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Thursday, 18 July 2019

जनप्रतिनिधि भी खाद्यान्न, पोषण आहार व मध्यान्ह भोजन वितरण की मॉनिटरिंग करें - अध्यक्ष श्री आर.के. स्वाई

जनप्रतिनिधि भी खाद्यान्न, पोषण आहार व मध्यान्ह भोजन वितरण की मॉनिटरिंग करें - अध्यक्ष श्री आर.के. स्वाई

म.प्र. राज्य खाद्य आयोग की बैठक सम्पन्न 





खण्डवा 18 जुलाई, 2019 - मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में गुरूवार को आयोग के अध्यक्ष श्री आर.के.स्वाई की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस दौरान आयोग के सदस्य श्रीमती स्नेहलता उपाध्याय, वीरसिंह चौहान, श्रीमती दुर्गा डाबर, श्री किशोर खण्डेलवाल, श्री गोरेलाल अहिरवार के साथ साथ महापौर श्री सुभाष कोठारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हसीना बाई भाटे, कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल, जिला आपूर्ति अधिकारी श्री आर.के. शुक्ला, नगर निगम आयुक्त श्री हिमांशु सिंह सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि व जिला अधिकारीगण भी मौजूद थे। बैठक में आयोग के अध्यक्ष श्री स्वाई ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों के तहत वर्ष 2017 में मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग का गठन किया गया था। आयोग द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्र में पोषण आहार वितरण, स्कूलों में मध्याह्न भोजन वितरण तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से खाद्यान्न वितरण तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रोत्साहन राशि वितरण की स्थिति की समीक्षा की जाती है। 
आयोग के अध्यक्ष श्री स्वाई ने बैठक में कहा कि सरकार गेहूं, चावल 1 रू. प्रतिकिलो दर पर उपलब्ध कराती है, जबकि इससे कई गुना अधिक कीमत पर खरीद की है। खाद्यान्न पर सब्सिडी के रूप में सरकार के अरबों रूपये खर्च होते है। अतः यह जरूरी है कि इस बात की समीक्षा की जाये कि वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न, पोषण आहार व मध्यान्ह भोजन का वितरण सही ढंग से हो रहा है कि नही तथा यह सामग्री पात्र लोगों को ही मिल रही है कि नही। इसी उद्देश्य से आयोग की बैठक नियमित रूप से विभिन्न जिलों में होती है। आयोग के अध्यक्ष श्री स्वाई ने जनप्रतिनिधियों व पंचायत पदाधिकारियों से अपील की कि वे भी अपने गांव के स्कूल, आंगनवाड़ी व उचित मूल्य की दुकानों पर मध्यान्ह भोजन पोषण आहार व खाद्यान्न वितरण पर नजर रखें तथा यदि कोई अनियमितता पाई जाये तो उसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से करें। 
आयोग के अध्यक्ष श्री स्वाई ने कहा कि यदि कोई स्वसहायता समूह मध्यान्ह भोजन व पोषण आहार का वितरण सही ढंग से नही कर रहा है तथा समूह के अध्यक्ष व सचिव का निर्वाचन नियमित रूप से नही हो रहा है तो उस समूह को इस कार्य से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने जिला आपूर्ति अधिकारी श्री शुक्ला को निर्देश दिए कि पूरक पोषण आहार व मध्यान्ह भोजन के लिए गेहूं व चावल अच्छी किस्म के प्रदाय किए जाये, क्योंकि बच्चे अच्छा पोषण आहार करेंगे तभी वे स्वस्थ्य रहेंगे। आयोग के अध्यक्ष श्री स्वाई ने जिला आपूर्ति अधिकारी से कहा कि वे अपने सेल्समेन की बैठक लेकर उन्हें यह निर्देश दे कि पात्र व्यक्ति को खाद्यान्न लेने में कोई परेशानी न आए यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि यदि किसी वृद्धजन का अंगूठा थम्ब इम्प्रेशन मशीन से मेच नही होता है तो उसे खाद्यान्न देने से सेल्समेन मना नही कर सकता बल्कि हर माह 16 से 21 तारीख के बीच संबंधित व्यक्ति के परिवारजनों के अंगूठे या उगलियों को मेच कर या कोई अन्य दस्तावेज के आधार पर पहचान कर उसकी प्रविष्टी निर्धारित पंजी में करके उस व्यक्ति को खाद्यान्न अवश्य दिलाया जाये। आयोग के अध्यक्ष श्री स्वाई ने कहा कि नागरिकों को इस बात के लिए प्रेरित किया जाये कि यदि वे गरीब नही है तो सब्सिडी वाले खाद्यान्न का स्वैच्छा से त्याग करें। 
बैठक में कलेक्टर श्रीमती सुन्द्रियाल ने बताया कि लोक सेवक एप के माध्यम से आंगनवाड़ी केन्द्रों में बटने वाले थर्ड मील की फोटो सहित मॉनिटरिंग प्रतिदिन की जा रही है। जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि जिले के स्कूलों में मध्यान्ह भोजन तैयार करने वाले सभी 1563 स्वसहायता समूहों को गैस चूल्हा व कनेक्शन दिया जा चुका है। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अंशुबाला मसीह ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार गर्भवती हुई 30 हजार महिलाओं के खाते में प्रोत्साहन राशि के रूप में 5-5 हजार रू. का भुगतान किया जा चुका है।

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