Thursday, 11 February 2021

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने डोंगरगांव की सरंपच श्रीमती रेशम बाई से की चर्चा

 मुख्यमंत्री श्री चौहान ने डोंगरगांव की सरंपच श्रीमती रेशम बाई से की चर्चा
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने किया जल संरचनाओं का लोकार्पण
केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर भी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए



खण्डवा 11 फरवरी, 2021 - केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह एवं केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के साथ वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़कर गुरूवार को जलाभिषेकम् कार्यक्रम में 57,653 जल संरचनाओं का वर्चुअल लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम में और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह सिसोदिया व लोक निर्माण विभाग के मंत्री श्री गोपाल भार्गव भी मौजूद थे। वर्चुअल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने खण्डवा जिले के ग्राम किरगांव में ग्राम पंचायत डोंगरगांव की सरपंच श्रीमती रेशम बाई पति राधेश्याम से चर्चा की। कार्यक्रम में केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा विकास कार्यो के लिए दी गई राशि का मध्यप्रदेश सरकार बेहतर उपयोग कर समय सीमा में कार्य पूर्ण कर लेती है। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने इस अवसर पर कहा कि जलाभिषेक अभियान का शुभारंभ भूजल स्तर में वृद्धि के लिए 2005-06 में मध्यप्रदेश में नीमच जिले से हुआ था।  

डोंगरगांव की सरपंच रेशम बाई से मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किया संवाद

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान को ग्राम डोंगरगांव की सरपंच श्रीमती रेशम बाई ने बताया कि उनके गांव में लगभग 450 जॉबकार्ड धारी है। रेशमबाई ने इस दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान को बताया कि लॉकडाउन में उनके गांव में लगभग 40-50 प्रवासी मजदूर आयें थे, जिन्हें उन्हें रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरी कराई और भुगतान भी किया गया। साथ ही उन्हें साबुन, मॉस्क व सेनेटाइजर की व्यवस्था भी की गई थी। उन्होंने बताया कि नदी पुनर्जीवन के लिए गड्ढा खुदवाकर कटूंर ट्रेंच का निर्माण कराया गया तथा छोटे छोटे तालाब भी बनाए गए। इस पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जल संरचनाओं के निर्माण की प्रशंसा की और बधाई भी दी।

कावेरी नदी के पुर्नजीवन के लिए खण्डवा जिले को मिला सम्मान

उल्लेखनीय है कि जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय जल पुरूस्कार-2019 के खण्डवा जिले की कावेरी नदी को पुनर्जीवित किये जाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए गए सराहनीय कार्य के लिए जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार के मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत द्वारा 11 नवम्बर 2020 को प्रथम पुरूस्कार से सम्मानित किया गया था। कावेरी नदी में वर्षा काल के पश्चात पानी का सतत प्रवाह बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य् शासन से प्राप्तत निर्देश के परिपालन में जिला प्रशासन खण्डवा द्वारा महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत कावेरी नदी को पुनर्जीवित करने का कार्यक्रम फरवरी 2019 से प्रारंभ किया है। जिसमें नदी को पुनर्जीवित करने हेतु रिज टू वैली सिद्धांत के आधार पर बहते हुये जल को रोकने हेतु नदी के केचमेंट में आने वाले 47091 हेक्टेयर क्षेत्रफल को उपचारित करने का कार्य किया गया। 

कावेरी नदी पुर्नजीवन के लिए 3 ब्लॉक्स की 35 पंचायतों में कराये गए जल संग्रहण कार्य

जिला पंचायत खण्डवा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नंदा भलावे कुशरे ने इस दौरान बताया कि कावेरी नदी पुर्नजीवन के लिए वर्ष 2019 से लेकर अब तक जिले की 3 जनपद पंचायते छैगांवमाखन, पुनासा एवं खण्डवा की 35 ग्राम पंचायतो में महात्मा गाँधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, कृषि सिंचाई योजना, वॉटर शेड योजनाओं के तहत 2.64 लाख वृक्षारोपण, कंटूर ट्रेंच 75, चेकडेम 120, लूज बोल्ड्र चेक 350, गेबियन सरंचनाये 45, तालाब 155, खेत तालाब 65, स्टापडेम 85, नाला विस्तारीकरण 250, सोख्ता गढ्डा 130, रिचार्ज पीट 80, डाईक 50 आदि कार्य करवाये गये। इन कार्यों के सुचारू एवं प्रभावी क्रियान्वयन से 35 ग्राम पंचायतो के 53000 परिवारों को रोजगार प्राप्त हुआ है जिससे 17.20 लाख मानव दिवस सृजित हुये है। इस वित्तीय वर्ष में नदी पुर्नजीवन के लिए कराये गए कार्यो में तालाब निर्माण के 390, चेकडेम निर्माण के 183, खेत तालाब 130, स्टापडेम के 75, रिचार्ज पीट के 280, सोख्ता गड्ढा 350, नाला विस्तारीकरण 865, लूज बोल्डर 560, नाडेप निर्माण 340 व 1 लाख वृक्षारोपण शामिल है। 

ये जनप्रतिनिधि व अधिकारी थे कार्यक्रम में उपस्थित

खण्डवा विकासखण्ड के ग्राम किरगांव में आयोजित कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रकला पटेल, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री महेन्द्र सिंह घनघोरिया, एनआईसी के जिला प्रबंधक श्री प्रदीप पाटीदार सहित विभिन्न अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे।   

No comments:

Post a Comment