Tuesday, 8 September 2020

‘‘राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम‘‘ का आयोजन 28 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक

 ‘‘राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम‘‘ का आयोजन 28 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक

1 से 19 वर्षीय सभी हितग्राही वर्ग को एल्बेंडाजोल कृमिनाषक गोली खिलाई जायेगी  

खण्डवा 8 सितम्बर, 2020 - मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान ने बताया कि कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेष शासन द्वारा समुदाय में समुचित स्वस्थ्य एवं पोषण स्तर बनाये रखने के लिए विभिन्न प्रयास किये जा रहे है। भारत शासन के दिषा-निर्देषानुसार कोविड-19 के दौरान समुदाय स्तर पर समस्त आवष्यक सेवाओं को जारी रखना एवं केम्पैन मोड सर्विस के अंतर्गत 1 से 19 वर्षीय समस्त हितग्राहियों को एल्बेंडाजोल कृमिनाषक गोली खिलाई जायेगी। जिले में 28 सितम्बर से 7 अक्टूबर 2020 तक ‘‘राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम का आयोजन’’ किया जाना है।  कोविड-19 के कारण प्रदेष में विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन संभव न होने की दषा में ‘‘ राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम’’ का क्रियान्वयन समुदाय आधारित गृह भ्रमण रणनीति के माध्यम से किया जायेगा। कार्यक्रम अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के मैदानी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर 1 से 19 की आयु के सभी हितग्राहियों को कृमिनाषन किया जायेगा।   

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चौहान ने बताया कि कृमि से शरीर में प्रतिकुल प्रभाव पड़ते है, कृमि होने से बच्चों के शारीरिक, मानसिक विकास में वृद्धि अवरूद्ध हो जाती है, कृमि कई कारणों से बच्चों के पेट में पहुंच सकते है नगे पैर खेलने, बिना हाथ धोये खाना खाने, खुले में शौच करने, साफ सफाई ना रखने से होते है। कृमि होने से खून की कमी (एनीमिया) कुपोषण, भूख न लगना थकान और बेचैनी, पेट में दर्द मिलती, उल्टी और दस्त आना, मल से खून आना, आदि हानिकारक प्रभाव हो सकते  है । बच्चों को कृमि नाशक गोली खिलाने से कई तरह के लाभ होते है खून कमी में सुधार आना, बेहतर पोषण स्तर, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ना, स्कूल और आंगनवाड़ी केन्द्रों में उपस्थिति बढ़ना तथा सिखने की क्षमता में सुधार लाने में मदद करती है। 

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