताँ
पीपीई किट, सेनेटाइजर व मास्क तैयार कर आत्मनिर्भर हुई महिलाएं
ग्रामीण आजीविका परियोजना के स्वसहायता समूहों की महिलाओं की आय बढ़ी
खण्डवा 10 मार्च, 2021 - पिछले एक वर्ष से कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। खण्डवा जिले में ग्रामीण आजीविका परियोजना के तहत गठित स्वसहायता समूहों की महिला सदस्यों ने अपने गांव में ही सेनेटाइजर, पीपीई किट व मास्क तैयार करने का कार्य शुरू किया, जिसकी वीडियो कान्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भी सराहना कर चुके है। खंडवा तहसील के गांव बडगांव माली के स्वसहायता समूहों की महिलाएं श्रीमती सरस्वती बाई हुकुमचंद मोरे ने अपने साथ अपने परिवार और गांव के दूसरे समूह की महिलाओं को साथ लेकर पीपीई किट तैयार करने का जिम्मा लिया और पूरा भी किया।
सरस्वती बाई ने बताया कि पीपीई किट बनाने के इस कार्य के दौरान कई चुनौतियाँ आई ओर अपने सुरक्षा के साथ कार्य को पूर्ण कर पाना कठिन था पर महिलाओं ने खुद की मेहनत एवम आजीविका मिशन के स्टाफ के सहयोग से कार्य मे सफलता हासिल की। ग्रामीण आजीविका परियोजना की जिला प्रबंधक श्रीमती नीलिमा सिंह ने बताया कि समूह एवम ग्राम संगठन की महिलाओं ने मिलकर अपने जिले के साथ ही मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में समय से पीपीई किट पहुचने का कार्य इस अतिआवश्यक समय मे किया गया । इस कार्य मे सरस्वती बाई की बेटी सोनू मोरे ने पीपीई किट के डेमो बनाने से लेकर प्रबंधन में विशेष सहयोग किया। दीदी के पूरे परिवार को लॉकडाउन में रोजगार मिला। इस कार्य से दीदी एवम दीदी के परिवार को अच्छी आय प्राप्त हुई। ग्राम नोडल अधिकारी श्रीमती अर्पिता डामोर ने बताया कि जब सब जगह कोरोना का भय का माहौल था तब आजीविका मिशन से जुड़ी समूह की दीदियों को हमने इस विशेष कार्य को करने के लिए प्रोत्साहित किया और समूह की दीदियों ने पीपीई किट तैयार कर साबित किया कि गांवों में प्रतिभा बसी है जिनको अवसर एवं प्रोत्साहन की आवश्यकता है।

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