बाहरी राज्य व जिले से आये श्रमिकों को मनरेगा योजना अन्तर्गत दिया गया रोजगार
खण्डवा 15 मई, 2020 - महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनान्तर्गत लॉकडाउन के दौरान जिले की 422 ग्राम पंचायतो में पर्याप्त मात्रा में रोजगार उपलब्ध कराये जाने के लिए जल संरक्षण, जलसंवर्धन कार्य जैसे पोखर तालाब , निस्तार तालाब परकोलेशन टेंक , खेत तालाब , चेक डेम , स्टॉपडेम, कन्टूर ट्रेंच, लूज बोल्डर, नाला विस्तारीकरण एवं अन्य हितग्राही मूलक कार्य प्रारंभ किये गये। वर्तमान में जिले में मनरेगा योजनान्तर्गत 75939 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रोशन सिंह ने बताया कि बलडी विकासखण्ड में 2605, छैगांवमाखन विकासखण्ड में 12904 , हरसूद विकासखण्ड में 4701, खालवा विकासखण्ड में 22934, खण्डवा विकासखण्ड में 8365 , पंधाना विकासखण्ड में 14879 एवं पुनासा विकासखण्ड में 9551 मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बाहरी राज्य से जिले में 11150 मजदूरों को भी मनरेगा योजनान्तर्गत रोजगार उपलब्ध कराया गया है। मनरेगा योजनान्तर्गत कार्यरत श्रमिको को 1 अप्रैल 2020 से प्रचलित मजदूरी दर 190 रूपये के मान से 6 करोड़ 21 लाख रूपये मजदूरी का भुगतान किया गया है, जिससे की लॉकडाउन जैसी विकट परिस्थिति में मजदूरो की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के बचाव हेतु श्रमिकों के बीच सामाजिक दूरी का ध्यान रखा जा रहा है तथा कार्य स्थल पर श्रमिको के हाथ धोने हेतु पानी, साबुन की व्यवस्था की गई है। साथ ही श्रमिको की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाये जाये जाने हेतु आयुष विभाग द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे त्रिकटू चूर्ण काढ़ा मनरेगा योजनान्तर्गत कार्यरत श्रमिको को कार्य स्थल पर ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुये पिलाया जा रहा है। इसके साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में आयुष विभाग द्वारा ग्रामीणों के लिये त्रिकटू चूर्ण काढ़े के लिए घर - घर जाकर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कि निश्चित ही कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हो सकेगी। जलसंरक्षण के प्रारंभ इन कार्यों के पूर्ण होने के पश्चात् सकारात्मक परिणाम स्वरूप जलसंरक्षण में वृद्धि एवं पर्यावरण में भी सुधार देखने को मिलेगा।


No comments:
Post a Comment