बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायें, हितग्राहियों को समय पर भुगतान करें
कलेक्टर श्री द्विवेदी ने स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिए निर्देश
खण्डवा 3 सितम्बर, 2020 - कलेक्टर श्री अनय द्विवेदी ने जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायें तथा स्वास्थ्य विभाग से जननी सुरक्षा योजना, पोषण पुनर्वास केन्द्र तथा परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत हितग्राहियों को समय पर भुगतान किया जायें। उन्होंने कहा कि जिन विकासखण्डों में यह भुगतान आज की स्थिति में लंबित हैं वहां के लेखापालों व विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाये। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती अंशुबाला मसीह, सिविल सर्जन डॉ. ओ.पी. जुगतावत सहित स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के विकासखण्ड एवं सेक्टर स्तरीय अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे। कलेक्टर श्री द्विवेदी ने बैठक में पोषण पुनर्वास केन्द्रों की व्यवस्था, कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम, दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम व पुनरीक्षित क्षय नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
पोषण पुनर्वास केन्द्रों में कम बच्चें भर्ती होने पर सी.डी.पी.ओ. व बी.एम.ओ. का कटेगा वेतन
कलेक्टर श्री द्विवेदी ने बैठक में पंधाना विकासखण्ड स्वास्थ्य कार्यक्रमों में कमजोर प्रगति तथा कोरोना नियंत्रण कार्यक्रम में लापरवाही को ध्यान में रखते हुए विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी पंधाना के विरूद्ध विभागीय जांच कायम करने तथा पंधाना के परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोषण पुनर्वास केन्द्रों में शत प्रतिशत क्षमता का उपयोग किया जायें तथा कुपोषित बच्चों का उपचार किया जायें। जिन पोषण पुनर्वास केन्द्रों में जांच के दौरान बच्चें कम भर्ती होना पाये जायेंगे वहां के परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास विभाग के साथ साथ अब विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारियों के वेतन भी काटे जायेंगे। उन्होंने कहा कि पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भर्ती सभी बच्चों का डिस्चार्ज होने के बाद पुनः फोलोअप किया जाये। कलेक्टर श्री द्विवेदी ने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का पंजीयन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जायें तथा गर्भावस्था के दौरान उनका चार बार स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाये। सभी गर्भवती महिलाओं की एचआईव्ही जांच भी सुनिश्चित की जायें।
एएनएम व स्वास्थ्य कार्यकर्ता को पद से पृथक किया जायेगा
बैठक में कलेक्टर श्री द्विवेदी ने निर्देश दिए कि सभी विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी सुनिश्चित करे कि किसी भी गर्भवती महिला की डिलिवरी घर पर न हो, बल्कि शत प्रतिशत डिलिवरी अस्पतालों में ही हो। यदि घर पर डिलिवरी होना पाया जाता है तथा डिलिवरी के दौरान जच्चा या बच्चा की मृत्यु होती है तो वहां की एएनएम व स्वास्थ्य कार्यकर्ता को पद से पृथक किया जायेगा। समीक्षा के दौरान खालवा विकासखण्ड के ग्राम सावखेड़ी में गत दिनों प्रसव के दौरान महिला की मृत्यु होना पाया गया, जिस पर कलेक्टर श्री द्विवेदी ने वहां की कार्यकर्ता व एएनएम को पद से पृथक करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास को निर्देश दिए कि सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार का वितरण का सत्यापन ग्राम पंचायत सचिव से करवाया जाये।
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